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गोंडा: कर्मचारियों की फर्जी आईडी से सरकार को लगाया करोड़ों का चूना, पांच गिरफ्तार

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से कुल एक करोड़ 58 लाख 75 हजार की बरामदगी हुई है, जिसमें 26 लाख 75 हजार नगद व 4 खातों में एक करोड़ 32 लाख रुपये फ्रीज कराये गये।

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NewstrackBy Newstrack

Published on 20 March 2021 1:29 PM GMT

गोंडा: कर्मचारियों की फर्जी आईडी से सरकार को लगाया करोड़ों का चूना, पांच गिरफ्तार
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गोंडा: कर्मचारियों की फर्जी आईडी से सरकार को लगाया करोड़ों का चूना, पांच गिरफ्तार
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गोंडा। सरकारी कर्मचारियों की फर्जी आईडी बनाकर जीपीएफ के नाम पर दस सालों से करोड़ों रुपए राजकीय धन का गबन करने वाले गिरोह पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने इसके सरगना मास्टर माइंड गोरखपुर के चकबंदी विभाग में लेखाकार समेत पांच सदस्यों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। पुलिस ने मास्टर माइंड व उसके साथी द्वारा इस गोरखधंधे से अर्जित की गई दस करोड़ की सम्पत्ति का भी खुलासा किया है। पुलिस की इस बड़ी सफलता पर देवी पाटन परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक डा. राकेश सिंह ने गोंडा पुलिस टीम की सराहना की है।

गोपनीय सूचना पर शुरु हुई जांच

पुलिस अधीक्षक शैलेश कुमार पाण्डेय को गोपनीय सूचना प्राप्त हुई कि जनपद गोंडा के नवाबगंज स्थित भारतीय स्टेट बैक के कुछ खाता धारकों के खातों में सन्दिग्ध तौर पर धनराशि स्थानांतरित हो रही है, जिसमें नवाबगंज क्षेत्र के ग्राहक सेवा केन्द्र के संचालक की संलिप्तता है। इस गोपनीय सूचना की जांच एसओजी टीम के माध्यम से करायी गई। सूचना प्रमाणित होने पर थाना नवाबगंज में धारा 419, 420, 467, 468, 471, 120बी भादवि व 66, 66डी आईटी एक्ट पंजीकृत किया गया। पुलिस अधीक्षक ने प्रभारी निरीक्षक नवाबगंज व एसओजी की संयुक्त टीम को प्रकरण का अनावरण करते हुए संलिप्त अभियुक्तों की शीघ्र गिरफ्तारी करने के निर्देश दिये थे।

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गिरफ्तार हुए ये अभियुक्त

जिसके क्रम में थाना नवाबगंज व एसओजी टीम द्वारा सरकारी कर्मचारियो की कूटरचित आईडी बनाकर जीपीएफ के नाम पर फर्जी तरीके से पैसा गबन करने वाले गिरोह के पांच सदस्यों अरुण वर्मा पुत्र स्व. मोहन लाल निवासी ग्राम भरबलिया बुजुर्ग आजाद चौक थाना रामगढ ताल जनपद गोरखपुर (एकाउन्टेन्ट चकबन्दी विभाग गोरखपुर), राजेश पाठक पुत्र केदारनाथ पाठक निवासी ग्राम कोल्हमपुर विशेन पठकौली थाना नवाबगंज जनपद गोंडा (लेखपाल हरैया तहसील बस्ती), नानमून मौर्या पुत्र रामकेवल मौर्या निवासी गेड़सर मुरावन पुरवा थाना वजीरगंज जनपद गोंडा हाल पता कोल्हमपुर थाना नवाबगंज जनपद गोंडा (ग्राहक सेवा केन्द्र संचालक वजीरगंज), अरुण श्रीवास्तव पुत्र रामलोचन श्रीवास्तव निवासी ग्राम इमलिया गुरदायाल थाना कोतवाली नगर जनपद गोंडा (एजेन्ट एसबीआई लाईफ एन्शोरेन्स) व प्रदीप दुबे पुत्र दुर्गा प्रसाद दुबे निवासी पुरे परसदा पोखरा थाना तरबगंज जनपद गोंडा (ग्राहक सेवा केन्द्र संचालक) को गिरफ्तार किया गया।

