×

बजट 2020 में मिडिल क्लास को बड़ा तोहफा, मिल सकता है ये लाभ...

Shivani Awasthi

Shivani AwasthiBy Shivani Awasthi

Published on 26 Jan 2020 11:01 AM GMT

बजट 2020 में मिडिल क्लास को बड़ा तोहफा, मिल सकता है ये लाभ...
X
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • koo
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • koo
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • koo

नई दिल्ली: इस सप्ताह पेश होने वाले भारतीय बजट में मिडिल क्लास के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बड़ा तोहफा दे सकती हैं। बजट में माध्यम वर्ग के लिए आयकर विभाग में छूट के साथ ही कई अन्य बड़ी सौगातें होने की संभावना है। बता दें कि आगामी बजट में मांग और खपत बढ़ाने के लिये सरकार 5 लाख रुपये तक की आय (Income) को करमुक्त (Tax Free) कर सकती है। इसके अलावा प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का दायरा भी बढ़ाया जा सकता है।

आगामी बजट को लेकर वित्त विभाग मांग और खपत बढ़ाने की दिशा में काम कर सकती है। इसके लिए सरकार पूंजीगत खर्च के मोर्चे पर कई ढांचागत योजनाओं पर काम कर रही है। साथ ही आम नौकरीपेशा लोगों को इनकम टैक्स में राहत दी जा सकती है, ताकि उनकी जेब में खर्च करने के लिये अधिक पैसा बचे।

आम आदमी हो बजट से ये फायदा:

मध्यम वर्ग खासकर नौकरीपेशा निश्चित रूप से इनकम टैक्स में कटौती की उम्मीद कर रहे हैं। इंडीविजुअल इनकम टैक्स छूट सीमा को मौजूदा 2.50 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर मध्यम वर्ग को कर राहत दी जा सकती है। फिलहाल 2.50 से 5 लाख रुपये तक 5 प्रतिशत, 5 से 10 लाख रुपये पर 20 प्रतिशत और 10 लाख रुपये से अधिक की आय पर 30 प्रतिशत की दर से कर लगता है। इसके अलावा 5 लाख रुपये तक की आय वाले को 12,500 रुपये की छूट दी गयी है। यानी 5 लाख रुपये तक की आय पर कोई कर नहीं लगेगा।

ये भी पढ़ें:ARMY का फुल फॉर्म: 100 में से 99 लोग नहीं जानते, आइए आपको बताते हैं

अर्थशास्त्रियों का मानना है कि वेतन भोगियों पर प्रत्यक्ष कर (Direct Tax) का बोझ कम किया जाना चाहिये। स्वास्थ्य और परिवहन क्षेत्र में खर्च बढ़ने का बचत पर असर पड़ रहा है इसलिये बचत दर और मांग बढ़ाने के लिये वित्त मंत्री को इंडीविजुअल इनकम टैक्स में राहत पहुंचानी चाहिये।

धारा 80C के तहत सीमा बढ़ाकर 2.50 रुपये किये जाने की जरूरत:

इनकम टैक्स कानून की धारा 80C के तहत जीवन बीमा प्रीमियम, ट्यूशन फीस और अन्य बचत पर मौजूदा 1.50 लाख रुपये की सीमा को बढ़ाकर 2.50 लाख रुपये करने की आवश्यकता है। इससे वेतनभोगी तबके की जेब में अधिक धन बचेगा और अर्थव्यवस्था में मांग बढ़ेगी।

ये भी पढ़ें: गणतंत्र दिवस पर इन दो राज्यों का हुआ विलय, अब भारत में 8 केंद्र शासित प्रदेश

बजट में आयुष्मान भारत और पेंशन- स्वास्थ्य बीमा भी:

माना जा रहा है कि इस बजट में मध्यम वर्ग को प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की तर्ज पर स्वास्थ्य बीमा का भी लाभ मिल सकता है। बता दें कि अभी देश के करीब 10.74 करोड़ गरीब परिवार को सरकारी और निजी अस्पतालों में गंभीर बीमारी के इलाज के लिये 5 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा मिलता है। वहीं लंबे समय से पेंशन और स्वास्थ्य बीमा सुविधा उपलब्ध कराये की मांग भी उठ रही है। ऐसे में सरकार गरीब तबके के लिये जो स्वास्थ्य बीमा योजना चला रही है उसने मध्यम वर्ग को भी लाभ मिल सकता है।

गौरतलब है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक फरवरी को 2020-21 का आम बजट पेश करेंगी। सुस्त पड़ती अर्थव्यवस्था को फिर से तेजी के रास्ते पर लाना उनके समक्ष बड़ी चुनौती होगी। चालू वित्त वर्ष की सितंबर में समाप्त दूसरी तिमाही में आर्थिक वृद्धि दर कम होकर 4.5 प्रतिशत रह गई। पूरे साल की वृद्धि दर 5 प्रतिशत रहने का अनुमान है जो कि पिछले 11 साल में सबसे कम होगी।

ये भी पढ़ें:21 तोपों की ही सलामी क्यों? जानें क्या है इसका रहस्य, कहां से हुआ शुरू

Shivani Awasthi

Shivani Awasthi

Next Story