सॉरी मम्मी-पापा: ईमानदार महिला अधिकारी ने की आत्महत्या, भ्रष्टतंत्र का ऐसा दबाव

अधिशासी अधिकारी ने सुसाइड नोट में लिखा है, ‘सॉरी भैया, सॉरी मम्मी पापा” । दिल्ली बनारस हर जगह से खुद को संभालकर आ गई, लेकिन यहां आकर मेरे साथ बहुत छलावा हुआ ।’

Published by SK Gautam Published: July 8, 2020 | 6:28 pm
Modified: July 8, 2020 | 6:31 pm

बलिया: मनियर नगर पंचायत की अधिशासी अधिकारी मणि मंजरी राय नगर पंचायत में घपलेबाजी का विरोध करने के कारण पड़ रहे दबाव का सदमा बर्दाश्त नही कर पायी । उसके आत्महत्या करने के मामले में पुलिस ने आज मनियर नगर पंचायत अध्यक्ष सहित पांच लोगों के विरुद्ध आत्महत्या करने के लिए प्रेरित करने के आरोप की धारा में मुकदमा दर्ज कर लिया है । इस मामले में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के ट्वीट के बाद आज सियासत गरमा गई है ।

मनियर नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी मणि मंजरी राय के आत्महत्या करने के मामले में आखिरकार न्यूजट्रैक का विश्लेषण सटीक साबित हुआ । मृतिका के भाई द्वारा आज दर्ज कराए गये मुकदमा से स्पष्ट हो गया कि कर्मठ व ईमानदार पीसीएस महिला अधिकारी भ्रष्ट तंत्र की बलिबेदी पर भेंट चढ़ गई । उसके भाई ने अपने शिकायत में महिला अधिकारी के उपर भ्रष्ट कार्यो को लेकर पड़े दबावों का सिलसिलेवार हवाला दिया है ।

मंजरी राय की अधिशासी अधिकारी के पद पर पहली नियुक्ति

बलिया शहर कोतवाली में, गाजीपुर जिले के भांवरकोल थाना क्षेत्र के कनुवान ग्राम के रहने वाले विजया नन्द राय की शिकायत पर मनियर नगर पंचायत अध्यक्ष भीम गुप्ता, टैक्स लिपिक विनोद सिंह, EO संजय राव  व कम्प्यूटर ऑपरेटर अखिलेश के साथ ही दो अन्य के विरुद्ध भारतीय दंड विधान की धारा 306 ( आत्महत्या करने के लिए प्रेरित करना ) में आज मुकदमा दर्ज किया गया है । विजया नन्द राय ने शिकायत में उल्लेख किया है कि उसकी बहन मणि मंजरी राय की अधिशासी अधिकारी के पद पर बलिया जिले में पहली नियुक्ति रही है ।

गलत तरीके से टेंडर व भुगतान करवाने के लिये दबाव

नगर पंचायत अध्यक्ष, कुछ कर्मचारी तथा कुछ ठेकेदार गलत तरीके से टेंडर व भुगतान करवाने के लिये दबाव बना रहे थे । वह इसका विरोध कर रही थी । इससे वह लोग उससे सख्त नाराज रहते थे । इसी के चलते उनकी बहन ने जिलाधिकारी से मिलकर तीन महीने के लिए जिला मुख्यालय पर सम्बद्ध करा लिया था । नगर पंचायत मनियर में कार्यभार संभालने के बाद बिना उसकी जानकारी के चेयरमैन भीम गुप्ता , टैक्स लिपिक विनोद सिंह व कम्प्यूटर ऑपरेटर अखिलेश द्वारा उसकी बहन का फर्जी हस्ताक्षर कर शासन से पैसा मंगाया गया । इसकी जानकारी होने पर उसकी बहन ने विरोध किया था ।

नगर पंचायत चैयरमैन ने उसकी बहन से नगर पंचायत बोर्ड की स्वीकृति की प्रत्याशा में लगभग दो करोड़ रुपये का 35 कार्यो का टेंडर पिछले फरवरी माह में आमंत्रित कराया था । नगर पंचायत बोर्ड का प्रस्ताव न आने के कारण टेंडर नही कराया गया । नगर पंचायत अध्यक्ष भीम गुप्ता द्वारा बिना टेंडर कराये फर्जी तरीके से 35 कार्यो की पत्रावली बनाकर कार्य कराने हेतु आदेश देने के लिए उसके बहन के उपर दबाव बनाया जा रहा था । इसकी शिकायत उसकी बहन ने अपर जिलाधिकारी, बलिया से की थी ।

