दर-दर भटक रहा गरीब: मोदी सरकार की योजना का नहीं मिला लाभ, दु:खद है कहानी

महिला को आज तक न प्रधानमन्त्री आवास मिला और न ही शौचालय ही मिला। आरती ने बताया हर बार आश्वाशन ही मिला लेकिन आज तक प्रधानमन्त्री आवास नही मिला, महिला अपने छोटे छोटे बच्चो को लेकर खुले आसमान के नीचे रह रही है।

औरैया: भले ही प्रदेश सरकार स्वच्छता अभियान पर लाखों रुपए खर्च कर दें मगर इसका लाभ यदि पात्रों को नहीं मिले तो इसका क्या फायदा होगा और शौचालय का लाभ न मिले तो भला योजना किस काम की। स्वच्छ भारत मिशन को आइना दिखाते हुए लोग आज भी शौचालय के लिए परेशान होकर खेतों में जा रहे हैं। मामला सहार ब्लॉक के नौगवां ग्राम पंचायत के पुरवा महिपाल का है। जिसमें आरती देवी पत्नी सतेंद्र सिंह आवास के लिए दर दर भटक रही है।

अब तक नहीं मिला प्रधानमन्त्री आवास मिला

जिसे कई बार सिर्फ आश्वाशन ही मिले हैं। इसके बावजूद भी आज तक आवास उन्हें नही मिल सका है। इसकी शिकायत कई बार आरती देवी द्वारा उच्चाधिकारियों से लेकर ग्राम प्रधान से भी की गई मगर अब तक सिर्फ यहां से वहां के चक्कर काट रही है। महिला को आज तक न प्रधानमन्त्री आवास मिला और न ही शौचालय ही मिला। आरती ने बताया हर बार आश्वाशन ही मिला लेकिन आज तक प्रधानमन्त्री आवास नही मिला, महिला अपने छोटे छोटे बच्चो को लेकर खुले आसमान के नीचे रह रही है।

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किराये के मकान में रहने को मजबूर

आरती देवी ने बताया कि उसका पति प्राइवेट नौकरी करके घर का खर्च चलाते हुए अपने बच्चों का भरण पोषण करता है। आवास न होने की वजह से किराये के मकान में रहने को मजबूर हैं। महिला ने बताया कि यदि उसे प्रधानमंत्री आवास मिल जाए तो उसका मकान का किराया बच जाएगा जिससे कि वह उन रुपये को अपने बच्चों के भरण पोषण पर खर्च कर सके और उनकी पढ़ाई भी बेहतर कर सकें।

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इस संबंध में नौगावां कि ग्राम प्रधान प्रियंका दुबे ने बताया कि जब आरती देवी का आवास के लिए आवेदन आया तब तक उनका लक्ष्य पूरा हो चुका था। मगर अब नई सूची में उनका नाम भेज दिया जाएगा। उन्होंने आरती को पूरी तरह से आवास दिलाए जाने के लिए आश्वस्त किया है।