मण्डलायुक्त की लोगों से अपील- लॉकडाउन को बनाएं सफल, उल्लंघन पर होगी सख्त कार्रवाई

आयुक्त विन्ध्याचल मण्डल प्रीति शुक्ला ने सभी नागरिकों से अपील करते हुए कहा है कि प्रत्येक दशा मे लॉकडाउन का पालन कड़ाई से करें। अनावश्यक रूप से घरो से बाहर न निकलें क्योंकि संक्रमण को फैलने से रोकना हीं सबसे कारगर उपाय है।

Published by Ashiki Patel Published: April 28, 2020 | 9:06 pm
Modified: April 28, 2020 | 9:10 pm

मीरजापुर: आयुक्त विन्ध्याचल मण्डल प्रीति शुक्ला ने सभी नागरिकों से अपील करते हुए कहा है कि प्रत्येक दशा मे लॉकडाउन का पालन कड़ाई से करें। अनावश्यक रूप से घरो से बाहर न निकलें क्योंकि संक्रमण को फैलने से रोकना हीं सबसे कारगर उपाय है। उन्होंने कहा कि विभिन्न माध्यमों से यह संज्ञान में लाया गया है कि साबुन से हाथों को बार-बार साफ करे, फेस कवर लगाये तथा सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें। जिनको होम कोरेन्टाईन में रहने के निर्देश हैं, वे इसका पालन करें।

आयुक्त ने कहा कि कोरोना वायरस का फैलाव संक्रमित व्यक्तियों द्वारा खाॅसने, छींकने पर मुँह एवं नाक से निकलने वाले ‘‘ड्रापलेट्स’’ के माध्यम से होता है। इसलिए खांसते एवं छींकते समय रूमाल अथवा टिशु पेंपर का इस्तेमाल किया जाये, निरन्तर सम्पर्क में आने वाली सतहों जैसे-दरवाजे के हैण्डल, रेलिंग, इलेक्ट्रिकल स्विच, कुर्सी, मेज, आदि को नियमित रूप से विसंक्रमित किया जाये।

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बैंक, मेडिकल स्टोर, राशन की दूकानों, गेहॅू क्रय केन्द्रों, सब्जी, फल एवं किराना की चिन्हित दूकानों पर भीड़ न लगायें एवं सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें। सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की अफवाहों पर न तो ध्यान दें और न हीं इसे फैलायें। उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा विकसित किये गये आरोग्य सेतु ऐप को समस्त नागरिक अपने मोबाईल फोन में अवश्य डाउनलोड करें तथा इसमें दिये गये सुविधाओं का लाभ उठायें।

मण्डलायुक्त ने कोरोना महामारी के दौरान मण्डल में किये गये व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी देते हुये बताया कि मण्डल के सभी जनपदों मे लॉकडाउन को प्रभावी रूप से लागू किये जाने हेतु प्रशासन एवं पुलिस द्वारा निरन्तर प्रभावी कार्यवाही की जा रही है। समस्त मुख्य मार्गों पर मजिस्ट्रेट एवं पुलिस की तैनाती कराकर पेट्रोलिंग करायी जा रही है। मण्डल के समस्त जनपदों की सीमाओं को इस प्रकार सील किया गया है कि कोई भी व्यक्ति अनाधिकृत रूप से जनपद की सीमा में प्रवेश न कर सके, वहां पर तैनात पुलिस कर्मी इसका कडाई से अनुपालन करें।

उन्होंने बताया कि इस बात पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है कि जनसामान्य को किसी भी प्रकार के अनावश्यक वस्तुओं की उपलब्धता के सम्बन्ध में कोई असुविधा न हो। इस हेतु मेेडिकल, फल, सब्जी एवं प्रशासन द्वारा अधिकृत किराना की दूकानों के माध्यम से निरन्तर आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति करायी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोविड-19 डेडिकेटेट एल-1 फेसिलिटी प्रत्येक जनपद में चालू है जिसमें से में विंध्याचल स्थित एल-1 फेसिलिटी में मण्डल के अभी तक संक्रमित हुए 4 व्यक्तियों मरीजों को आइसोलेसन में रखते हुए आवश्यक उपचार किया जा रहा है।

