कोरोना वायरस: बिना मास्क व सैनिटाइजर के शिक्षक जांचेंगे बोर्ड की कापियां

माध्यमिक शिक्षा परिषद प्रयागराज बोर्ड परीक्षा की कॉपियों के मूल्यांकन में लगाए गए डिप्टी हेड व सहायक परीक्षकों को कोरोना वायरस से बचाने के लिए मास्क, सैनिटाइजर व हैंडवाश की डिमांड की गई है। लेकिन स्वास्थ्य महकमे ने हाथ खड़े कर लिए हैं।

फ़ाइल फोटो

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कन्नौज: माध्यमिक शिक्षा परिषद प्रयागराज बोर्ड परीक्षा की कॉपियों के मूल्यांकन में लगाए गए डिप्टी हेड व सहायक परीक्षकों को कोरोना वायरस से बचाने के लिए मास्क, सैनिटाइजर व हैंडवाश की डिमांड की गई है। लेकिन स्वास्थ्य महकमे ने हाथ खड़े कर लिए हैं। विभाग का तर्क है कि उनके पास इस तरह का कोई आदेश नहीं आया है।

शहर स्थित केके इंटर कॉलेज मूल्यांकन केंद्र के उपनियंत्रक बीके श्रीवास्तव ने बताया कि उन्होंने सीएमओ को पत्र भेजकर कहा है कि 16 से 25 मार्च तक बोर्ड परीक्षा की कॉपियां जांची जाएंगी। इस समय कोरोना वायरस चल रहा है।

इससे बचने के लिए 700 मास्क, सैनिटाइजर व सैनिटाइजर स्प्रे व अन्य आवस्यक वस्तुओं की व्यवस्था की जाए। इसी तरह एसबीएस इंटर कॉलेज के उपनियंत्रक एमसी पाल ने सीएमओ को पत्र भेजकर कहा है कि सभी 1206 परीक्षकों व डिप्टी हेड के लिए मास्क, हैंडवाश व सैनिटाइजर जो भी कोरोना वायरस से बचाने के लिए सहायक हो, उपलब्ध कराया जाए।

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क्या बोले सीएमओ

सीएमओ डॉ. कृष्ण स्वरूप ने बताया कि सैनिटाइजर पर्सनल यूज के लिए है। इसके स्थान पर साबुन व पानी रखा जा सकता है। मूल्यांकन केंद्र पर मास्क व सैनिटाइजर उपलब्ध कराने के लिए उनके पास कोई आदेश नहीं आया है। उनके पास इस तरह का बजट नहीं है। मूल्यांकन केंद्र के पास अगर बजट है तो वह व्यवस्था करें। हम यह वस्तुएं खुद खरीदते हैं।

क्या कहते हैं डीएम

डीएम राकेश मिश्र ने बताया कि मूल्यांकन केंद्र पर मास्क का कोई मतलब नहीं है। यह तभी जरूरी है जब कोई कोरोना वायरस आदि से प्रभावित हो या इलाज कर रहा हो। हर आदमी नहीं लगाएगा।

शिक्षकों ने मूल्यांकन स्थगित रखने की उठाई मांग

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश मंत्री श्रीकृष्ण यादव ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मूल्यांकन कार्य को 22 मार्च तक के लिए स्थगित करने की मांग हुई है।

कोरोना वायरस को देखते हुए महामारी घोषित हो गया है। जानलेवा संक्रमण से बचने के लिए सभी स्कूल-कॉलेज भी 22 तक बंद है। प्रदेश मंत्री ने कहा कि एक मीटर दूरी पर बैठक शिक्षकों के लिए मूल्यांकन करना असंभव है। अधिक शिक्षक होंगे और जगह का अभाव रहेगा।

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