इस दिन हो सकता है राम मंदिर का शिलान्यास, ज्योतिष की नजर में है उत्तम योग

सुप्रीम कोर्ट से अयोध्या के राम मंदिर के पक्ष में फैसला आने के बाद से राम मंदिर के शिलान्यास की तारीख को लेकर अटकलों का बाजार गरम है। रामनगरी के अधिसंख्य संतों की राय है कि दो अप्रैल को रामनवमी के दिन जन्मभूमि पर मंदिर का शिलान्यास किया जाना उपयुक्त माना जा रहा है।

Published by suman Published: January 26, 2020 | 11:17 am
Modified: January 26, 2020 | 11:18 am

 अयोध्या: सुप्रीम कोर्ट से अयोध्या के राम मंदिर के पक्ष में फैसला आने के बाद से राम मंदिर के शिलान्यास की तारीख को लेकर अटकलों का बाजार गरम है। रामनगरी के अधिसंख्य संतों की राय है कि दो अप्रैल को रामनवमी के दिन जन्मभूमि पर मंदिर का शिलान्यास किया जाना उपयुक्त माना जा रहा है।

राममंदिर निर्माण जैसा शुभ कार्य शुरू किए जाने के लिए 30 जनवरी को पड़ रही बसंत पंचमी को उपयुक्त है, पर मौजूदा परिस्थितियों में 30 जनवरी तक मंदिर का शिलान्यास संभव नहीं है। यह उम्मीद जरूर है कि बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर मंदिर निर्माण के लिए शासकीय न्यास का गठन संभावित है।  शिलान्यास 2 अप्रैल यानी रामजन्मोत्सव के दिन संभावित है। इस बीच विश्व हिंदू परिषद के संयोजन में देशव्यापी राममहोत्सव भी मनाया जा रहा है।

रामजन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपालदास के उत्तराधिकारी महंत कमलनयनदास तो अभी से ही मंदिर का शिलान्यास 2अप्रैल को होने की घोषणा भी कर रहे हैं। उनका कहना है यह अवसर मंदिर के शिलान्यास के लिए अत्यंत उपयुक्त भी होगा।

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अयोध्या संत समिति के अध्यक्ष महंत कन्हैयादास रामायणी का कहना है कि मंदिर निर्माण की शुरुआत के लिए यह अत्यंत सुखद योग है और मंदिर की अनुरागी जिस सरकार के मार्गदर्शन में यह होना है, वह इस योग को जाया नहीं जाने देगी। बचपन ट्रस्ट के अध्यक्ष भागवदाचार्य पं. राधेश्याम शास्त्री के अनुसार सनातन परंपरा में चैत्र शुक्ल नवमी यानी राम जन्मोत्सव का अवसर अत्यंत पवित्र रहा है। इस दिन भगवान राम का प्राकट्य तो हुआ ही, रामकथा की अमर गाथा रामचरितमानस का प्रकाशन हुआ । ज्योतिष गुरु एवं निष्काम सेवा ट्रस्ट के व्यवस्थापक महंत रामचंद्रदास कहते हैं, दो अप्रैल को चंद्रमा पुनर्वसु नक्षत्र और कर्क राशि में होगा। भगवान राम की भी राशि कर्क थी। इस दिन कोई भी गृह वक्री अथवा अस्त नहीं है। जैसे यह योग रामलला के मंदिर का शिलान्यास करने के लिए ही विशेष रूप से उपलब्ध हुआ हो।

सुप्रीम कोर्ट के अयोध्या राम मंदिर विवाद पर फैसले के बाद से ही अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की काम जोर पकडऩे लगी है। अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद राम मंदिर के निर्माण की खातिर शिलान्यास को लेकर संत समाज ने दो तारीख बताई हैं। इनमें एक तो दो अप्रैल, 2020 प्रमुख है। दो अप्रैल, 2020 को रामनवमी है। रामनवमी यानी भगवान श्रीराम का जन्मदिन का दिन। वहीं, अखिल भारतीय संत समिति ने सर्वसम्मति ने राम मंदिर की नींव के लिए हिंदू नववर्ष (नव संवत्सर) का दिन सुझाया है। पंचांग के अनुसार, हिंदू नववर्ष चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से शुरू होता है, जो 2020 में 25 मार्च से शुरू होगा जबकि रामनवमी दो अप्रैल को है।

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माना जा रही है कि इन दोनों तारीखों को लेकर संघ भी सहमत है। अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण का काम राम नवमी से शुरू होने की संभावना है। भगवान राम के जन्म उत्सव राम नवमी के दिन अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का कार्य शुरू हो सकता है। अगर राम मंदिर निर्माण का कार्य रामनवमी यानी 2 अप्रैल, 2020 को शुरू होता है तो मंदिर निर्माण में करीब चार वर्ष लगेंगे, जिसका मतलब है कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण कार्य 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले तैयार हो जाएगा।