Top

प्रवासी मजदूरों के लिए खुशखबरी, खाते में आएंगे इतने हजार रुपए

प्रवासी श्रमिकों व कामगारों के बैंक खाते में आर्थिक सहायता की धनराशि रुपया 1000 प्रति परिवार उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए शासन ने प्रक्रिया निर्धारित की है।

Ashiki

AshikiBy Ashiki

Published on 4 Jun 2020 3:18 PM GMT

प्रवासी मजदूरों के लिए खुशखबरी, खाते में आएंगे इतने हजार रुपए
X
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print

अयोध्या: प्रवासी श्रमिकों व कामगारों के बैंक खाते में आर्थिक सहायता की धनराशि रुपया 1000 प्रति परिवार उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए शासन ने प्रक्रिया निर्धारित की है। प्रवासी श्रमिकों व कामगारों को धनराशि उनके बैंक खाते में भारतीय स्टेट बैंक की सीएमपी पोर्टल से डीबीटी के माध्यम से भेजी जाएगी।

इस बात की जानकारी अयोध्या के मंडलायुक्त एमपी अग्रवाल ने देते हुए बताया कि बेनीफिशरी जनरेट करने के लिए बेनेफिशरी मेकर के नाम से rahatup.in पोर्टल पर लिंक उपलब्ध कराया जायेगा। जिस पर राज्यस्तर पर उपलब्ध कराए गए आईडी एवं पासवर्ड द्वारा लॉगइन किया जाएगा। जो कि ओटीपी पर आधारित होगा। प्रथम लॉगिन करने के पश्चात पासवर्ड बदलना अनिवार्य है।

ये भी पढ़ें: जमीन उगल रही खजाना: किसान के उड़ गए होश, खेत से मिला इतना कीमती सामान

आईडी व नए सृजित पासवर्ड से प्रवासी श्रमिकों व कामगारों को बेनेफिशरी फाइल फ्रिज करते हुए जनरेट की जाएगी, जिसमें किसी भी प्रकार का संशोधन अनुमन्य नहीं है। साथ ही जनरेट बेनेफिशरी फाइल का प्रिंट आउट निकाल कर व हस्ताक्षर करके कार्यालय में सुरक्षित रखी जाएगी तथा दूसरी प्रति राहत आयुक्त कार्यालय को उपलब्ध कराई जाएगी।

उक्त फाइल में डाटा का मिलान धनराशि अंतरण के पश्चात भारतीय स्टेट बैंक के सीएमपी पोर्टल से वापस प्राप्त डाटा से किया जाएगा यदि कोई विसंगतियां या बदलाव पाया जाता है तो संबंधित जनपद के जिलाधिकारी सीधे पूर्ण रूप से उत्तरदाई होंगे। प्रत्येक जिलों में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व श्रमिकों के खाते में भेजी जाने वाली धनराशि को चेक करेंगे जबकि ‘‘बेनीफिशरी मेंकर’’ के रूप में प्रभारी अधिकारी बिल्स या किसी डिप्टी कलेक्टर या किसी अन्य अधिकारी को नामित किया जा सकता है।

ये भी पढ़ें: जमीन उगल रही खजाना: किसान के उड़ गए होश, खेत से मिला इतना कीमती सामान

इस कार्य योग्य एवं उत्तरदायी अधिकारी को जिम्मेदारी दी जाए। प्रवासी श्रमिकों को जो भी डाटा, लाभार्थी का नाम, बैंक खाता संख्या, आईएफएससी कोड, बैंक का नाम पूर्णता सही एवं सत्यापित होना चाहिए। किसी भी प्रकार की ऋटि पाए जाने पर जिलाधिकारी सीधे उत्तरदाई होंगे। प्रवासी श्रमिकों व कामगारों के बैंक खातों में धनराशि अंतरण के पश्चात सूची rahatup.in की वेबसाइट पर 24 घंटे के अंदर अपलोड किया जाना होगा। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 द्वारा लाभार्थी से उनके मोबाइल नंबर पर सत्यापन के साथ फीडबैक भी लिया जाएगा।

कोविड-19 कोरोना वायरस मेडिकल प्रोटोकॉल के तहत सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क व सैनिटाइजर आदि के नियमित प्रयोग के साथ शहरी निजी क्षेत्रों के निर्माण कार्य की अनुमति, बचाव के साथ स्थानीय प्रशासन ने प्रदान कर दी है।

उक्त जानकारी देते हुए अयोध्या के जिला मजिस्ट्रेट अनुज कुमार झा ने बताया कि धीरे-घीरे जनपद को लाॅक डाउन से अनलॉक-1 के गाइड लाइन के साथ अनुमति प्रदान की जा रही है। वर्तमान में रोजगार सृजन की ज्यादा आवश्यकता है । इसे ध्यान में रखते हुए अनुमति दी गई है। बचाव के सभी सिद्धांत को अपनाते हुए हर किसी को जीवकोपार्जन हेतु कार्य करना है।

ये भी पढ़ें: गर्भवती हथिनी के हत्यारे नहीं बचेंगे, CM विजयन ने दिया ये बड़ा बयान

उन्होंने कहा कि सभी को कोरोना वायरस से बचाव हेतु भारत सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार व स्वास्थ्य विभाग की जारी गाइडलाइन का पालन करने के साथ, अपने आदत में शुमार करना होगा। साथ ही इस प्रकार कार्य करना होगा कि कार्य भी होता रहे और संक्रमण भी न होने पाए। किसी भी प्रकार का संक्रमण, न तो स्वास्थ्य के लिए अच्छा है, न ही परिवार के लिए। नियमित रूप से बाहर निकलने पर मास्क पहने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें हाथों को सैनिट्राइज करते रहें।

रिपोर्ट: नाथ बख्श सिंह

ये भी पढ़ें: गर्भवती हथिनी के हत्यारे नहीं बचेंगे, CM विजयन ने दिया ये बड़ा बयान

Ashiki

Ashiki

Next Story