UP में 69000 शिक्षकों की भर्ती पर बड़ा फैसला, अभी-अभी हाईकोर्ट ने दिया ये आदेश

उत्तर प्रदेश में 69000 शिक्षकों की भर्ती पर एक बार फिर रोक लग गई है। हाईकोर्ट ने बुधवार को इस मामले में सुनवाई करते हुए 69000 शिक्षक भर्ती पर अगली तारीख तक रोक लगा दी है।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में 69000 शिक्षकों की भर्ती पर एक बार फिर रोक लग गई है। हाईकोर्ट ने बुधवार को इस मामले में सुनवाई करते हुए 69000 शिक्षक भर्ती पर अगली तारीख तक रोक लगा दी है। अब यूजीसी के अध्यक्ष से इस मामले में राय लेकर आगे का फैसला होगा।

हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए कहा कि विवादित प्रश्नों पर आपत्तियों को अभ्यर्थी एक सप्ताह के अंदर राज्य सरकार के सामने रखें। सरकार आपत्तियों को निस्तारण के लिए यूजीसी को भेजे। अब 12 मई को अगली सुनवाई होगी।

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उत्तर प्रदेश में 69000 शिक्षकों की भर्ती का मामला बार-बार लटक जा रहा है। तमाम इंतजार के बाद बुधवार को प्रदेश के कई जिलों में काउंसलिंग शुरू होनी थी, लेकिन उससे पहले ही हाई हाईकोर्ट ने यह फैसला सुनाते हुए रोक लगा दी है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने दायर की गई याचिका पर सुनवाई करते हुए यह रोक लगाई है।

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यह याचिका अमिता त्रिपाठी व अन्य लोगों ने दायर की थी। हाईकोर्ट ने कहा कि यूजीसी के चेयरमैन को पत्र लिखकर सारे विवादित प्रश्नों पर एक्सपर्ट ओपिनियन लिया जाएगा। एक्सपर्ट का ओपिनियन आने के बाद ही अब आगे फैसला लिया जाएगा।

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जानिए क्या है मामला

बता दें कि बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक स्कूलों में 69 हजार सहायक शिक्षकों की भर्ती के लिए अभ्यर्थियों ने 6 जनवरी 2019 को लिखित परीक्षा दी थी। शिक्षक भर्ती पद के लिए करीब चार लाख अभ्यर्थियों ने परीक्षा दिया था। परीक्षा के बाद सरकार की तरफ से भर्ती का कटऑफ सामान्य वर्ग के अभ्यर्थी के लिए 65 प्रतिशत व आरक्षित वर्ग के लिए 60 प्रतिशत की अनिवार्यता के साथ तय किया गया था। सरकार के इस आदेश को अभ्यार्थियों ने हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में चुनौती दी थी। इसके बाद हाईकोर्ट ने शिक्षकों की भर्ती पर फैसला सुना दिया था, लेकिन अब एक बार फिर रोक लग गई है।