ऐसे कराया जा रहा लॉक डाउन का पालन, कोतवाल से नहीं डरता ये दुकानदार

छोटी दुकानों को बंद कराने और नियमों का पालन कराने की आजमाइश रहती लेकिन बडे शाप तक पुलिस का इकबाल नहीं पहुंच पाता है। वजह चाहे जो हो, यह हालात शुभ संकेत नहीं दे रहे। अगर लॉक डाउन 5 में और ढील दी गई तो फिर यह दुकानदार अब तक की सरकारी मेहनत पर पानी फेर देंगे।

सीतापुर: कोरोना संक्रमण रोकने के लिए लॉक डाउन का पालन इस शहर में कुछ प्रमुख स्थानों पर जरूर दिखेगा लेकिन, जिस ओर बड़े अफसरों की गाडियां नहीं गुजरतीं वहीं इसकी धज्जियां उडती रहीं हैं। लाकडाउन में छूट मिलने के बाद अब और भी निडरता बढ गई है। पुलिस का जोर सिर्फ सायकिल, बाइक, रिक्शा वालों पर चत पाता है। छोटी दुकानों को बंद कराने और नियमों का पालन कराने की आजमाइश रहती लेकिन बडे शाप तक पुलिस का इकबाल नहीं पहुंच पाता है। वजह चाहे जो हो, यह हालात शुभ संकेत नहीं दे रहे। अगर लॉक डाउन 5 में और ढील दी गई तो फिर यह दुकानदार अब तक की सरकारी मेहनत पर पानी फेर देंगे।

भाई मास्क लगाने की जरूरत नहीं समझता

मोबाइल शाप की इस दुकान की तस्वीर पर गौर से नजर डालिए। शुक्रवार का वाकया है। दुकान के बाहर भीड़ लगी थी। कोतवाल अंबर सिंह अपने मुंह पर बडा रूमाल लगाकर दुकानदार को समझा रहे हैं। काउंटर पर मौजूद दुकानदार भी मास्क मुंह पर चढा लेता है लेकिन उसके बगल में खडा उसका भाई मास्क लगाने की जरूरत नहीं समझता। सच तो ये है कि इस शाप पर शुरू से लेकर अब तक लाकडाउन का पालन कभी हुआ ही नहीं। जिस दौरान पूर्ण बंदी थी तब भी शटर खोलकर यहां बिक्री की जाती थी। पुलिस वालों के लिए यह दुकान पसंदीदा जो है। दो माह के दौरान पुलिस का डंडा इस ओर कभी घूमा ही नहीं।

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इस तस्वीर में भी देख सकते हैं। दुकानदार के निकट काउंटर पर एक पुलिस वाला मोबाइल चेक कर रहा है। यह भी बिना मास्क के हैं। यह पुलिस वाला मोबाइल खरीदने के चक्कर में है। उधर कोतवाल साहब दुकानदार को लाकडाउन के नियमों से अवगत करा रहे है। बगल में दूसरा दुकानदार बिना मास्क के है। बडी शालीनता से बात हो रही है। वजह, स्पष्ट करने की जरूरत नहीं है। अगर पुलिस सख्त भी हो जाए तो भी यह ठहरे बडे व्यापारियों में से एक, तो काहे का डर। माननीयों की सिफारिश कोतवाल के कान तक पहुंचने लगती है। यह भी न हुआ तो व्यापार मंडल के लोग दबाव बना ही लेते हैं।

जब सीओ सिटी दुकानदार को समझाने पहुंचे

दूसरी तस्वीर देखिये। यह भी इलेट्रिक की दुकान है। यहां पिछले दिनों से भीड जमा होती थी। कभी कोई पुलिस वाला नहीं पहुंचता था। भीड वाली फोटो कल की है। आज सीओ सिटी दुकानदार को समझाने पहुंचे। हिदायत दी कि आइंदा से अगर भीड दिखी तो हवालात में डाल दूंगा। लेकिन इससे पहले यहां कभी कोई पुलिस वाला नहीं जाता था। यह दोनों दुकानें जेल रोड की है। इसी के आसपास जिले के पूर्व विधायक अनूप गुप्ता और पूर्व केंद्रीय ग्रह राज्य मंत्री रामलाल राही का निवास है। यह लोग भी जिम्मेदार नागरिक हैं लेकिन यह भी कोरोना संक्रमण रोकने के लिए जागरूकता अभियान अपने ही इलाके में कभी नहीं चला सके।

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