लगेज सैनिटाइजर के नाम पर हो रही वसूली, पैसा देने पर भी नहीं मिल रही रसीद

झाँसी रेलवे स्टेशन के टिकट घर के पास लगी लगेज सैनीटाइजर मशीन के नाम पर रुपया रेलयात्रियों से वसूला जा रहा है। रुपया देने के बाद भी संबंधित रेलयात्री को रसीद तक नहीं दी जा रही है।

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स्टेशन पर लगेज सैनिटाइजर के नाम पर हो रही वसूली, पैसा देने पर भी नहीं मिल रही रसीद

झाँसी: झाँसी रेलवे स्टेशन के टिकट घर के पास लगी लगेज सैनीटाइजर मशीन के नाम पर रुपया रेलयात्रियों से वसूला जा रहा है। रुपया देने के बाद भी संबंधित रेलयात्री को रसीद तक नहीं दी जा रही है। इसको लेकर रेलयात्री में काफी आक्रोश भड़क रहा है। उधर, कुछ दिनों से इसी मशीन से कुछ दूरी पर लगेज मशीन लगी हुई थी। वह मशीन भी काफी दिनों से बंद पड़ी थी लेकिन मंगलवार को पुन: चालू कर दी गई है। यह मशीन रेलयात्रियों की सुविधा के लिए लगाई गई मगर इस मशीन को जान बूझकर बंद करवाया जाता है।

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लगेज सैनिटाइजर के नाम पर शुल्क वसूली

झाँसी स्टेशन पर रेल यात्रियों को कोविड-19 के संक्रमण से बचाव के लिए झांसी स्टेशन पर यात्रियों द्वारा यात्रा के दौरान अपने साथ ले जाने वाले सामान/बैग को सैनिटाइज करने की सुविधा के साथ-साथ लगेज रेप की सुविधा को सशुल्क की गई थी। यह ठेका ग्वालियर में रहने वाली एक कंपनी के नाम हुआ है। इसी कंपनी का ग्वालियर में भी लगेज सैनीटाइजर लगा हुआ है। यह मशीन एक साल के लिए ठेका पर लगाई गई है।

बताते हैं कि झाँसी स्टेशन पर मुख्य प्रवेश द्वार के पास सामान/बैग सैनिटाइजर स्वचालित टनल मशीन लगाई गई थी। यह मशीन अल्ट्रावायलेट किरणों से  सामान/बैग को सेनीटाइज करती है। इसके जरिए एक बैग/सामान 15 से 20 सेकेंड में सैनिटाइज हो रहा है। बैग/सामान सैनिटाइजेशन की सुविधा प्रति बैग/सामान रु. 10 की दर से तय की गई थी। लगेज रेपिंग का शुल्क रु.40 प्रति बैग तय हुआ था।

लेकिन जो एंग्रीमेंट में तय हुआ है, उस एग्रीमेंट के आधार पर यहां पर काम नहीं किया जा रहा है। सुबह के समय मनमाफिक पैसा वसूल किया जा रहा है। पैसा लेने के बाद भी रसीद नहीं दी जा रही हैं। रेलयात्रियों का कहना है कि जब कोई रेलयात्री इस मशीन पर बैग सैनिटाइजर करवाने को मना करता था, तो उसे जबरन दवाब बनाया जाता है। इसके पहले भी कई बार इस तरह की घटनाएं हो चुकी हैं।

सैनिटाइजर करते समय नहीं पता चलता है कि बैग में क्या रखा

लोगों का कहना है कि इस मशीन पर मात्र बैग व अन्य सामान का सैनिटाइजर होता है लेकिन यह पता नहीं चलता है कि बैग के अंदर असलहे या मादक पदार्थ रखे हैं या नहीं। जबकि रेलवे की दूसरी मशीन पर जब कोई भी बैग या अन्य सामान रखा जाता है तो पता चल जाता है कि बैग के अंदर कौन सी चीज रखी हुई है। यह मशीन रेलयात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर अच्छी है।

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शिकायत मिली तो होगी कार्रवाई

झाँसी रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह का कहना है कि लगेज सैनिटाइजर रेलयात्रियों की सुविधा के लिए लगाया गया है। जब कोई रेलयात्री वहां से निकलता तो उससे कहा जाता है कि बैग व अन्य सामान सैनिटाइजर तो नहीं करवाना, अगर रेलयात्री न मना कर दिया तो उसके बैग व अन्य सामान को सैनिटाइजर नहीं किया जाता है। उनका कहना है कि किसी ने जानबूझकर रेलयात्री पर सैनिटाइजर करवाने का दवाब बनाया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

रिपोर्ट: बीके कुशवाहा

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