वृक्षारापेण के लिए एक सप्ताह में एक्शन प्लान दें विभागीय अधिकारी: सुशील कुमार

बैठक में वुक्षरोपण के लक्ष्य को पूरा करने, गंगा में नालों के द्वारा कचरा गंगा पानी को रोकने तथा पर्यावरण को स्वच्छ बनाये रखने के लिये नगर पालिका के अधिकारियों व सम्बंधित अधिकारियों से चर्चा की गयी।

मीरजापुर: जिलाधिकारी सुशील कुमार पटेल ने बुधवार को कलेक्ट्रेट में जिला वृक्षारोपण समिति, जिला पर्यावरण एवं जिला गंगा समिति की बैठक आहूत की गयी। बैठक में वुक्षरोपण के लक्ष्य को पूरा करने, गंगा में नालों के द्वारा कचरा गंगा पानी को रोकने तथा पर्यावरण को स्वच्छ बनाये रखने के लिये नगर पालिका के अधिकारियों व सम्बंधित अधिकारियों से चर्चा की गयी।

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25 करोड़ पौधों को लगाने का लिया फैसला

इस बैठक में जिलाधिकारी ने जानकारी देते हुये बताया कि शासन द्वारा उत्तर प्रदेश में इस वर्ष में 25 करोड पौधे रोपित किये जाने का निर्णय लिया गया। जिसमें वन विभाग के द्वारा 10 करोड व अन्य 26 विभागों के द्वारा 15 करोड पौधे रोपित किये जायेगे। उन्होंने कहाकि लक्ष्य को पूरा करने के लिये विभाग वार आवंटन भी कर दिया गया है।

सभी विभागीय अधिकारी अधिकारी अपनी कार्ययोजना एक सप्ताह के अन्दर बना कर प्रभागीय वनाधिकारी कार्यालय में उपलब्ध करा दें। उन्होंने वृक्षारोपण हेतु चयनित स्थल, वहां पर खोदे गये गड्ढो की संख्या उपलब्ध करा दें।

जिलाधिकारी ने कहा कि स्थन चयन कर गडढा खोदने की कार्यवाही प्रारम्भ करा दें ताकि समय पर पौध को रोपित कर लक्ष्य की पूर्ति की जा सके। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी विभाग अपनी-अपनी तैयारियां पूर्ण कर एक सप्ताह के अन्दर कार्ययोजना उपलब्ध करा दें तथा ड्ढा खोदने का कार्य प्रारम्भ् करवा दें।

प्रभागीय वनाधिकारी ने बताया कि रोपित की जाने वाली पौधों में मुख्यतः सागौन, शीशम, सहजन, अमरूद, जामुन, इमली, आँवला, शरीफी, बैर, नीम, महुआ, पीपल, पाकड, बरगद, बेल, करौंदा, आम, नीबू, बडहल, कटहल, चिलबिल आदि के पौध वन विभाग की नर्सरी से उपलब्ध कराये जायेगें।

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गंगा प्रदूषण के नालो व सीवरों की होगी मरम्मत

जिलाधिकारी ने जिला गंगा समिति की बैठक में गंगा प्रदूषण विभाग से नालो के सीवर के मरम्मत व निर्माण के बारे में विस्तृत जानकारी लिया तथा निर्देशित किया कार्ययोजना उपलब्ध करायें। जिसमें बताया कि जिले में 27 प्रमुख नालों 06 नालों मल्टी प्लान्ट कार्य गंगा प्रदूषण प्लांट में ले जाया जा रहा हैं।

शेष 12 नालों का प्रोजेक्ट नमामि गंगे विभाग के द्वारा स्वीकृति हो गया हैं। शासन से स्वीकृति आदेश प्राप्त होते ही कार्यवाही प्रारम्भ कर दी जायेगी। जिलाधिकारी ने सभी नगर पालिकाओं के अधिशासी अधिकारियों से कहाकि नगर के नालों का गंदा व कचरा वाला पानी गंगा में न जायें इसके लिये नालों पर मुहाने पर लोहे की जाली लगायी जायें तथा वहां पर इकट्ठा कचरा को हटा कर अन्यत्र निस्तारण किया जायें।जिलाधिकारी ने इसके लिये सभी ईंओ से कार्ययोजना देने का निर्देश दियां।

इस बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अविनाश सिंह, प्रभागीय वनाधिकारी चौधरी, मुख्य विकास अधिकारी डा ओपी तिवारी आदि अधिकारी उपस्थित रहे।

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रिपोर्ट: बृजेन्द्र दुबे