कर्मचारी की फर्जी आइडी, फर्जी जीपीएफ बिल से करते थे हेराफेरी

एसपी शैलेश कुमार पाण्डेय ने न्यूजट्रैक को बताया कि ने बताया कि अरुण वर्मा चकबन्दी विभाग गोरखपुर में चकबन्दी विभाग में एकाउन्टेण्ट के पद पर तैनात है, जिसके द्वारा अपने साथी कर्मचारी पुनीत श्रीवास्तव के साथ मिलकर फर्जी सरकारी कर्मचारियों की लैपटाप व वेबसाइट के माध्यम से कई आईडी बनाई गयी व फर्जी जीपीएफ बिल बनाकर विगत कई वर्षाे में करोडों रुपये जनपद गोंडा, गोरखपुर व देवरिया के कई खातों में अपने साथी बस्ती जिले में लेखपाल के पद पर कार्यरत राजेश पाठक व एसबीआई ग्राहक सेवा केन्द्र संचालक नानमून मौर्या के माध्यम से स्थानांतरित कर लिये।

जिनमें से पुलिस टीम द्वारा अब तक 45 खातों को चिन्हित किया जा चुका है। उक्त खातों में विगत तीन वर्षाे में छह करोड रुपयों से ज्यादा का स्थानांतरण इस गिरोह द्वारा किया जा चुका है। अभियुक्त अरुण वर्मा, राजेश पाठक व गिरोह के अन्य सदस्यों द्वारा विगत दस वर्षाे में इस फर्जी वाडे से कई करोड रुपयो की सम्पत्ति अर्जित की गयी है, जिनको चिन्हित कर सीज करने की कार्यवाही प्रचलित है।

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एक करोड़ 58 लाख बरामद

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से कुल एक करोड़ 58 लाख 75 हजार की बरामदगी हुई है, जिसमें 26 लाख 75 हजार नगद व 4 खातों में एक करोड़ 32 लाख रुपये फ्रीज कराये गये। साथ ही एक डेस्कटाप, दो लैपटाप, चार मोबाइल फोन, एक टैबलेट तथा फर्जी चकबंदी विभाग के कर्मचारियों की 28 आईडी भी बरामद हुई है।

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दस करोड़ सम्पत्ति चिन्हित

पुलिस टीम के अनुसार अभियुक्त अरुण वर्मा ने इस काली कमाई के द्वारा अकूत सम्पत्ति बनाई गई है, जिसमें बुद्ध विहार कालोनी तारामण्डल गोरखपुर में ढाई करोड़ कीमत का एक आलीशान मकान, झंगहा गोरखपुर में दो करोड़ का चार एकड़ भूमि, आजाद चौक में 60 लाख का एक ज्वैलरी शाप तथा नौसड़ गोरखपुर में 50 लाख का दो प्लाट शामिल है। इसी प्रकार लेखपाल जैसे छोटे से पद पर कार्यरत राजेश पाठक द्वारा 30 कमरों का हास्टल अनुमानित कीमत तीन करोड़ जनपद अयोध्या, देवकाली में एक मकान अनुमानित कीमत 50 लाख, बूथ नं.-4 अयोध्या में 20 लाख के दो प्लाट, गोंडा के कोल्हमपुर में 20 लाख की जमीन, शाहपुर में 12 लाख की जमीन और बिजली की दुकान में बेचने के लिये 22 लाख रुपए का सामान अर्जित किया गया है।

पुलिस टीम

एसपी ने बताया कि गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक नवाबगंज राजेश कुमार सिंह, निरीक्षक अपराध नवाबगंज सुखवीर सिह भदौरिया, एसओजी प्रभारी अतुल कुमार चतुर्वेदी, उपनिरीक्षक राज कुमार सिंह, सुनील कुमार सिह, मुख्य आरक्षी श्रीनाथ शुक्ला, मुलायम यादव, अजीत चन्द्र, राजेन्द्र, राजू सिंह, आरक्षी अमित यादव, अदित्य पाल, अरविन्द कुमार, अमितेश सिंह तथा हृदय नारायण दीक्षित शामिल रहे।

रिपोर्ट- तेज प्रताप सिंह

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