इस बार कुछ इस अलग तरीके से रामनगरी में मनाया जाएगा दीपोत्सव

त्योहारों का सीजन शुरू हो गया है। सभी ने दुर्गापूजा व विजयदशमी को बहुत ही अच्छे तरीके से मनाया। लेकिन अब बारी है दीपों के त्योहार दिवाली की, जिसकी तैयारी बड़ी जोरो-शोरो से चल रही है।

अयोध्या: त्योहारों का सीजन शुरू हो गया है। सभी ने दुर्गापूजा व विजयदशमी को बहुत ही अच्छे तरीके से मनाया। लेकिन अब बारी है दीपों के त्योहार दिवाली की, जिसकी तैयारी बड़ी जोरो-शोरो से चल रही है। आपने हर जगह की दिवाली के बारे में सुना होगा लेकिन क्या आपने रामनगरी अयोध्या के बारे में सुना या देखा है। अगर नहीं देखा तो आज हम आपको बतातें हैं यहां कि भव्य दीपावली के बारे में। इस बार कुछ अलग ही तरीके की दिवाली मनाई जाएगी रामनगरी में। सिर्फ अयोध्या में ही नहीं बल्कि राम की पैड़ी पर तीन दिन तक हर घर में दीये जलाएं जाएंगे।

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मतलब 24, 25 और 26 अक्टूबर को अयोध्या को जगमग करने के लिए प्रशासन और लोगों ने पूरी तैयारी कर ली है। इस बार गुप्तारघाट, भरतकुंड समेत अयोध्या के 13 प्रमुख मंदिरों में तीन दिनों तक हर दिन 5001 दीये जलेंगे। इसके अलावा अयोध्या के सभी 10 हजार मंदिरों और घरों में भी दीये जलाए जाएंगे। जिला प्रशासन, अयोध्या नगर निगम और शहर के बड़े शैक्षणिक संस्थान इस मुहिम में जुट गए हैं। यहां के लोगों को यह भी उम्मीद है कि दिवाली से पहले मंदिर पर 18 अक्टूबर को आने वाले फैसले से भी बड़ी खुशी मिल सकती है। ऐसे में दिवाली में अयोध्या के लोगों को दोहरी खुशी का तोहफा मिल सकता है।

सीएम योगी ने यूपी का सीएम बनने के बाद अयोध्या में दीपोत्सव कार्यक्रम की शुरुआत की थी। यह साल-दर-साल और वृहद होता जा रहा है। इस बार सिर्फ यह राम की पैड़ी तक सीमित नहीं रहेगा। इस बार इसे पूरे जिले में मनाया जाएगा। अयोध्या नगर निगम के मेयर ऋषिकेश उपाध्याय ने बताया कि ‘अयोध्या को त्रेता युग जैसा सजाने की तैयारी है।’ यानी वैसी रोशनी करनी है, जैसी त्रेता युग में भगवान श्रीराम के लंका विजय कर अयोध्या लौटने पर हुई थी। दीपोत्सव कार्यक्रम को अयोध्या के गुप्तारघाट से लेकर भरत जी की तपस्थली नंदीग्राम तक फैलाया जा रहा है।

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वॉलंटियर बनेंगे 5000 से ज्यादा स्टूडेंट्स, जलाएंगे दीये

अवध विश्वविद्यालय के कुलपति मनोज दीक्षित ने बताया कि इस बार यूनिवर्सिटी और उससे जुड़े सभी कॉलेजों के स्टूडेंट्स वॉलंटियर कर रहे हैं। ये सभी स्टूडेंट्स पूरे जिले के हर घर में जाकर दीये जलाने के लिए लोगों को प्रेरित करेंगे और दीये जलाने में मदद करेंगे। वॉलंटियर बनने के लिए अब तक 5 हजार बच्चों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। अवध विश्वविद्यालय के कुलपति मनोज दीक्षित ने बताया कि इस बार कुल चार लाख दीये जलाने का कार्यक्रम है। इस बार पिछले साल से ज्यादा दीये जलाने का रिकॉर्ड बनाने की तैयारी है। हालांकि दीयों की संख्या के बारे में अभी तक प्रशासन की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। लेकिन यह जरूर माना जा रहा है कि तीन दिनों में इतने दीये तो जल ही जाएंगे।

पांच देशों की रामलीला मंडली करेंगी प्रदर्शन

अयोध्या के दीपोत्सव में पांच देशों की रामलीला मंडलियों को बुलाया गया है। जिनमें मॉरिशस, थाईलैंड, इंडोनेशिया, सूरीनाम और नेपाल जैसे देश शामिल है। इन देशों की रामलीला मंडलियां अपनी शैली में रामलीला का मंचन करेंगी। इसके अलावा देश के विभिन्न कोनों से करीब 32 सांस्कृतिक दलों का कार्यक्रम होगा। पिछले साल करीब 25 सांस्कृतिक दल आए थे। इसके अलावा श्रीलंका से भी विभिन्न प्रकार के कलाकार आएंगे। चित्रकला प्रदर्शनी भी लगेगी। इनमें भगवान राम के जीवन का चित्रण किया जाएगा।

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13 बड़े मंदिरों में तीन दिल लगातार जलेंगे 5001 दीये

अयोध्या नगर निगम के मेयर ऋषिकेश उपाध्याय ने बताया कि इस बार कनक भवन, हनुमान गढ़ी, दशरथ महल, मणिराम दास छावनी, छोटी देवकाली, गुप्तारघाट, भरतकुंड समेत जिले 13 बड़े मंदिरों में 24 से लेकर 26 अक्टूबर तक हर शाम 5001 दीये जलाए जाएंगे। इसके अलावा जिला प्रशासन ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों, शिक्षकों और बच्चों के जरिए कार्यक्रम को सफल बनाने की योजना तैयार की गई है। लोगों को अवगत कराने के लिए घोषणाएं की जा रही हैं। बहुत सी समाजसेवी संस्थाएं भी सामने आ रही हैं, जो दीपोत्सव को बड़ा और अद्भुत बनाने की मुहिम से जुड़ी हुई हैं।