शहीद CO की चिट्ठी पुलिस रिकार्ड से गायब, SSP की दुहाई नहीं मिल रही शिकायत

शहीद हुए पुलिस अफसर देवेंद्र मिश्र की एक चिट्ठी और कथित ऑडियो क्लिप वायरल होने से हड़कंप मचा हुआ है। बता दें कि शहीद पुलिस अफसर देवेंद्र मिश्र की जो चिट्ठी वायरल हुई है, उसे उन्होंने तत्कालीन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के नाम लिखा था।

Published by SK Gautam Published: July 7, 2020 | 11:21 am
Modified: July 7, 2020 | 12:14 pm

कानपुर: कानपुर देहात के बिकरू गांव में हुए शूटआउट का मुख्य आरोपी विकास दुबे अभी भी फरार है। अब तक उसके सिर पर घोषित इनाम की राशि भी पांच गुना की जा चुकी है। ऐसे में इस घटना में शहीद हुए पुलिस अफसर देवेंद्र मिश्र की एक चिट्ठी और कथित ऑडियो क्लिप वायरल होने से हड़कंप मचा हुआ है। बता दें कि शहीद पुलिस अफसर देवेंद्र मिश्र की जो चिट्ठी वायरल हुई है, उसे उन्होंने तत्कालीन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के नाम लिखा था।

एसएसपी दिनेश कुमार ने सफाई दी है

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक निलंबित थानाध्यक्ष की कार्यशैली को लेकर लिखी गई शहीद देवेंद्र मिश्र की वह शिकायती चिट्ठी SSP दफ्तर से गायब हो गई है। बता दें कि इस चिठ्ठी में शहीद क्षेत्राधिकारी देवेंद्र मिश्रा ने चौबेपुर के एसएचओ विनय तिवारी और विकास दुबे की मिलीभगत को लेकर तत्कालीन एसएसपी से शिकायत की थी। इस पर वर्तमान एसएसपी दिनेश कुमार ने सफाई दी है। इस चिट्ठी के वायरल होने के बाद कानपुर जोन IG मोहित अग्रवाल ने जांच बिठाई है।

एसएसपी दिनेश कुमार ने कहा-ऑफिस के किसी रजिस्टर में चिठ्ठी का कोई जिक्र नहीं

कानपुर के एसएसपी दिनेश कुमार ने कहा कि शहीद सीओ देवेंद्र मिश्रा का जो लेटर वायरल हो रहा है, उसका हमारे ऑफिस के किसी रजिस्टर में जिक्र नहीं है, फिर भी हम उसकी सत्यतता की जांच कर रहे हैं। हैरानी की बात है कि पत्र का रिकार्ड किसी ऑफिस में नहीं मिल रहा है।

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ये है पूरा मामला

दरअसल, चौबेपुर के एसएचओ विनय तिवारी की सीओ देवेंद्र मिश्रा से बिल्कुल भी नहीं बनती थी। सीओ बिल्हौर देवेंद्र मिश्रा ने एसएसपी को चिट्ठी लिखकर इंस्पेक्टर विनय तिवारी की शिकायत की थी। चिट्ठी में सीओ ने साफ लिखा था कि विनय तिवारी जानबूझकर विकास दुबे के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रहा है।

शहीद सीओ देवेंद्र मिश्रा ने साफ लिखा था कि अगर इंस्पेक्टर ने अपनी कार्य प्रणाली नहीं बदली तो गंभीर घटना हो सकती है। ये चिट्ठी मार्च महीने में सीओ देवेंद्र मिश्रा ने लिखी थी, लेकिन उस पर कोई एक्शन नहीं हुआ। अब जांच के दौरान ये बात सामने आ रही है कि चौबेपुर थाने से ही विकास दुबे को पुलिस की दबिश की खबर दी गई थी।

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खुद एसओ विनय तिवारी ने फोन करके बिजली कटवा दी

एसएसपी दिनेश कुमार ने सीओ बिल्हौर देवेंद्र मिश्रा और इंस्पेक्टर विनय तिवारी को कॉन्फ्रेंस में लेकर फोन पर बातचीत भी की थी, जिसका ऑडियो वायरल हो रहा है। एसएसपी की पहल का कोई नतीजा नहीं निकला। गुरुवार की रात पुलिस जब बिकरू गांव में विकास दुबे के घर दबिश देने पहुंची तो खुद एसओ विनय तिवारी ने लाइनमैन को फोन करके बिजली कटवा दी।

एसएसपी ने सीओ की चिट्ठी को गंभीरता से नहीं लिया

बहरहाल यूपी पुलिस ने इंस्पेक्टर विनय तिवारी को सस्पेंड कर दिया। एसटीएफ की टीम अब उसे हिरासत में लेकर बिकरू गांव में हुए शूटआउट में उनकी भूमिका को लेकर पूछताछ कर रही है। लोगों का कहना है कि अगर एसएसपी ने सीओ की चिट्ठी को गंभीरता से लिया होता तो सीओ समेत 8 पुलिसकर्मियों को अपनी शहादत नहीं देनी पड़ती।