अत्यधिक दबाव में आत्महत्या करने पर विवश हो गई मंजरी राय

उसकी बहन के उपर मनियर नगर पंचायत के पूर्व अधिशासी अधिकारी संजय राव, जो वर्तमान समय में सिकंदरपुर में कार्यरत हैं , भी दबाव बना रहे थे । बहन की गाड़ी का ड्राइवर भी उन लोगों से मिला हुआ था । कुछ अज्ञात लोग फोन के माध्यम से गलत कार्य करने के लिए दबाव बना रहे थे । वह जब बहन से मिलने आता था तो बहन उसे यह जानकारी देती थी । फोन के माध्यम से भी उसके द्वारा उत्पीड़न की बात बताया जाता था । इन्हीं कारणों से ऐसी परिस्थितियां बन गई कि उसकी बहन अत्यधिक दबाव में आ गई तथा आत्महत्या करने पर विवश हो गई । वह बलिया शहर के हरपुर मुहल्ले में स्थित आवास विकास कालोनी में किराए के मकान में रहती थी । उसने गत 6 जुलाई की रात में आत्महत्या कर लिया ।अपर पुलिस अधीक्षक संजय यादव ने बताया कि शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस मामले की छानबीन कर रही है ।

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इस मामले पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने किया ट्वीट

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने महिला अधिशासी अधिकारी की मौत को लेकर आज ट्वीट किया है। उन्होंने लिखा है कि बलिया में तैनात गाजीपुर निवासी युवा अधिकारी मणि मंजरी के बारे में दुखद समाचार मिला। खबरों के अनुसार उन्होंने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए थे। मणि मंजरी के परिवार को न्याय मिले , इसके लिए सभी तथ्यों का सामने आना और निष्पक्ष जांच बहुत जरूरी है ।

ओमप्रकाश राजभर ने उच्च स्तरीय जांच की मांग की

सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने इस घटना को लेकर जिला प्रशासन की भूमिका पर सवालिया निशान खड़ा करते हुए इसकी उच्च स्तरीय जांच की मांग की है । उन्होंने लिखा है कि एक ईमानदार अधिकारी सिस्टम की भेंट चढ़ गई । महिला अधिकारी ने खुद के खिलाफ हो रहे षड्यंत्र से तंग आकर आत्महत्या की है । उन्होंने जिला प्रशासन से जुड़े अधिकारियों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया है कि जिले स्तर के अधिकारी लीपापोती में जुट गये हैं ।

‘सारी भैया, सारी मम्मी पापा’

मनियर नगर पंचायत की अधिशासी अधिकारी मणि मंजरी राय ने गत 6 जुलाई की रात्रि बलिया शहर में स्थित आवास पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर लिया था। इस दौरान उन्होंने एक सुसाइड नोट भी छोड़ा था । अधिशासी अधिकारी ने सुसाइड नोट में लिखा है, ‘सॉरी भैया, सॉरी मम्मी पापा” । दिल्ली बनारस हर जगह से खुद को संभालकर आ गई, लेकिन यहां आकर मेरे साथ बहुत छलावा हुआ ।’

मुझे फसाया गया पूरी रणनीति के तहत । मुझे माफ कर दीजिए । मृतिका के भाई द्वारा प्राथमिकी में दिये गए तथ्यों ने नगर निकायों में चल रहे भ्रष्ट तंत्र के प्रभुत्व को उजागर करके रख दिया है । सवाल यह है कि जब महिला अधिकारी ने नगर पंचायत अध्यक्ष की कारगुजारी की जानकारी जिला प्रशासन से जुड़े अधिकारियों को दे दी थी तो फिर जिला प्रशासन ने कोई कार्रवाई क्यों नही की तथा जिला मुख्यालय पर तीन महीने तक सम्बद्ध रखने के बाद उसे फिर मनियर में ही क्यों तैनात कर दिया गया ।

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शासित दल से जुड़े होने व कई रसूखदार लोगों का वरदहस्त होने के कारण तो जिला प्रशासन मनियर नगर पंचायत से जुड़े मसलों में खामोशी अख्तियार नही करता रहा । इस मामले में कई ऐसे सवाल हैं , जो जिला प्रशासन के लिये परेशानी का सबब बन गया है ।

रिपोर्ट- अनूप कुमार हेमकर, बलिया

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