संसाधनों की बचत एवं कम से कम मेडिकल स्टाफ एक्सपोज हो, इस दृष्टि से मण्डल के अन्य जनपदों के मरीजों को भी मण्डल स्तर पर विन्ध्याचल मे स्थित एल-1 फेसिलिटी में हीं भरती किया गया है। मण्डल के जिन क्षेत्रों में कोरोना पाजिटिव मरीज मिले हैं उन क्षेत्रों को हॉटस्पाट के रूप में घोसित किया गया है। जिले मे लठिया-सहिजनी, शेरवां, बसाढ़ी एवं दीक्षितपुर तथा जनपद भदोहीं में नेशनल इण्टर कालेज भदोही को हाटस्पाॅट के रूप में बैरिकेटिंग के माध्यम से सील करा दिया गया है। उन क्षेत्रों में सामान्यतया मेडिकल स्टाफ, सफाई कर्मी एवं आवश्यक वस्तुओं की डिलीवरी से सम्बन्धित व्यक्तियों को ही जाने की अनुमति है, ताकि संक्रमण को अन्य क्षेत्रों में फैलने से रोका जा सके।

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कोरोना महामारी के मरीजों के सम्पर्क में आने वाले व्यक्तियों एवं अन्य संदिग्ध व्यक्तियों को चिन्हित स्थानों पर इन्स्टीट्यूशनल कोरेन्टाइन मे रखा गया है एवं उनके कोविड-19 सम्बन्धी टेस्ट की व्यवस्था निरन्तर की जा रही है। इसके अतिरिक्त रेण्डम आधार पर अन्य क्षेत्रों में भी विभिन्न व्यक्तियों एवं मेडिकल स्टाफ के भी कोरोना सम्बन्धी टेस्ट कराये जा रहे हैं। जो व्यक्ति अन्य देशो प्रदेशो एवं अन्य जनपदों से मण्डल के जनपदों में आये हैं उन्हें प्रशासन द्वारा चिन्हित अस्थाई आश्रय स्थल में निर्धारित अवधि तक रखते हुए उनके रहने, भोजन एवं स्वास्थ्य परीक्षण की व्यवस्था करायी जा रही है।

उत्तर प्रदेश के निवासी ऐसे व्यक्ति जो आश्रय स्थल में निर्धारित अवधि पूर्ण कर लेते हैं, उनका स्वास्थ्य परीक्षण कराने के उपरान्त राशन आदि जरुरी सामान दे कर प्रशासन द्वारा वाहनों के माध्यम से उनको घर भेजा जा रहा है। ऐसे व्यक्तियों एवं गांव में बाहर से आये अन्य व्यक्तियों को होम कोरेन्टाईन में रहने के निर्देश दिये गये हैं और स्वास्थ्य विभाग द्वारा उनकी स्थिति पर सर्विलांस के माध्यम से नजर रखी जा रही हैै। मण्डलायुक्त कार्यालय स्तर पर इनकी क्रास चेकिंग की जा रही है।

जिन्हें रोजगार न मिलने की स्थिति में खाद्यान की कमी है, उन्हें सरकारी गैर सरकारी संस्थाओं द्वारा कम्यूनिटी किचन के माध्यम से पके पकाये भोजन की व्यवस्था करायी जा रही हैै। मण्डल के तीनों जनपदों में उत्तर प्रदेश के ही अन्य जनपदों से आये ऐसे व्यक्तियों, जिनको अस्थाई आश्रय स्थल में रखा गया था, में से अधिकांश को मेडिकल परीक्षण के उपरान्त उन्हें आवश्यक खाद्यान्न सहित उनके घरों को रवाना किया जा चुका है।

आश्रय स्थल में रह रहे ऐसे व्यक्ति जो उत्तर प्रदेश के बाहर के निवासी हैं। उनकी सूची पूर्ण विवरण तैयार किया जा चुका है एवं शासन के निर्देश प्राप्त होते हीं उन्हें भी उनके प्रदेश जनपद के लिए भेजने की व्यवस्था की जायेगी। ऐसे व्यक्ति जो उत्तर प्रदेश के निवासी हैं एवं अन्य प्रदेशों में रह रहे हैं उनमें से सर्वप्रथम हरियाणा राज्य से कुछ व्यक्तियों का आगमन प्रदेश में आज-कल में होने की सम्भावना है। ऐसे व्यक्तियों के आने पर सर्वप्रथम उनके स्वास्थ्य परीक्षण के उपरान्त चिन्हित किये गये शेल्टर होम में 14 दिन के लिए रखा जायेगा। यदि उनमे से किसी में कोरोना के लक्षण पाये जाते हैं तो कार्यवाही की जायेगी।

