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Saharanpur: धूमधाम से मना मां शाकम्भरी देवी का प्रकटोत्सव, लगाए गए 56 भोग

धरती पर खाने के लिए कुछ भी नहीं बचा था तब भक्तों की पुकार पर माता प्रकट हुई और वरदान दिया कि इस स्थान पर कभी भी शाक की कमी नहीं होगी.. तब मां भगवती ने पौष मास की पूर्णिमा तिथि को शाक उतपन्न किये थे।

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sumanBy suman

Published on 28 Jan 2021 12:48 PM GMT

Saharanpur: धूमधाम से मना मां शाकम्भरी देवी का प्रकटोत्सव, लगाए गए 56 भोग
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हर कोई भक्त अपनी अनुरूप माता का भोग लगाकर स्वयं को कृतार्थ कर लेना चाहता था भजन गाकर माता को प्रसन्न कर रहे थे तो कई भक्त माता के जयकारे लगा रहे थे ।
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सहारनपुर जनपद मे आज 51 सिद्धपीठ में से एक सिद्धपीठ मां शाकुम्भरी देवी का प्रकटोत्सव धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान 1108 पदार्थो सहित 36 व्यंजनों और 56 भोग लगाया। जनपद सहारनपुर की तहसील बेहट इलाके के शिवालिक पहाड़ियों तलहटी मे स्थित मां शाकम्भरी देवी प्रकटोत्सव के मौके पर शंकराचार्य आश्रम में विशाल मां भगवती जागरण का आयोजन किया गया।

temple

भक्तों की उमड़ी भारी भीड़

मां शाकंभरी के दर्शन करने और उनके चरणों में शीश नवाने के लिए आज भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी हुई थी हर कोई भक्त अपनी अनुरूप माता का भोग लगाकर स्वयं को कृतार्थ कर लेना चाहता था भजन गाकर माता को प्रसन्न कर रहे थे तो कई भक्त माता के जयकारे लगा रहे थे ।

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आज तलहटी माता के जयकारों और उनकी भक्ति से गूंज रही थी महाराज सहजानंद के आश्रम में माता के अवतरण दिवस का आयोजन किया गया यहां पर कई तरह के व्यंजन और भोग तैयार किए गए।

temple bhog

36 व्यंजन और 56 भोग

जिसके बाद आश्रम प्रभारी सहजानंद महाराज ने सैकड़ों श्रद्धालुओं और मां के जयकारों के साथ मां भवानी के चरणों मे 36 व्यंजन और 56 भोग लगाया। इस दौरान सहजानंद जी महाराज ने कहा कि आज मां भगवती का अवतरण दिवस है। इस दिन मां भगवती ने अपने रोमो से शाक उत्पन्न किये थे। बताया कि जब संसार त्राहि त्राहि हो गया था।

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धरती पर खाने के लिए कुछ भी नहीं बचा था तब भक्तों की पुकार पर माता प्रकट हुई और वरदान दिया कि इस स्थान पर कभी भी शाक की कमी नहीं होगी। तब मां भगवती ने पौष मास की पूर्णिमा तिथि को शाक उतपन्न किये थे। तभी से इस दिवस को मां शाकंभरी देवी के अवतरण दिवस के रूप में मनाया जाता है सदानंद महाराज जी ने विश्व शांति और देश की खुशहाली की कामना भी की।

रिपोर्टर नीना जैन

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