मेरठ के इस अस्पताल मालिक ने की आत्महत्या, जाने क्यों

मेरठ में वित्तीय संकट से घिरे आनंद अस्पताल के मालिक हरिओम आनंद ने आत्महत्या कर ली। गढ़ रोड स्थित अपने फार्म हाउस पर उन्होंने सल्फास खा लिया था।

लखनऊ: मेरठ में वित्तीय संकट से घिरे आनंद अस्पताल के मालिक हरिओम आनंद ने आत्महत्या कर ली। गढ़ रोड स्थित अपने फार्म हाउस पर उन्होंने सल्फास खा लिया था। हरिओम आनंद को उन्हीं के अस्पताल में अपरान्ह करीब डेढ़ बजे भर्ती कराया गया जहां उपचार के दौरान पौने पांच बजे दम तोड़ दिया। इस दौरान पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और हरिओम आनंद के शव को कोविड-19 टेस्ट के लिए मेडिकल कॉलेज ले गई है।

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मामला गढ़ रोड स्थित आनंद अस्पताल का है

प्राप्त जानकारी के अनुसार गढ़ रोड स्थित आनंद अस्पताल के प्रबंध निदेशक हरिओम आनंद नौचंदी के शास्त्रीनगर स्थित एच ब्लाक में रहते थे। बताया जाता है कि शनिवार को हरिओम आनंद अपने चालक फारुख के साथ कार से दोपहर करीब एक बजे गढ़ रोड स्थित मुरलीपुर में अपने फार्म हाउस पर गए थे। पुलिस का कहना है कि वहीं पर हरिओम आनंद ने सल्फास खा लिया। उनके हाथ से सल्फास की डिब्बी मिली है, जिसमें कुछ गोलियां बची हुई है।

पुलिस के अनुसार हरिओम आनंद ने अपने चालक फारुख को बताया कि उन्होंने जहर खा लिया है। अब वह नहीं बच पाएंगे, तभी चालक उन्हें कार में बैठाकर फार्म हाउस से सीधे आनंद अस्पताल लेकर पहुंचा। उसके बाद चिकित्सकों ने हरिओम आनंद का उपचार शुरू कर दिया। शाम को 4.45 बजे हरिओम आनंद को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।

एक बार पहले भी कर चुके थे आत्महत्या का प्रयास

पता चला है कि हरिओम आनंद एक बार पहले भी आत्महत्या का प्रयास कर चुके थे। आत्महत्या के पीछे उनके अस्पताल के संबंध में चल रहा विवाद और वित्तीय संकट बताया जा रहा है। थाना मेडिकल के एसओ कुलबीर का कहना है कि कोविड-19 टेस्ट के बाद ही पोस्टमार्टम कराया जाएगा। बताया जा रहा है कि हरिओम आनंद ने आत्महत्या से पहले सुसाइड नोट भी लिखा है, तो उसकी भी जांच पड़ताल की जा रही है। फिलहाल पुलिस हरिओम आनंद के चालक फारुख से पूछताछ कर रही है।

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आपको बता दे कि वर्ष 1988 में हरिओम आनंद ने लोकप्रिय नामक अस्पताल बनाया लेकिन उसके निर्माण के दौरान ही उन्होंने बहुत ज्यादा कर्ज ले लिया। इसी दौरान उन्हे मेडिकल कालेज बनाने की अनुमति मिल गई तो उन्होंने साझेदारी में सुभारती के नाम से मेडिकल कालेज बनाया। मेडिकल कालेज बनने के बाद उनके साझेदार ने उन्हे साझेदारी से हटा दिया। इसी दौरान मेडिकल कालेज के एकाउंटेट की भी हत्या हो गई, जिसकी जांच सीबीआई के पास है। इसी बीच हरिओम आनंद ने आनन्द नाम से एक अस्पताल बनाया लेकिन बहुत ज्यादा कर्ज होने के कारण वह अक्सर परेशान रहते थे।

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