×

DM की अनोखी पहल: अब किसान के खेत से सीधे गौ-संरक्षण केंद्रों पर जाएगी पराली

बढ़ते प्रदूषण के मद्देनजर खेतों में पराली जलाने को लेकर सरकार सख़्त है। कार्यवाही से किसानों से लेकर समूचा विपक्ष नाराज है। लेकिन यहां स्मृति ईरानी के संसदीय क्षेत्र में डीएम अरूण कुमार ने नई पहल किया जिससे किसानों के चेहरों पर मुस्कान आ गई है।

Aditya Mishra
Updated on: 12 Dec 2019 7:08 AM GMT
DM की अनोखी पहल: अब किसान के खेत से सीधे गौ-संरक्षण केंद्रों पर जाएगी पराली
X
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • koo
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • koo
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • koo

असगर

अमेठी: बढ़ते प्रदूषण के मद्देनजर खेतों में पराली जलाने को लेकर सरकार सख़्त है। कार्यवाही से किसानों से लेकर समूचा विपक्ष नाराज है। लेकिन यहां स्मृति ईरानी के संसदीय क्षेत्र में डीएम अरूण कुमार ने नई पहल किया जिससे किसानों के चेहरों पर मुस्कान आ गई है।

डीएम ने निर्देश दिया है कि किसानों के खेतों से फसलों के अवशेष इकट्ठा करके इसे जिले में संचालित 31 अस्थाई गौसरक्षण केन्द्रों तक पहुंचाया जाए।

[video width="640" height="352" mp4="https://newstrack.com/wp-content/uploads/2019/12/AMETHI-2.mp4"][/video]

ये भी पढ़ें...अमेठी डीएम का मृतक के भाई के साथ अभद्रता करते वीडियो वायरल, मचा बवाल

31 अस्थाई गौ-संरक्षण केन्द्रो तक पहुंचाई जाएगी पराली

मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) प्रभुनाथ ने ब्रीफ करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश के बाद प्रदूषण से बचने के लिए प्रत्येक जिले में पराली ना जलाने को लेकर टीम गठित की गई थी।

इस क्रम में पराली जलाने वाले किसानों पर अब तक अमेठी के अलग-अलग थाना में मुकदमा भी पंजीकृत हुआ है। इससे किसानो में नाराजगी थी। इसके लिए जिले के डीएम ने बैठक कर बीच का रास्ता निकाला।

डीएम ने किसानो को समस्या से निजात दिलाने के लिए निर्देश दिया कि प्रशासन किसानों पर कार्रवाई करने के बजाय उनकी पराली को इकट्ठा कराकर उन्हें गौ संरक्षण केंद्रों पर पहुंचाने का काम करें।

ये भी पढ़ें...सेक्स रैकेट: अमेठी पुलिस ने होटल में मारा छापा, 3 कपल्स को किया गिरफ्तार

एक सप्ताह में खेतों से ख़ाली होगी पराली

सीडीओ ने बताया कि जिले के 13 ब्लाकों के प्रत्येक ग्राम पंचायतों में एक सप्ताह में अभियान चलाकर खेतों से पराली को इकट्ठा कराया जाएगा।

उन्होंने बताया कि इसके लिए जिला स्तर पर जिला स्तरीय अधिकारी जैसे कृषि अधिकारी, राजस्व विभाग के अधिकारी के साथ संबंधित तहसील क्षेत्रों के लेखपालों को भी जिम्मेदारी दी गई है। सीडीओ ने बताया कि इससे दो फायदे होंगे, एक तो किसानों का खेत भी खाली हो जाएगा और दूसरा गौशालाओं में यह चारे के आधार पर काम आ जाएगा।

ये भी पढ़ें...जाने किस मुद्दे को लेकर अमेठी में सक्रिय हुई कांग्रेस?

Aditya Mishra

Aditya Mishra

Next Story