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फंसे सीएचसी प्रभारीः भारी पड़ा पेड़ कटवाना, वन विभाग ने ठोंका मुकदमा

देवी पाटन मण्डल के बहराइच जिले में मिहीपुरवा विकास खण्ड के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. राम नरायन वर्मा का सरकारी आवास ब्लाक परिसर में है।

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NewstrackBy Newstrack

Published on 31 Oct 2020 1:08 PM GMT

फंसे सीएचसी प्रभारीः भारी पड़ा पेड़ कटवाना, वन विभाग ने ठोंका मुकदमा
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फंसे सीएचसी प्रभारीः भारी पड़ा पेड़ कटवाना, वन विभाग ने ठोंका मुकदमा (Photo by social media)
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तेज प्रताप सिंह

गोंडा: देवी पाटन मण्डल के बहराइच जिले में मिहीपुरवा विकास खण्ड के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र अधीक्षक सरकारी पेड़ कटवाकर बुरे फंस गए हैं। उनके सरकारी आवास से भारी मात्रा में सागौन की लकड़ी बरामद कर वन विभाग ने मुकदमा ठोंक दिया है। नियम कानूनों को धता बताकर अवैध ढंग से बिना किसी सक्षम अधिकारी के अनुमति सरकारी वृक्ष काटने की सूचना जिला प्रशासन व अन्य उच्चाधिकारियों को भेजी जा रही है। इसके पहले वन क्षेत्राधिकारी की मौजूदगी में नायब तहसीलदार ने उनका ब्लाक परिसर स्थित आवास किया सील कर दिया था।

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देवी पाटन मण्डल के बहराइच जिले में मिहीपुरवा विकास खण्ड के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. राम नरायन वर्मा का सरकारी आवास ब्लाक परिसर में है। उनके इसी सरकारी आवास में अवैध रूप से रखी भारी मात्रा में बेशकीमती सागौन की लकड़ी वन विभाग की टीम ने बरामद किया है। हालांकि टीम के पंहुचने से पहले ही वह अपने आवास में ताला लगाकर फरार हो गये। डाक्टर के सरकारी आवास से भारी मात्रा में सागौन की लकडी बरामद होना क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। कहा जा रहा है कि डा. राम नारायन वर्मा जंगली पेड़ की कटान कराकर चिरान कराते और सरकारी वाहनों और एम्बुलेंस के जरिए काफी लकडी बाहर भेजता रहते हैं।

सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम

बताया जाता है कि सीएचसी प्रभारी के आवास पर भारी संख्या में अवैध सागौन की लकड़ी जमा होने की सूचना वन विभाग को मिली थी, जिस पर वन क्षेत्राधिकारी महेन्द्र मौर्या की अगुवाई में वन विभाग की टीम प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डा. राम नारायन वर्मा के सरकारी आवास पर पंहुची। लेकिन वन विभाग की टीम के पंहुचने से पहले ही वह अपने आवास में ताला लगाकर फरार हो गये थे। उन्होंने अपना मोबाइल भी बन्द कर लिया। लकड़ी बरामदगी के बाद वन विभाग की टीम ने एसडीएम ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी को इस बावत सूचना दी तो एसडीएम के निर्देश पर नायब तहसीलदार शशांक नाथ उपाध्याय सीएचसी पहुंचे। उनकी मौजूदगी में प्रभारी चिकित्सा अधिकारी के आवास पर नोटिस चस्पा कर उसे सील किया गया।

gonda-matter gonda-matter (Photo by social media)

सरकारी आवास से मिली सागौन

बताते हैं कि सीएचसी प्रभारी के प्रतिनिधि अनूप कुमार वन क्षेत्राधिकारी के कार्यालय आये और बताया कि आवास में लगे ताले की चाभी के साथ प्रभारी पर भेजा है। आवास की तलासी कर ली जाय। प्रतिनिधि के कहने पर मजिस्ट्रेट नायब तहसीलदार के साथ मोतीपुर के वन क्षेत्राधिकारी महेन्द्र मौर्या टीम के साथ सीएचसी प्रभारी डा. राम नारायन वर्मा के सरकारी आवास पर पंहुचे। उनके सामने प्रतिनिधि अनूप कुमार ने ताला खोला तो आवास से 114 नग हाथ के आरे से चिरान की हुई सागौन की लकडी बरामद हुई। जिसे मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में ट्राली से वन रेन्ज कार्यालय पहुंचाया गया।

चर्चा का विषय बना है लकड़ी बरामदगी

वन विभाग के अनुसार सरकारी आवास परिसर में लगे सागौन के दो पुराने पेड़ों को अवैध ढंग से चिकित्साधिकारी डा. वर्मा द्वारा कटवाकर आवास में ही रखा गया था। फिलहाल डाक्टर के सरकारी आवास से भारी मात्रा में सागौन की लकडी बरामद होने से लोगों में यह चर्चा का विषय बना हुआ है और कहा जा रहा है कि सीएचसी प्रभारी डा. राम नारायन वर्मा सरकारी वाहनों का बेजा इस्तेमाल कर एम्बुलेंस के जरिए काफी लकडी बाहर भेजता रहा है। इतनी लकडी आवास से बरामद होने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग के द्वारा कोई कार्यवाही न किये जाने से यह दिखाई पड रहा है कि डा. राम नारायन वर्मा को विभागीय उच्चाधिकारियों का संरक्षण प्राप्त है।

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उच्चाधिकारियों को भेजी सूचना

कतर्नियाघाट के प्रभागीय वनाधिकारी जेपी सिंह ने बताया कि मिहीपुरवा में सीएचसी प्रभारी के आवास से सागौन की लकड़ी बरामदगी के सम्बन्ध में मुकदमा पंजीकृत किया गया है। मुख्य चिकित्साधिकारी समेत अन्य उच्चाधिकारियों को भी सूचित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि चिकित्सक द्वारा सरकारी पेड़ों की अवैध कटान और लकड़ी जमा करना अपराध की श्रेणी में आता है। यह सरकारी अधिकारी-कर्मचारी के लिए बनी विभागीय आचरण नियमावली के विरुद्ध तो है ही सरकारी राजस्व की क्षति का भी अपराध है।

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