मुश्किल में डॉ. कफील: जमानत पर रिहाई के बाद अब योगी सरकार का बड़ा एक्शन

गोरखपुर के बीआरडी अस्पताल में बच्चों की मौत के बाद चर्चा में आये डॉ. कफील खान पर योगी सरकार ने रासुका (NSA) के तहत कार्रवाई की है।

Published by Shivani Awasthi Published: February 14, 2020 | 1:20 pm
Modified: February 14, 2020 | 1:21 pm

लखनऊ: गोरखपुर के बीआरडी अस्पताल में बच्चों की मौत के बाद चर्चा में आये डॉ. कफील खान की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रहीं। हाल ही में जमानत पर जेल से बाहर आये डॉ. कफील पर अब योगी सरकार ने बड़ा एक्शन लेंगे। योगी सरकार ने डॉ. कफील पर रासुका (NSA) के तहत कार्रवाई की है। बता दें कि सीएए के खिलाफ भड़काऊ भाषण देने के मामले में डॉ. कफील की गिरफ्तारी की गयी थी।

योगी सरकार ने लिया डॉ. कफील पर एक्शन:

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने डॉ. कफील खान के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत कार्रवाई की है। बता दें कि सोमवार को डॉ. कफील कोर्ट से जमानत मिलने के बाद रिहा हुए हैं। वहीं चार दिन के अंदर ही उन पर दोबारा एक्शन ले लिया गया।

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इस मामले में गये थे जेल:

गौरतलब है कि डॉ. कफील खान ने बीती 12 दिसंबर को अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में नागरिकता संशोधन के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान भड़काऊ भाषण दिया था। उन पर दर्ज हुए मुकदमे के तहत कहा गया कि एएमयू में अपने भाषण में डॉ. कफील खान ने कथित तौर पर कहा था कि ‘मोटा भाई’ सबको हिंदू और मुसलमान बनने की सीख दे रहे हैं, इंसान बनने की नहीं। साथ ही कफील ने कहा था कि सीएए के खिलाफ संघर्ष हमारे अस्तित्व की लड़ाई है।

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मामले में 29 जनवरी को मुंबई एयरपोर्ट से यूपी टास्क फ़ोर्स (यूपी एसटीएफ) डॉ. कफील की गिरफ्तारी की। गिरफ्तारी के बाद उन्हें अलीगढ़ जेल लाया गया था, जहां कुछ मिनट ही उन्हें गुजारे थे, जिसके बाद उन्हें मथुरा जेल ट्रांसफर कर दिया गया। हालाँकि हाल ही में सोमवार को अलीगढ़ के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने उन्हें जमानत दे दी।

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बीआरडी अस्पताल में बच्चों की मौत से आये थे चर्चा में:

बता दें कि साल 2017 में गोरखपुर में स्थित बीआरडी अस्पताल में दो दिन के अंदर 30 बच्चों की मौत गो गयी थी।

इस मामले में कथित तौर पर ऑक्सीजन की कमी से हुई बच्चों की मौत के मामले में डॉ. कफील को आरोपी बनाकर गिरफ्तार कर लिया गया था और लगभग सात महीने तक जेल में बंद रहे। उस दौरान डॉ. कफील एईएस वार्ड के नोडल अधिकारी थे। इस घटना के बाद उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया था।

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