शिव नगरी में कहर: घाट पर लगा रेड अलर्ट, नावों के संचालन पर भी लगेगी रोक

लगातार हो रही बारिश का असर अब पूर्वांचल में दिखने लगा है। देश की दूसरी नदियों की तरह अब गंगा का जलस्तर बढ़ने लगा है।

शिव नगरी में कहर: घाट पर लगा रेड अलर्ट, नावों के संचालन पर भी लगेगी रोक

शिव नगरी में कहर: घाट पर लगा रेड अलर्ट, नावों के संचालन पर भी लगेगी रोक

वाराणसी: लगातार हो रही बारिश का असर अब पूर्वांचल में दिखने लगा है। देश की दूसरी नदियों की तरह अब गंगा का जलस्तर बढ़ने लगा है। वाराणसी में गंगा खतरे के निशान से सिर्फ चंद कदम दूर हैं। फिलहाल के जलस्तर में ढाई सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ाव जारी है। घाटों का संपर्क पहले ही टूट गया था। अब नावों के संचालन पर भी अगले आदेश तक रोक लगा दी गई है।

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शिव नगरी में कहर: घाट पर लगा रेड अलर्ट, नावों के संचालन पर भी लगेगी रोक

गंगा में समाए अधिकांश घाट

वाराणसी में गंगा बुधवार की सुबह गंगा का पानी दशाश्वमेध घाट स्थित शीतला माता मंदिर की मुख्य सीढ़ियों के साथ ही उसके बाहर बने प्लेटफार्म तक पहुंच गया था। मंगलवार की रात आठ बजे जलस्तर जहां 65.49 मीटर था। बुधवार की दोपहर दो बजे गंगा का जलस्तर 65.91 मीटर पहुंच गया था। बढ़ाव को देखते हुए जिला प्रशासन ने 15 सितंबर तक के लिए नाव संचालन पर रोक लगा दी है। मंगलवार को सुबह आठ बजे से अपराह्न दो बजे तक जलस्तर जहां प्रति घंटे दो सेंटीमीटर की रफ्तार से बढ़ा तो अपराह्न तीन बजे से सायं छह बजे तक वृद्धि की गति प्रति घंटे एक सेंटीमीटर हो गई थी, लेकिन सायं सात बजे से एक बार फिर पानी के बढ़ने की रफ्तार दो सेंटीमीटर प्रति घंटे हो गई थी।

बढ़ती गंगा एक ओर शीतला माता मंदिर की सीढ़ियों का स्पर्श करने को आतुर रहीं तो दूसरी ओर गंगा सेवा निधि कार्यालय के पास स्थित ब्रह्मेश्वर महादेव मंदिर को लगभग डूबो चुकी थीं। नाविकों को अपनी बड़ी-बड़ी नौकाएं मंदिर की दीवारों के सहारे बांधनी पड़ीं। वहीं, गंगा सेवा निधि को सातवीं बार गंगा आरती स्थल में बदलाव करना पड़ा।

डीएम ने नौका संचालन पर लगाई रोक

गंगा नदी में पानी का जलस्तर बढ़ने के कारण नाव के संचालन पर रोक लगा दी गई है। यह रोक वाराणसी के जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने लगाई है। पानी बढ़ जाने के कारण नदी में नाव का संचालन करना काफी कठिन है और लोगों की जान को इससे खतरा भी हो सकता है। इसलिए क्या फैसला लिया गया है। जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा के मुताबिक लगातार बारिश होने के कारण और नदी का जलस्तर बढ़ने कारण घाटों की सीढ़ियां फिसलन भरी हो गयी हैं। यह आम आदमी और गंगा नदी में नौका विहार करने वाले लोगों के लिए खतरा है।

इसके कारण नाव पर सवार होने वाले लोगों के साथ दुर्घटनाएं भी हो सकती हैं। इसको देखते हुए 15 सितंबर 2020 तक गंगा नदी में नौका के संचालन पर रोक लगा दी गई है। वाराणसी में चेतावनी बिन्दु 70.26 मीटर पर है। केन्द्रीय जल आयोग के अनुसार मंगलवार सुबह आठ बजे तक जलस्तर 65.29 मीटर दर्ज किया गया था, जो सोमवार को सुबह आठ बजे की तुलना में एक फुट ज्यादा रहा।

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निचले इलाके में भरने लगा पानी

गंगा में जलस्तर का असर तटवर्ती इलाकों में साफ देखने को मिल रहा है। गंगा के निचले इलाकों में पानी भरने लगा है, जिससे यहां के बासिंदों के चेहरे पर तनाव साफ झलक रहा है। सामने घाट, मारुति नगर सहित कई इलाकों में गंगा का पानी घुस गया है। बाढ़ के खतरे को देखते हुए लोग अब सुरक्षित ठिकाना तलाशने लगे हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में जब बांधों से पानी छोड़ा जाएगा, तो गंगा के जलस्तर में और वृद्धि देखने को मिलेगी।

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