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इटावा से शेरों के आने पर गोरखपुर में सियासत, सपाईयों ने ऐसे किया विरोध

इटावा लायन सफारी से बब्बर शेर और शेरनी रविवार की सुबह गोरखपुर पहुंच गये। सुरक्षा इंतजाम के बीच उन्हें उनके बाड़ों में शिफ्ट कर दिया गया। इटावा में शनिवार को ही वहां के जिलाध्यक्ष गोपाल यादव ने विरोध किया था।

Vidushi Mishra

Vidushi MishraBy Vidushi Mishra

Published on 28 Feb 2021 1:41 PM GMT

इटावा से शेरों के आने पर गोरखपुर में सियासत, सपाईयों ने ऐसे किया विरोध
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लॉयन सफारी के शेरों को गोरखपुर चिड़ियाघर में ले जाए जाने का समाजवादी पार्टी का विरोध इटावा से होते हुए गोरखपुर तक पहुंच गया है।
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गोरखपुर। लॉयन सफारी के शेरों को गोरखपुर चिड़ियाघर में ले जाए जाने का समाजवादी पार्टी का विरोध इटावा से होते हुए गोरखपुर तक पहुंच गया है। रविवार को सपा कार्यकर्ताओं की तरफ से लगाये गए होर्डिंग से प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता मृत्युंजय यादव की तरफ से लगाए गए होर्डिंग पर लिखा गया है कि ‘इटावा लायन सफारी से आये मा.अखिलेश यादव के शेरों का गोरखपुर चिड़ियाघर में स्वागत है’। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के फोटो वाले होर्डिंग में ‘22 में बाइसिकल’ भी लिखा हुआ है।

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बब्बर शेर और शेरनी

इटावा लायन सफारी से बब्बर शेर और शेरनी रविवार की सुबह गोरखपुर पहुंच गये। सुरक्षा इंतजाम के बीच उन्हें उनके बाड़ों में शिफ्ट कर दिया गया। इटावा में शनिवार को ही वहां के जिलाध्यक्ष गोपाल यादव ने विरोध किया था।

हालांकि उन्होंने संयमित भाषा में कहा था कि कहीं और से शेरों को इंतजाम किया जाए, जिससे लॉयन सफारी की गरिमा बनी रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि सीएम केवल अखिलेश सरकार के कार्यों का ही फीता काटकर अपना नाम करने में लगे हैं। उन्हें प्रदेश की जनता की कोई चिंता नहीं है।

सोशल मीडिया पर सपाईयों का विरोध

गोरखपुर में सपा नेता भी सोशल मीडिया पर इसे लेकर मुहीम चला रहे हैं। हेरिटेज फाउंडेशन के ट्रस्टी नरेंद्र कुमार मिश्र और रीबर बैंक स्टूडियो के वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर अनिल कुमार तिवारी कहते हैं कि प्राणी उद्यान में रखे जाने वाले वन्यजीव सीधे जंगल से पकड़ कर नहीं बल्कि रेस्क्यू कर लाए जाते हैं। इन वन्यजीव के प्रति छात्रों का नॉलेज बढ़ेगा।

gorakhpur फोटो-सोशल मीडिया

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18 महीने पहले इटावा लायन सफारी पहुंचे थे पटौदी और मरियम

नर बब्बर शेर पटौदी को गिर के जंगलों से 20 दिसंबर 2015 को और मादा बब्बर शेरनी मरियम को 2010 को रेस्क्यू किया गया था। 18 माह पहले दोनों ही इटावा लायन सफारी पहुंचे थे। कानपुर प्राणी उद्यान के नर गेंडा मंगल के बदले गुजरात से 11 बब्बर शेर यूपी को मिले।

इनमें से 4 पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के कार्यकाल में लाए गए थे। शेष 7 को सीएम योगी आदित्यनाथ की सरकार बनने के बाद 26 सितंबर 2019 को गुजरात लाया गया। उसी समय तय था कि 3 शेर यानी दो नर एवं एक मादा गोरखपुर प्राणी उद्यान भेजे जाएंगे।

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रिपोर्ट-पूर्णिमा श्रीवास्तव

Vidushi Mishra

Vidushi Mishra

Desk Editor

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