योगी की ललकार! संपति जलाने वाले ही करेंगे भरपाई, दंगाईयों को…

राज्य की 23 करोड़ जनता को सुरक्षा का भाव देने के लिए पुलिस कर्मियों की सुविधाएं बढ़ायी है। 1.37 लाख लोगों की पुलिस में भर्ती की है। सपा सरकार में खत्म की गयीं पीएसी की कम्पनियों को फिर से बहाल किया गया है और तीन महिला पीएसी बटालियन का गठन किया जा रहा है।

लखनऊ: विधान परिषद में गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बजट चर्चा के दौरान प्रदेश के विभिन्न जिलों में बीते दिनों सीएए के मुद्दे पर हुए हिंसक प्रदर्शन की तरफ इशारा करते हुए कहा कि सरकार कानून को हाथ में लेने की किसी को इजाजत नहीं देगी। जो कानून व्यवस्था बिगाड़ेगा उसके साथ सख्ती से निपटेंगे। सम्पत्ति जलाने वालों से ही उसकी भरपाई भी करेंगे। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार बुन्देलखण्ड में हर व्यक्ति को जल्द ही हर घर नल योजना से पीने का पानी मुहैया करायेगी। दो दिन बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे योजना का शिलान्यास करने जा रहे हैं। इससे जुड़ा डिफेन्स काॅरीडोर बनेगा, जहां बनी तोपें देश और दुनियां में गरजेंगी।

बेहतर कानून व्यवस्था के लिए जाना जा रहा है UP

मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी अराजकता, भ्रष्टाचार, लूट-खसोट और अपहरण की पहचान रखनेवाला उत्तर प्रदेश आज चमचमाती सड़कें, जगमगाती बिजली, गांव से लेकर शहरों तक सड़कों के बिछे जाल और बेहतर कानून व्यवस्था के लिए जाना जा रहा है। इसका यह नतीजा है कि आज उत्तर प्रदेश में निजी पूंजी निवेश तेजी से बढ़ रहा है। सरकार ने तीन वर्ष में राज्य में जहां 2.81 लाख लोगों को सरकारी नौकरी दी है वहीं ओडीएफ योजना के जरिये 33 लाख लोगों को रोजगार और स्टार्टअप से जोड़ा है।

राज्य की 23 करोड़ जनता को सुरक्षा का भाव देने के लिए पुलिस कर्मियों की सुविधाएं बढ़ायी है। 1.37 लाख लोगों की पुलिस में भर्ती की है। सपा सरकार में खत्म की गयीं पीएसी की कम्पनियों को फिर से बहाल किया गया है और तीन महिला पीएसी बटालियन का गठन किया जा रहा है।

ये भी पढ़ें—हवाई जहाज पकड़ने के लिए यहां चढ़ा सनकी! इलाके में मचा हड़कंप

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए हर ग्राम पंचायत में एक खेल मैदान बनाने की योजना है। बेसिक शिक्षा के क्षेत्र में सरकार ने आमूल-चूल परिवर्तन करते हुए 1.2 लाख स्कूलों में पेयजल, शौचालय, स्मार्ट क्लास की व्यवस्था के साथ ही 1.8 करोड़ बच्चों को स्कूल बैग, दो यूनीफार्म और जूते-मोजे उपलब्ध कराये है। मुख्यमंत्री ने उच्च सदन में सपा की पिछली सरकार पर खूब तंज कसे और कहा कि तब यूपी में कोई ऐसी संस्था नहीं बची थी जिस पर उस सरकार में हल्ला बोल न हुआ हो। वह चाहे न्यायपालिका रही हो या फिर मीड़िया। राम भक्तों पर गोली चला देना क्या ठीक था।

मुख्यमंत्री के भाषण के बीच में ही टोका-टाकी

उन्होंने नेता विपक्ष अहमद हसन को बेहतर और ईमानदार पुलिस अधिकारी बताते हुए कहा कि ये गलत जगह बैठ गये है। समाजवादी कभी सत्य नहीं बोलता। इस पर सपा सदस्य नरेश उत्तम, उदयवीर सिंह, राजेश यादव आदि ने मुख्यमंत्री के भाषण के बीच में ही टोका-टाकी की।

मुख्यमंत्री ने पूर्वाचल एक्सप्रेस-वे का जिक्र करते हुए कहा कि हमने पिछली सपा सरकार का भ्रष्टाचार रोका। उस सरकार में 15 हजार 200 करोड़ रुपये में 110 किमी चैड़ा एक्सप्रेस-वे बनाने का टेण्डर हुआ था, जबकि हम उसी एक्सप्रेस-वे को 11 हजार 800 करोड़ रुपए में बना रहे हैं, जिसकी चौडाई 120 मीटर है। इस एक्सप्रेस-वे को हम जनता के लिए इस वर्ष के अन्त तक खोल देंगे।

ये भी पढ़ें— पाकिस्तान की रक्षा के लिए चीन ने भेजी ये खास फौज, पल में करेगी दुश्मनों का सफाया

उन्होंने कहा सरकार ने स्वास्थ्य की दिशा में बेहतर काम किया है। अमेठी, अलीगढ़ समेत 15 जिलों में नये मेडिकल कालेज खोले जायेंगे। सरकार की कोशिश है कि हर जिले में एक मेडिकल कालेज बने। मेरठ में स्पोर्ट्स विश्वविद्यालय के साथ ही आजमगढ़, सहारनपुर और अलीगढ़ में राजकीय विश्वविद्यालय का निर्माण होगा। श्रमिकों के बच्चों और अनाथ बच्चों की पढ़ाई के लिए हर मण्डल मुख्यालय पर अटल आवासीय विद्यालय स्थापित किये जा रहे है। सरकार ने अब किसानों के साथ बटाईदार को भी बीमा सुरक्षा देने का फैसला लिया है। इससे बटाईदार को पांच लाख रुपये तक का लाभ होगा।

राज्य में 1.26 करोड़ लीटर एथनाॅल का उत्पादन होगा: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने महाराष्ट्र से ज्यादा यूपी में चीनी उत्पादन का दावा किया कि राज्य में 1.26 करोड़ लीटर एथनाॅल का उत्पादन होगा। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति भी सुदृढ़ होगी। उन्होंने कहा सरकार ने तीन वर्ष में गन्ना किसानों को 89 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा भुगतान किया है। मौजूदा पेराई सत्र का 6 हजार करोड़ रुपया बकाया है। उन्होंने सपा पर कटाक्ष करते हुए कहा कि चैधरी चरण सिंह के नाम पर राजनीति करनेवाले लोग उनके ही जिले की रमाला चीनी मिल को नया रूप नहीं दे सके थे। हमने यह करके दिखाया है। हमारी सरकार ने ना किसी चीनी मिल को बेंचा है और ना ही बन्द किया है। हमारी सरकार ने बन्द पड़ी एक दर्जन चीनी मिलों को फिर से चालू किया है। उन्होने कहा जब तक किसान के खेत में गन्ना रहेगा। तब तक चीनी मिलें चलेंगी।