किसी मुख्यमंत्री ने विपक्ष को ऐसे नहीं लताड़ा होगा

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के अवसर पर यूपी विधानसभा के विशेष सत्र में विपक्ष की नामौजूदगी को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष को जमकर लताड़ा। उन्होंने कहा कि यह एक अच्छा अवसर था। इसमे गरीबों के विकास के लिए एक अच्छी चर्चा हो सकती थी, लेकिन जिन्होंने 15 साल तक गरीबों को शोषण किया।

लखनऊ: राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के अवसर पर यूपी विधानसभा के विशेष सत्र में विपक्ष की नामौजूदगी को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष को जमकर लताडा। उन्होंने कहा कि यह एक अच्छा अवसर था। इसमे गरीबों के विकास के लिए एक अच्छी चर्चा हो सकती थी, लेकिन जिन्होंने 15 साल तक गरीबों को शोषण किया और उनके नाम पर वोट पाए वह उन्हे सत्ता में गरीबों का आना कैसे अच्छा लग सकता है। क्योंकि विकास उनकी प्रवृत्ति में नही है उन्हे तो जातिवाद और परिवारवाद पर सत्ता का सुख भोगना ही पसंद है।

देश की ऐसी पहली विधानसभा जिसमें लगातार 36 घंटे सदन की कार्यवाही होनी है उसकी कार्यवाही आज सुबह 11 बजे शुरूआत हुई। इस दौरान संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना संयुक्त राष्ट्र संघ में उठाए गए प्रस्तावों को रखा जिस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चर्चा शुरू की।

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उन्होंने कहा कि विपक्ष अभी जातिवाद और परिवारवाद से पूरी तरह से उबर नहीं पाया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष जब गरीबों की बात करता था तो उस समय संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास के लक्ष्यों के प्रयासों की बात करता था। उस समय कहा था इसमें सदन की बडी भूमिका हो सकती है तब इस पर विपक्ष ने भी अपनी सहमति जताई थी।

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस की तरफ इशारा करते हुए कहा कि जिन्होंने गांधी जी के नाम पर वर्षो राज्य किया और आज महात्मा गांधी की 150 जयन्ती पर सदन का बायकाट करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की इच्छा थी कि देश की आजादी के बाद कांग्रेस को खत्म कर दिया जाना चाहिए। महात्मा गांधी की इस इच्छा को जनता ने लोकसभा चुनाव में पूरा कर दिया।

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नेता सदन योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2019 के लोकसभा चुनाव में अब जातिवाद और परिवारवाद का खात्मा हो चुका है जिसके कारण विपक्ष तिलमिलाया हुआ है। विपक्ष सच्चाई से मुंह मोडना चाह रहा है।