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कानपुर एनकाउंटर: पहले से ही बदमाशों को थी भनक, देखें मुठभेड़ की तस्वीरें

उत्तर प्रदेश के कानपुर में थाना चौबेपुर के अंतर्गत देर रात हिस्ट्रीशीटर बदमाश विकास दुबे को पकड़ने गई पुलिस टीम पर बदमाशों ने हमला कर दिया और...

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Updated on: 3 July 2020 3:51 AM GMT
कानपुर एनकाउंटर: पहले से ही बदमाशों को थी भनक, देखें मुठभेड़ की तस्वीरें
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कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर में थाना चौबेपुर के अंतर्गत देर रात हिस्ट्रीशीटर बदमाश विकास दुबे को पकड़ने गई पुलिस टीम पर बदमाशों ने हमला कर दिया और छत से पुलिस पर गोलियां बरसाई गईं। इसमें DSP समेत आठ पुलिस कर्मी शहीद हो गए हैं जबकि सात पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। जिन्हें कानपुर के रीजेंसी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

मुठभेड़ के दौरान पुलिस कर्मियों के गोली लगने की सूचना मिलते ही एडीजी जोन, आईजी रेंज, डीएम, एसएसपी समेत आलाधिकारियों व सर्किल थानों के फोर्स के अलावा अन्य थाने की पुलिस भी मौके पर पहुंच गए हैं।

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क्या है पूरा मामला?

यह पूरा मामला कानपुर देहात के शिवली थाना इलाके का है। जानकारी के मुताबिक, गुरुवार देर रात सीओ बिल्हौर देवेंद्र मिश्रा के नेतृत्व में बिठूर, चौबेपुर, शिवराजपुर थानों की संयुक्त पुलिस टीमें अपराधी विकास दुबे को पकड़ने के लिए उसके गांव विकरु पहुंची और घेराबंदी करते हुए बदमाश की गिरफ्तारी के लिए जाल बिछाया। इस बीच पुलिस के गांव में आने की भनक अपराधियों को लग गई। गांव के अंदर पुलिस की घेराबंदी की भनक लगते ही बदमाशों ने छत से पुलिस टीम पर गोलीबारी शुरू दी। इसमें आठ पुलिसवाले शहीद हो गए।

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कौन है ये विकास दुबे?

मिली जानकारी के के अनुसार बिल्हौर के सीओ देवेंद्र मिश्र, शिवराजपुर के एसओ महेश यादव, दो सब इंस्पेक्टर और 4 सिपाही शहीद हो गए। इसके अलावा सात पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, जिनमें कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। बता दें कि आरोपी विकास दुबे के खिलाफ 60 केस दर्ज हैं। विकास दुबे वही अपराधी है, जिसने 2001 में राजनाथ सिंह सरकार में मंत्री का दर्जा पाए संतोष शुक्ला की थाने में घुसकर हत्या की थी।

पहले से घात लगाए थे बदमाश

उत्तर प्रदेश के DGP एचसी अवस्थी ने बताया कि विकास दुबे के खिलाफ कुछ दिन पहले हत्या के प्रयास का केस दर्ज किया गया था। पुलिस विकास दुबे को गिरफ्तार करने गई थी। जैसे ही फोर्स गांव के बाहर पहुंची तो वहां जेसीबी लगा दी गई। इस वजह से फोर्स की गाड़ी गांव के अंदर नहीं जा सकी। गाड़ी अंदर न जाने के कारण पुलिसकर्मी गांव के बाहर ही उतर गए।

इसी बीच बदमाशों ने पुलिस को घेर कर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस की ओर से भी जवाबी फायरिंग की गई। बदमाशों ने छत पर से गोलीबारी की। उनके ऊंचाई पर होने की वजह से कई पुलिसकर्मियों को गोलियां लगी हैं। वहीं 8 पुलिसकर्मी शहीद हो गए हैं।

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