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जज को क्वारन्टीन सेंटर में मिली कमियां, दिए ये निर्देश

उत्तर प्रदेश के कन्नौज जनपद के क्वारंटीन सेंटर व अस्थाई आश्रय स्थलों का हाल जानने के लिए जिला एवं सत्र न्यायालय के एक जज भी राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के आदेश पर निरीक्षण करने पहुंचे। एक केंद्र पर शौचालय की कमी व गंदगी की समस्या बताई गई।

Dharmendra kumar

Dharmendra kumarBy Dharmendra kumar

Published on 14 May 2020 3:17 AM GMT

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कन्नौज: उत्तर प्रदेश के कन्नौज जनपद के क्वारंटीन सेंटर व अस्थाई आश्रय स्थलों का हाल जानने के लिए जिला एवं सत्र न्यायालय के एक जज भी राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के आदेश पर निरीक्षण करने पहुंचे। एक केंद्र पर शौचालय की कमी व गंदगी की समस्या बताई गई। कर्मचारियों के हाथों में ग्लव्स भी नही दिखे। कृषतु ज्योति केंद्र पर अहमदाबाद से आए युवक का तापमान अधिक मिला। उसे एंबुलेंस से आईसोलेशन सेंटर में भेजा गया।

बुधवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव/जज सचिन दीक्षित शहर के निकट स्थित किस्तू ज्योति स्कूल व अर्शी पैरामेडिकल इंस्टीट्यूट छात्रावास पहुंचे। यहां प्रवासी मजूदरों को ठहराया गया है। तहसीलदार अरविंद कुमार ने बताया कि अहमदाबाद से आए युवक को कोरोना संदिग्ध होने की वजह से आइसोलेशन में भेजा गया है। डॉक्टरों ने बताया कि क्वारंटीन सेंटर में बाहरी व्यक्तियों व अन्य लोगों के लिए सिर्फ एक ही बाथरूम है, जो गंदा रहता है। जज ने तहसीलदार से हर रोज सफाई कराने को कहा। साथ ही बाहरी व्यक्तियों के लिए अलग बाथरूम की बात कही। अर्शी सेेंटर में बताया गया कि यहां मच्छरों को भगाने के लिए अगरबत्ती नहीं हैं। यहां जो ड्यूटी पर तैनात थे, वह ग्लव्स नहीं पहने थे। जज ने साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। इस मौके पर तहसीलदार छिबरामऊ अभिमन्यु कुमार, तहसीलदार तिर्वा और नायब तहसीदार मोहित लाल वर्मा, शरद सक्सेना, विनय मिश्र, बसंतराम, शमशाद आलम, रामजी अगस्वाल व यतीश स्वरूप आदि रहे।

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कोरोना संक्रमण फैलने के बाद देशभर में लॉकडाउन चल रहा है। लॉकडाउन के दौरान रोजी रोटी के लिए अन्य प्रांतों में नौकरी करने गए लोग वहीं फंस गए हैं। बड़ी संख्या में लोग पैदल व अन्य साधनों से वापस अपने-अपने घरों को लौट रहे हैं। बाहर आने वाले लोग जिला अस्पताल पहुंचकर अपने स्वास्थ्य की जांच करवा रहे हैं। बुधवार को जिला अस्पताल में करीब 500 लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग की गई। साथ ही लोगों को सर्दी-जुकाम की दवाएं भी दी गईं। इसके अलावा टीम ने सभी लोगों को घरों में ही रहने की नसीहत भी दी।

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लॉकडाउन के बाद से ही गैर प्रांतों में रहने वालों लोग धीरे-धीरे अपने घरों पर वापस आ रहे है। वापस आने वाले लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही है। इसी कड़ी में बुधवार को जिला अस्पताल में बड़ी संख्या में लोग जांच कराने के लिए पहुंचे। अस्पताल के मेन गेट पर डॉक्टरों की टीम ने लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग कर एक-एक कर अंदर आने की अनुमति दी। इस दौरान करीब 500 लोगों की जांच की गई। सर्दी, जुकाम व बुखार से पीड़ित लोगों को दवाएं दी गई। साथ ही घर पहुंचकर एहतियात बरतने की सलाह दी। इसके अलावा जिला अस्पताल में भी कोविड वार्ड बनाया गया है। इनमें बुखार से पीड़ित मरीजों को गंभीरता से लिया जा रहा है। पूरी जांच होने के बाद ही मरीजों को अस्पताल के अंदर प्रवेश करने की अनुमति दी जा रही है।

12 हजार लोगों की हो चुकी है थर्मल स्क्रीनिंग

सिर्फ जिला अस्पताल में ही अब तक 11994 लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग की जा चुकी है। जिसमें अधिकांश लोग बाहर से आए हुए हैं। बताया जा रहा है कि रोजाना 500 से अधिक लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही है।

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जिला अस्पताल में उड़ी सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां

जहां एक ओर स्वास्थ्य विभाग कोरोना से लोगों को बचाने के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ रहा है। वहीं दूसरी तरफ ही जिला अस्पताल में ही सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। चेकअप के दौरान लोगों को पास-पास खड़ा कर लाइन लगवा दी गई। चेकअप के आए लोग भी एक दूसरे से सटकर खड़े रहे। लापरवाही के चलते सोशल डिस्टेन्सिंग की खूूब धज्जियां उड़ीं।

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