पीपीई किट्स पर अस्पतालों को राज्य सरकार उपलब्ध कराएगी 50 प्रतिशत सब्सिडी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोरोना के खिलाफ जंग में आईएमए के डाॅक्टरों ने अपना योगदान दिया है। इस जंग को निजी चिकित्सकों के सहयोग से जीतने में आसानी होगी।

Published by Aditya Mishra Published: May 14, 2020 | 1:47 pm
Modified: May 14, 2020 | 1:49 pm

लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोरोना के खिलाफ जंग में आईएमए के डाॅक्टरों ने अपना योगदान दिया है। इस जंग को निजी चिकित्सकों के सहयोग से जीतने में आसानी होगी। उन्होंने कहा कि लोगों को बेहतर व गुणात्मक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना आवश्यक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना के खिलाफ जंग में जनता ने डाॅक्टरों, पैरामेडिक्स, नर्सों तथा अन्य स्टाफ के योगदान को पहचाना और उन्हें सम्मान दिया है। उन्होंने निजी अस्पतालों का आह्वान करते हुए कहा कि वे अपने सम्बन्धित जनपदों में जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित करते हुए नाॅन कोविड इमरजेंसी सेवाएं उपलब्ध कराएं। उन्होंने जिला प्रशासन से निजी अस्पतालों के साथ सहयोग करने के लिए कहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इमरजेंसी सेवाएं शुरू करने से पहले सभी निजी चिकित्सालय, नर्सिंग होम इत्यादि अपने-अपने डाॅक्टरों, पैरामेडिक्स, नर्सों, वाॅर्ड बाॅय तथा अन्य स्टाफ को कोरोना से बचाव के सम्बन्ध में प्रशिक्षण दिलवाएं।

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निजी अस्पतालों में पीपीई किट्स, एन-95 मास्क पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हो

निजी अस्पतालों में पी0पी0ई0 किट्स, एन-95 मास्क, सैनिटाइजर इत्यादि पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हों। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत के तहत निर्धारित दरों पर मरीजों का इलाज करने वाले सूचीबद्ध अस्पतालों, नर्सिंग होम इत्यादि को राज्य सरकार पीपीई किट्स 50 प्रतिशत सब्सिडी पर उपलब्ध कराएगी।

उन्होंने आयुष्मान भारत योजना के तहत रजिस्टर्ड अस्पतालों का रजिस्ट्रेशन 6 माह के लिए बढ़ाने के निर्देश प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य को दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी निजी अस्पताल, नर्सिंग होम इत्यादि इमरजेंसी सेवाओं को राज्य सरकार द्वारा निर्धारित एस0ओ0पी0 के अनुसार संचालित करें। कोरोना से बचाव के सम्बन्ध में सभी सावधानियां बरती जाएं तथा सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन किया जाए।

उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को कोरोना के सम्बन्ध में निर्धारित प्रोटोकाॅल का अनुपालन करने वाले निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम को तत्काल आपरेशन तथा अन्य आवश्यक चिकित्सा शुरू करने की अनुमति देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निजी अस्पतालों को अपने संस्थान के संचालन के दौरान कम्युनिटी स्प्रेड को हर हाल में रोकना होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि निजी अस्पतालों की इमरजेंसी सेवाओं में पहुंचने वाले मरीजों की प्राॅपर स्क्रीनिंग की जाए। कोरोना की ऐसी टेस्टिंग पद्धति अपनायी जाए, जिसमें परिणाम कम समय में मिले। यदि किसी निजी अस्पताल में कोई कोरोना पाॅजिटिव मरीज पहुंचे तो ऐसी दशा में अस्पताल तुरन्त जिला प्रशासन को सूचित करे।

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24 घण्टे में दो बार सैनिटाइज किया जाए अस्पताल

और मरीज को कोविड हाॅस्पिटल भेजने की व्यवस्था करे। इसके अलावा, निजी अस्पताल को एक दिन के लिए बंद करते हुए उसे 24 घण्टे में दो बार सैनिटाइज किया जाए। इसके बाद सेवाएं पुनः प्रारम्भ की जाएं। अस्पताल के डाॅक्टरों और स्टाफ की भी जांच की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता को स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने में निजी क्षेत्र के अस्पतालों, नर्सिंग होम इत्यादि की बड़ी भूमिका है। अतः सभी निजी अस्पताल, नर्सिंग होम कोरोना प्रोटोकाॅल को लागू करते हुए अपने-अपने संस्थानों को संचालित करें और यह सुनिश्चित करें कि कोरोना के कारण अन्य गम्भीर रोगियों का इलाज न रुके। इमरजेंसी सेवाएं प्रोटोकाॅल और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए संचालित की जाएं।

अस्पतालों में बेड़ों की संख्या को बढ़ाया जाये

मुख्यमंत्री ने सभी जिला प्रशासन को अपने-अपने जनपदों में पी0पी0ई0 किट्स, मास्क, सैनिटाइजर की प्रचुर मात्रा में उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रदेश में एल-1, एल-2, एल-3 कोरोना बेड्स की संख्या बढ़ाने पर भी बल दिया। उन्होंने जिला प्रशासन को निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम के संचालकों से संवाद स्थापित करने के लिए भी कहा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लाॅक डाउन-3 आगामी 17 मई को समाप्त हो रहा है। परन्तु अभी लाॅक डाउन-4 सम्भावित है। कोरोना से लड़ने के लिए हम सभी को एकजुटता के साथ काम करना होगा। इसके लिए चरणबद्ध ढंग से काम करना होगा।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने कोरोना टेस्टिंग के लिए 26 लैब स्थापित की हैं। आज पूरे प्रदेश में 5 हजार टेस्ट प्रतिदिन हो रहे हैं। लैब की संख्या बढ़ाने के भी प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य सरकार पूरी दुनिया में कोरोना से लड़ने के लिए उपलब्ध बेस्ट टेक्नोलाॅजी प्रदेश लाने का प्रयास कर रही है।

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