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समस्त श्रेणी के संस्थानों संस्थागत कोरेन्टाईन सेंटर, अस्थाई आश्रय स्थल, मरीजों की सेवा मे लगे चिकत्सक, नर्स को शासनादेश के अनुसार रखे जाने वाले चिन्हित स्थानों एवं कम्यूनिटी किचन आदि का मण्डलायुक्त जिलाधिकारी सहित प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा लगातार निरीक्षण किया जा रहा है एवं आवश्यक व्यवस्थायें सुनिश्चित करायी जा रही है। मण्डल के तीनों जनपदों में कन्ट्रोल रूम प्रारम्भ से हीं संचालित है, जिसमें प्राप्त शिकायतों एवं पृच्छाओं पर सम्बन्धित विभागों से समन्वय स्थापित करते हुए आवश्यक कार्यवाही की जा रही है एवं जनसामान्य की कन्ट्रोल रूम एवं आईजीआरएस के माध्यम से प्राप्त शिकायतों का निस्तारण किया जा रहा है। मण्डलायुक्त स्तर पर इनकी रेण्डम क्रास चेकिंग भी नियमित रूप से की जा रही हैै।

कोविड-19 के प्रबन्धन से जुड़े चिकित्सक गैर चिकित्सकीय कर्मियों सरकारी एवं गैर सरकारी दोनों को ‘‘सेल्फ प्रोटेक्षन’’ एवं अन्य व्यवस्थाओं के सम्बन्ध मे प्रशिक्षण की भी व्यवस्था शासन स्तर से की गयी है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा पर्याप्त संख्या मे चिकित्सकीय इकाईया बेड एवं अन्य आवश्यक उपकरण जैसे वीटीएम, पीपीई, आक्सीजन सिलेण्डर, वेन्टीलेटर आदि की व्यवस्था शासनादेश के अनुसार की जा रही है एवं इसकी समीक्षा मण्डल स्तर से लगातार की जा रही है। मण्डल के समस्त जनपदों मे टेलीमेडिसीन के माध्यम से सलाह देने हेतु चिकित्सकों की सूची का प्रचार-प्रसार समाचार पत्रों के माध्यम से कराया गया है। माह अप्रैल की एक तारीख से राशन की दूकानों पर पात्र गृहस्थी, अन्त्योदय कार्ड धारकों को नियमित राशन एवं साथ-साथ फ्री राशन का वितरण कराया जा रहा है।

लाकडाउन का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किये जाने हेतु की गयी कार्यवाही सुनिश्चित कराने के लिये भी आयुक्त ने बताया कि कोविड-19 के दृष्टिकोण उत्पन्न आपदा की स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक है कि प्रत्येक व्यक्ति द्वारा लाकडाउन के नियमों का कड़ाई से पालन किया जाये एवं प्रशासन, पुलिस तथा मेडिकल टीमों को अपेक्षित सहयोग प्रदान किये जाये ताकि संक्रमण फैलने न पाये तथा जन-जीवन सुरक्षित रहे।

जिन व्यक्तियों द्वारा इसका उल्लंघन किया जा रहा है या किया जायेगा उनके विरूद्ध कठोर कार्यवाही की जा रही है एवं भविष्य में भी की जाती रहेगी। मण्डल के सभी जनपदों मे धारा-144 लागू है। संक्रमण फैलाने में लिप्त पाये जाने पर, कोरेन्टाईन सेंटर से भागने वाले अथवा अन्य उल्लंघनकर्ता व्यक्तियों के विरूद्ध महामारी अधिनियम एवं आईपीसी की सुसंगत धाराओं के अन्तर्गत कार्यवाही यथा एफआईआर, गिरफ्तारी, वाहनों का चालन, वाहनों को सीज किया जाना, जुर्माना आदि की कार्यवाही की जा रही है एवं आगे भी की जाती रहेगी।

रिपोर्ट: बृजेन्द्र दुबे

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