कलयुगी बेटे की करतूतः इस उम्र में हुए दाने दाने को मोहताज, खा रहे दर दर की ठोकरें

मां-बाप के लिए उनकी असली पूंजी औलाद होती है। इसलिए वे अपनी पूरी जिंदगी की कमाई अपने बच्चों पर लगा देते हैं। क्योंकि उन्हें लगता है कि एक दिन…

कानपुर देहात: मां-बाप के लिए उनकी असली पूंजी औलाद होती है। इसलिए वे अपनी पूरी जिंदगी की कमाई अपने बच्चों पर लगा देते हैं। क्योंकि उन्हें लगता है कि एक दिन यह कमाई उन के लिए बुढ़ापे का सहारा बनेगी। लेकिन कानपुर देहात जिले में एक सरकारी शिक्षक ने अपने मां-बाप को पीट पीटकर घर से बाहर निकाल दिया। अब दोनों बुजुर्ग सड़क पर रहकर दुसरे का सहारा बने हुए हैं औऱ न्याय मांगने के लिए एसपी डीएम के ऑफिस का चक्कर लगा रहे हैं।

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कानपुर देहात जिले में एक बुजुर्ग मां बाप आज सड़कों पर रहने को मजबूर हैं। पेट भरने के लिए आस पास के लोग तरस खा कर खाना खिला देते हैं। लेकिन कुछ लोगों ने इन बुजुर्ग को सहारा दिया और न्याय मांगने के लिए खुद एसपी डीएम के पास पहुच गए।

बेटा एक सरकारी अध्यापक है

पीड़ित बुजुर्ग कमलेश कुमार का कहना है कि में पुखरायां कस्बे के रहने वाला हूं, मेरा बेटा एक सरकारी अध्यापक है। जो रसूलाबाद ब्लाक में पढ़ाता है। में भी एक अधयापक था, लेकिन समय के साथ-साथ बीमारी की वजह से आज हम बेसहारा हो गए। हमने अपनी मेहनत से अपना खुद का घर बनवाया। बेटे सोमिल को पढ़ाया शादी करवाई। लेकिन अब उसने अपनी पत्नी के साथ मिलकर हम दोनों को मारपीट कर घर से बाहर निकाल दिया। हम हार्ट के पेशेंट भी हैं। पत्नी को लेकर इधर उधर घूम रहा हूं। कोई सहारा नहीं है बुढ़ापे में। इस लिए आज हम खुद जिलाधिकारी के ऑफिस न्याय मांगने आए हैं।

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इस पूरे मामले को लेकर एडीएम ने बताया कि यह दोनों बुजुर्ग आए थे और बेटे को लेकर शिकायत की थी, जिसके बाद इनकी शिकायत सुनी गई है जल्द ही इस पर दोनों को न्याय दिलाया जाएगा।

रिपोर्ट: मनोज सिंह

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