एक्सक्लुसिव: नमाज को लेकर मुस्लिम धर्मगुरु कारी अफ्फान ने कहा- जो पाया है उसी को नेमत कहते हैं

रमजान उल मुबारक महीने का अलविदा (आखिरी) जुमे की नमाज आज घरों में ही अदा की जा रही है, मस्जिदों में जुमे की नमाज में सिर्फ चार से पांच लोग ही अदा करेंगे। बाकी लोग अपने घरों में जुमे के बजाए जोहर की नमाज अदा करेंगे।

Published by SK Gautam Published: May 22, 2020 | 4:18 pm
Modified: May 22, 2020 | 4:33 pm

सादिक खान

मेरठ: देशभर में कोरोना महामारी का प्रकोप लगातार जारी है तो वहीं दूसरी ओर मुस्लिम समाज के सबसे बड़े पर्व रमजान उल मुबारक की, तो आज रमजान का आखिरी अलविदा जुम्मा है जिसको लेकर न्यूज ट्रैक संवाददाता सादिक खान ने ग्राउंड जीरो पर उतर बंद मस्जिदों का जायजा लिया साथ ही मुस्लिम धर्मगुरु कारी अफ्फान के साथ खास बातचीत की है।

जो पाया है उसी को नेमत कहते हैं

आपको बता दे कि रमजान उल मुबारक महीने का अलविदा (आखिरी) जुमे की नमाज आज घरों में ही अदा की जा रही है, मस्जिदों में जुमे की नमाज में सिर्फ चार से पांच लोग ही अदा करेंगे। बाकी लोग अपने घरों में जुमे के बजाए जोहर की नमाज अदा करेंगे। मेरठ के मुस्लिम धर्म गुरु कारी अफ्फान ने कहा कि रमजान उल मुबारक का आखिरी जुमा अब हमसे रुखसत हो रहा है जो अपने दामन में अनमोल मोती समेट चुका है जो हमारी इबादत की शक्ल में किया है।

आइए हम सब इस अजीम दिन को रुखसत करने से पहले यह सोचे के आखिर हमने इस महीने में क्या खोया और क्या पाया। हमें उम्मीद है कि इस महीने में हमने खोया कुछ नहीं पाया बहुत कुछ है, जो पाया है उसी को नेमत कहते हैं। इस इनाम का नाम ईद है। बताते चलें कि लॉकडाउन के मद्देनजर अलविदा जुमा और ईद की नमाज घरों में पढ़ने की अपील की है। ईद करीब है, अब केवल 2 दिन बाद ही ईद चाँद दिखने के बाद होगी जिसकी नमाज भी घरों में अदा की जाएगी।

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News Track संवाददाता सादिक़ खान से एक्सक्लुसिव बात करते हुए मुस्लिम धर्मगुरु कारी अफ्फान ने बताया कि जैसे पिछले तीन-चार जुमे से नमाज होती चली आ रही है अपने-अपने घरों में लोग जमात से नमाज अदा कर रहे हैं अकेले-अकेले नमाज पढ़ रहे हैं उसी तरह अपने अपने घरो में नमाज पड़ेंगे, अलविदा जुमे पर कोई नई तैयारी नहीं है लेकिन यह एक बदलाव है जिस तरीके से हर साल होता था लाखो की भीड़ जुम्मा अलविदा में लोग नमाज अदा करते थे लेकिन इस महामारी और इस बीमारी पूरी दुनिया के अंदर फैली हुई है और एक बहुत बड़ा बवा की शक्ल इख्तियार कर चुकी है इससे बचने के लिये यह सब अपने अपने घर में नमाज अदा कर रहे हैं उसकी बार-बार अपील की जा रही है और उसका असर भी देखने को मिल रहा है।

ईद तक हमारा मैसेज सब तक पहुंच जाएगा

कारी अफ्फान ने कहा कि ईद की नमाज के लिए भी पूरी तरीके से जो दारुल उलूम देवबंद की तरफ से भी गाइडलाइन आ चुकी है लोगों में एक बेचैनी थी उसके लिए एक हफ्ता से हम लोग कोशिश कर रहे हैं ईद तक हमारा मैसेज सब तक पहुंच जाएगा मैं आपके चैनल के माध्यम से भी कहना चाहूंगा लोगों से कि अपने-अपने घरों में नमाज अदा करें इस बीमारी से बचने के लिए अगर इस बीमारी से बच गए तो आइंदा फिर इंशाल्लाह रमजान भी होंगे और ईद भी होगी फिर उसी तरह से होगी एक ईद है अगर सब इस तरह से अपने अपने घरों में नमाज अदा करे और इस बीमारी से बच जाए तो बहुत अच्छा होगा।

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रिपोर्ट-सादिक खान

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