कोरोना संकट ने पाक को मुसीबत से बचाया, FATF की बैठक 4 महीने टली

पाकिस्तान शुरू से ही आतंकी संगठनों की बैक डोर से मदद करता रहा है। लश्कर-ए-तैयबा, तालिबान, अलकायदा, जैश ए मोहम्मद और हक्कानी नेटवर्क जैसे आतंकी संगठनों की फंडिंग रोकने में विफल रहने की वजह से एफएटीएफ ने पिछले साल जून से पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में रखा है।

अंशुमान तिवारी

नई दिल्ली। कोरोना संकट के कारण पाकिस्तान पर छाई एक बड़ी मुसीबत टल गई है। पूरी दुनिया में कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवादी संगठनों के फंडिंग की निगरानी संस्था फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) ने अपनी सारी गतिविधियों को टाल दिया है। इस कारण जून में प्रस्तावित एफएटीएफ की प्रस्तावित बैठक अब अक्टूबर में होने की संभावना है। बैठक टलने की वजह से पाकिस्तान को एफएटीएफ की ओर से दिए गए लक्ष्य को पूरा करने के लिए और समय मिल गया है और उस पर ब्लैक लिस्ट में रखे जाने का खतरा टल गया है।

अभी ग्रे लिस्ट में है पाकिस्तान

पाकिस्तान शुरू से ही आतंकी संगठनों की बैक डोर से मदद करता रहा है। लश्कर-ए-तैयबा, तालिबान, अलकायदा, जैश ए मोहम्मद और हक्कानी नेटवर्क जैसे आतंकी संगठनों की फंडिंग रोकने में विफल रहने की वजह से एफएटीएफ ने पिछले साल जून से पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में रखा है।

 

एफएटीएफ ने दी थी पाक को चेतावनी

एफएटीएफ की ओर से गत फरवरी में पाकिस्तान को 27 पॉइंट के एक्शन प्लान पर अमल में विफल रहने पर चेतावनी दी गई थी। तब पाकिस्तान को इस मामले में कार्रवाई करने के लिए 4 महीने की मोहलत मिल गई थी। उस समय हुई बैठक में चीन, मलेशिया और तुर्की जैसे देशों ने पाकिस्तान का साथ दिया था।

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बैठक टलने से पाक को मिली राहत

अब एफएटीएफ की बैठक टलने से पाकिस्तान को और मोहलत मिल गई है। पाकिस्तान के प्रदर्शन की समीक्षा करने के लिए बीजिंग में 21 से 26 जून तक समीक्षा बैठक होने वाली थी। सूत्रों का कहना है कि अब यह बैठक अक्टूबर में होने की संभावना है। चीन हमेशा एफएटीएफ की बैठक में पाकिस्तान की ढाल बनकर खड़ा होता रहा है मगर अब उसके लिए भी पाकिस्तान का बचाव करना काफी कठिन साबित हो रहा है।

जारी रहेंगे संगठन के प्रयास

एफएटीएफ की बैठक टलने के बाद पेरिस बेस्ड इस संगठन की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि मनी लांड्रिंग और टेरर फाइनेंसिंग को रोकने के लिए संगठन के प्रयासों में कोई कमी नहीं आएगी। संगठन का कहना है कि अवैध वित्त पोषण से निपटने के उपायों पर कोरोना संकट के दिनों में भी सक्रिय रूप से निगरानी की जाएगी।

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इस वजह से टालनी पड़ी बैठक

माना जा रहा है कि एफएटीएफ ने यह बैठक इसलिए डाल दी है क्योंकि कोरोना संकट की वजह से लागू यात्रा प्रतिबंधों की वजह से तमाम देशों के प्रतिनिधि संगठन की बैठक में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। तमाम देशों के प्रतिनिधियों के न पहुंच पाने के कारण इस बात का सही आकलन नहीं हो पाएगा कि पाकिस्तान ने एक्शन प्लान पर कितना अमल किया है।

अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा पाक

वैसे पाकिस्तान की जमीन से काम करने वाले आतंकी संगठनों की गतिविधियों में अभी भी कोई कमी नहीं आई है। इन संगठनों को हमेशा पाकिस्तान सरकार और वहां की खुफिया एजेंसी आईएसआई की ओर से संरक्षण मिलता रहा है। अभी भी पाकिस्तान से अपनी गतिविधियां चलाने वाले आतंकी संगठन जम्मू कश्मीर में आतंकी घटनाओं को बढ़ावा देने में जुटे हुए हैं।

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इन संगठनों से जुड़े तमाम आतंकी घाटी से लगी पाकिस्तान सीमा पर बने लांचिंग पैड पर घुसपैठ करने के लिए तैयार बैठे हैं। इससे साफ है कि पाकिस्तान अभी भी अपनी आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने की प्रवृत्ति से बाज नहीं आ रहा है। पाकिस्तान की सेना भी आतंकी संगठनों की मदद करने में लगी हुई है।

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