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मुलायम का ये राज: ऐसी थी इनकी प्रेम कहानी, बहुत कठिन था राजनितिक सफ़र

उत्तर प्रदेश के तीन बार मुख्यमंत्री रहे चुके नेता जी यानि मुलायम सिंह यादव देश की राजनीति में बड़ा नाम है। मुलायम सिंह तीन बार यूपी के सीएम रह चुके है।

Roshni Khan

Roshni KhanBy Roshni Khan

Published on 28 Jan 2020 7:12 AM GMT

मुलायम का ये राज: ऐसी थी इनकी प्रेम कहानी, बहुत कठिन था राजनितिक सफ़र
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मुंबई: उत्तर प्रदेश के तीन बार मुख्यमंत्री रहे चुके नेता जी यानि मुलायम सिंह यादव देश की राजनीति में बड़ा नाम है। मुलायम सिंह तीन बार यूपी के सीएम रह चुके है। तो वहीं केंद्र और राज्य सरकार में कई मंत्री पद भी संभाले है।

नेता जी का जन्म 22 नवंबर 1939 को उत्तर प्रदेश में ईटावा के सैफई में हुआ था। वो 80 सालों के हो गए है, पिता का नाम सूघर सिंह और मां का नाम मूर्ति देवी है। मुलायम सिंह के पांच और भाई भी है। जिसमें दो भाई शिवपाल यादव और रामगोपाल यादव राजनीति में बेहद नामी चेहरे है। तो वहीं तीन और भाई अभय राम सिंह यादव, राजपाल सिंह यादव और रतन सिंह यादव है। नेता जी की एक बहन भी है जिनका नाम कमला देवी यादव है।

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मुलायम सिंह ने दो शादियां की

नेता जी ने दो शादियां की थी। पहली शादी मालती देवी से की थी। नेता जी और मालती देवी की एक संतान है जिसका नाम अखिलेश यादव संतान है। तो वहीं दूसरी शादी साधना गुप्ता से की। साधना से कानूनन शादी 2003 में की लेकिन कहा जाता है कि मुलायम सिंह ने 1990 के आसपास ही शादी कर ली थी। इस बात का पता सिर्फ अमर सिंह को था। साधना सिंह की भी ये दूसरी शादी है। पहली शादी से एक बेटा है प्रतिक यादव। जिसकी पत्नी अपर्णा यादव है और वो भी राजनीति में आ गई है। वैसे तो राजनीति में अखिलेश की पत्नी डिंपल यादव भी है।

स्कूली शिक्षा

मुलायम सिंह यादव ने स्कूली शिक्षा के बाद केके कॉलेज इटावा, एके कॉलेज शिकोहाबाद और बीआर कॉलेज आगरा से भी पढ़ाई पूरी की। उन्हौने दिल्ली विश्वविद्यालय से राजनीति शास्त्र में बीए किया और गुजरात विश्वविद्यालय से राजनीति में एमए किया।

मुलायम सिंह यादव का राजनीतिक सफर

राजनीति दुनिया में कदम रखने से पहले नेता जी पहलवान और शिक्षक थे। छात्र राजनीति से सियासी सफर की शुरूआत की। वो केके कॉलेज इटावा के छात्रसंघ के नेता थे। 1967 में वो पहली बार विधायक बने। आपातकाल के दौरान 19 महीने जेल में रहे। 1977 में आपातकाल के बाद हुए चुनावों में यूपी में गैर कांग्रेसी सरकार बनी तो उसमें वो मंत्री भी बने। 1980 में वो लोकदल के अध्यक्ष बने। 1982 से 1985 तक यूपी विधानपरिषद के नेता विपक्ष भी रहे। वे यूपी के तीन बार सीएम बने।

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पहली बार 5 दिसंबर 1989 से 24 जून 1991 तक सीएम रहे। 1990 में वे चंद्रशेखर की जनता दल पार्टी में शामिल हुए। 1992 में इससे अलग होकर 4 अक्टूबर 1992 को सपा बनाई। 1993 में दूसरी बार सीएम बने। इस बार वे 5 दिसंबर 1993 से 3 जून 1995 तक सीएम रहे। 1996 के लोकसभा चुनाव में वो मैनपुरी से सांसद बने। 1999 में वो केंद्र सरकार में रक्षा मंत्री बने। 1999 के लोकसभा चुनाव में वो दो सीटों से चुनाव लड़े। संभल औऱ कन्नौज, और दोनों जगह से जीते।

2003 में बीजेपी और बसपा का गठबंधन टूटने के बाद मुलायम सिंह तीसरी बार सीएम बने। उस बार वो 29 अगस्त 2003 से 13 मई 2007 तक सीएम रहे। 2004 में गन्नौर विधानसभा सीट से 1,83,899 वोटों से जीते। ये जीत अब तक की सबसे बड़ी जीत है। 2004 में नेता जी ने मैनपुरी से लोकसभा चुनाव भी जीता। 2014 के लोकसभा चुनाव में भी वो दो जगह से चुनाव लड़े। आजमगढ़ और मैनपुरी से चुनाव लड़े और दोनों जीते। 2019 में भी वो मैनपुरी लोकसभा सीट से सांसद बने।

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