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छठ पर्व पर विशेष: सीएम योगी ने कहा नदी, पोखर जल संरक्षण के माध्यम है

आज देश के विभिन्न राज्यों ही नहीं बल्कि दुनिया के कई देशों में छठ के पर्व को भव्यता से मनाया जाता है। लोक आस्था का यह पर्व प्रकृति के प्रति हम सबकी भावनाओं को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि नदी, पोखर और नाले जल संरक्षण के माध्यम है। नदी में जल का प्रवाह अविरल होगा तो वह निर्मल भी होगा। हमें प्लास्टिक का उपयोग नहीं करना चाहिए।

SK Gautam
Updated on: 2 Nov 2019 4:28 PM GMT
छठ पर्व पर विशेष: सीएम योगी ने कहा नदी, पोखर जल संरक्षण के माध्यम है
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लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि छठ पर्व जैसे आयोजनों को हमे स्वच्छता के साथ जोड़ना चाहिए। जब हम सूर्य को अर्घ्य दे रहे हैं तो हम इस बात का ध्यान रखें कि जल की शुद्धि और जल संरक्षण पर विशेष ध्यान दें। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपरा के साथ-साथ लोकआस्था के इस महापर्व छठ ने भोजपुरी समाज को सम्मान दिलाया है।

नदी, पोखर और नाले जल संरक्षण के माध्यम है

आज देश के विभिन्न राज्यों ही नहीं बल्कि दुनिया के कई देशों में छठ के पर्व को भव्यता से मनाया जाता है। लोक आस्था का यह पर्व प्रकृति के प्रति हम सबकी भावनाओं को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि नदी, पोखर और नाले जल संरक्षण के माध्यम है। नदी में जल का प्रवाह अविरल होगा तो वह निर्मल भी होगा। हमें प्लास्टिक का उपयोग नहीं करना चाहिए।

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को गोमती तट पर अखिल भारतीय भोजपुरी समाज द्वारा आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कहा कि भगवान सूर्य की उपासना का यह पर्व सामाजिक समरसता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि जो लोग हमारे त्यौहारों में संकीर्णताओं को ढूंढ़ने का प्रयास करते हैं, यह पर्व उनकी आँखें खोलने वाला है।

भोजपुरी समाज की अपनी एक बड़ी ताकत है

मुख्यमंत्री ने कहा कि भोजपुरी समाज की अपनी एक बड़ी ताकत है। मुझे खुशी है कि पांच बार सांसद रहते हुए मुझे भोजपुरी समाज से बहुत सहयोग मिला है। उन्होंने कहा कि यह भोजपुरी समाज की ही ताकत है जो देश और दुनिया के साथ जुड़कर समाज को एक नई दिशा दे रही है। यह पर्व हम सबको भारत की राष्ट्रीयता के एक सूत्र में बांधने की प्रेरणा देता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पर्व में निर्मल मन से अस्ताचल और उदीयमान भगवान सूर्य की उपासना की जाती है। प्रकृति के साथ मानव के जुड़ाव का संदेश देने वाला छठ पर्व इसी समृद्ध परंपरा का जीवंत उदाहरण है। इससे सामाजिक समरसता और सौहार्द में वृद्धि होती है।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि 14 वर्ष के वनवास के बाद भगवान राम के आगमन को हम दीपावली के रूप में मनाते हैं। यह आयोजन सिर्फ घरों तक ही सीमित रह गया था। लेकिन जब 2017 में प्रदेश में बीजेपी सरकार आयी तो हमने देश और दुनिया के सामने दीपोत्सव के माध्यम से अयोध्या की एक नई छवि गढ़ने का काम किया।

6 लाख 11 हजार दीपों को एक साथ जलाकर हमने नया इतिहास रचा

इस साल भी जनसहभागिता के माध्यम से अयोध्या में दीपोत्सव में 6 लाख 11 हजार दीपों को एक साथ जलाकर हमने नया इतिहास रचा। आज अयोध्या के प्रति लोगों की धारणाएं बदल गई है। आज हर तबका दीपोत्सव जैसे अयोजन में जुड़ता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रयागराज में आयोजित कुंभ में 25 करोड़ श्रद्धालुओं ने भाग लिया। कुंभ ने सुरक्षा, सुव्यवस्था, और स्वच्छता का जो मानकर प्रस्तुत किया है यह मानक सभी पर्व औऱ त्योहारों को प्रस्तुत करना चाहिए। महात्मा गांधी ने स्वदेशी और स्वांलबन का जो संदेश हमें दिया है उसे हमें पर्व और त्यौहारों में भी ध्यान रखना होगा।

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उन्होंने कहा कि नदी, पोखर और नाले जल संरक्षण के माध्यम है। नदी में जल का प्रवाह अविरल होगा तो वह निर्मल भी होगा। हमें प्लास्टिक का उपयोग नहीं करना चाहिए।

इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और मंत्रियों ने अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया। इस मौके पर अखिल भारतीय भोजपुरी समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रभुनाथ राय, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह, विधि एवं न्याय मंत्री बृजेश पाठक, जल शक्ति मंत्री डा. महेंद्र सिंह, नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन समेत कई अधिकारी मौजूद थे।

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