कोरोना मरीजों की मौत से परेशान डॉक्टर ने की आत्महत्या, पिता ने की ये मांग

कोरोना के लगातार बढ़ते मामले और हो रही मौतों से परेशान होकर मरीजों का इलाज कर रहीं एक टॉप डॉक्टर ने आत्महत्या कर ली है।

नई दिल्ली: पूरी दुनिया इस समय कोरोना की चपेट में है। इस महामारी की मार सबसे ज्यादा इस समय अमेरिका झेल रहा है। इस बीच अमेरिका में कोरोना के लगातार बढ़ते मामले और हो रही मौतों से परेशान होकर मरीजों का इलाज कर रहीं एक टॉप डॉक्टर ने आत्महत्या कर ली है।

49 वर्षीय डॉक्टर लॉरेन एम ब्रीन इमरजेंसी डिपार्टमेंट की मेडिकल डायरेक्टर थीं और कोरोना संक्रमितों का इलाज कर रहीं थीं। डॉक्टर लॉरेन अपने परिवार के साथ रहतीं थी और उन्होंने घर पर ही सुसाइड कर ली। कोरोना की वजह से मरीजों की हो रही मौत से डॉक्टर दुखी और परेशान थीं। उन्होंने अपने परिवार वालों के साथ अपनी यह परेशानी शेयर भी की थी।

ये पढ़ें… दिल्ली में हाॅटस्पाॅट बढ़ने से चिंतित, राजधानी पर है सरकार की विशेष नजर: डाॅ हर्षवर्धन

काम ने ले ली जान

शेरलॉट्सविला पुलिस डिपार्टमेंट के प्रवक्ता ने बताया कि रविवार को लॉरेन के घर से इमरजेंसी नंबर पर कॉल आया और उन्हें बाद में अस्पताल ले जाया गया, हालांकि वहां उन्हें बचाया नहीं जा सका। लॉरेन के पिता फिलिप ब्रीन ने कहा- ‘उसने अपना काम करने की कोशिश की। काम ने उसकी जान ले ली।

ये पढ़ें… मजदूरों के लिए खुशखबरी: हो रही घर वापसी, फंसे 4500 से अधिक को भेजा गया घर

नहीं थी कोई मानसिक बीमारी

लॉरेन के पिता ने बताया कि लॉरेन मानसिक रूप से स्वस्थ थीं। साथ ही कोरोना के मामले आने के बाद से ही देश के फ्रंटलाइन हेल्थ वर्कर्स के साथ काम कर रही थी। उन्होंने बताया कि लॉरेन बीते कुछ दिनों से कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों और बिगड़ते हालतों को लेकर काफी परेशान थीं।

हीरो की तरह याद किया जाय लॉरेन को

लॉरेन ने बीते दिनों अपने पिता से बात की थी और वे बता रहीं थीं कि कैसे कुछ कोरोना संक्रमितों की मौत एंबुलेंस से उतार कर इमरजेंसी रूम तक लाने के दौरान ही हो जाती है। लॉरेन के पिता ने बताया कि हॉस्पिटल का दबाव उनकी बेटी पर हावी हो गया। उन्होंने आगे कहा कि मैं बस इतना चाहता हूं कि लॉरेन को एक हीरो की तरह यार रखा जाए, उन्हें भी कोरोना के चलते हुई मौतों में शामिल किया जाए।

ये पढ़ें… कोरोना वायरस से केंद्रीय अर्धसैनिक बल में पहली मौत, CRPF सब-इंस्पेक्टर ने दम तोड़ा

एनएसईजेड में कंपनियों को हो रहा भारी नुकसान, हजारों लोग हो सकते है बेरोजगार

बिहारः कोरोना संकट के बीच मुज़फ्फरपुर में दिमागी बुखार से 24 घंटे में 2 बच्चियों की मौत