उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोगों से की ये अपील

इसी क्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोगों को संबोधित किया। बता दें कि इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी देश के नाम संबोधन किया। 

लखनऊ: देश के सबसे बड़े मुकदमे राम जन्मभूमि विवाद का फैसला आ चुका है। सुरक्षा को लेकर पूरे देश में अलर्ट जारी किया गया है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोगों को संबोधित किया। बता दें कि इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी देश के नाम संबोधन किया था।

फ़ैसले का स्वागत करता हूँ अभिनंदन करता हूँ: सीएम योगी

सीएम योगी ने कहा कि उच्चतम न्यायालय द्वारा दिये गये फ़ैसले का स्वागत करता हूँ अभिनंदन करता हूँ। फैसले के प्रति पूरे देश का भारत के प्रती अनुरग रक्ने वाले सभी लोगों ने मुक्त कण्ठ से स्वीकार किया है| हम लोगों ने पहले भी कहा है की उच्चतम न्यलय द्वारा जो भी फैसला दिया जाये उसका सभी को सम्मान करना चाहिये

मुख्यमंत्री बनने के बाद तो मुझे अयोध्या की उपेक्षा दिखाई देती थी

निश्चित ही ये फैसला बहुत कुछ संदेश दे रहा है,जिसमे भारत की ताकत सभी धर्मो से एकमत एक भारत श्रेष्ठ भारत के रुप मे देख सकते हैं। 5 न्यायमूर्ति ने जिस तरह से स्वीकार है,वो उन कठिन से कठिन परिस्थितियों मे रहकर हम कड़े फ़ैसले ले सकते है। उत्तर प्रदेश के लिये इसके बहुत मायने थे ,मैं पहली बर जब अयोध्या गया मुख्यमंत्री बनने के बाद तो मुझे अयोध्या की उपेक्षा दिखाई देती थी,लेकिन अब अयोध्या मे चहल पहल है,और एक नई आभा है।

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विधान सभा अध्यक्ष ने भी कोर्ट के फैसले का किया स्वागत

उत्तर प्रदेश विधान सभा के अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने श्रीराम जन्मभूमि वाद में सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का स्वागत किया है। उन्हांने कहा है कि भारत में संविधान की सत्ता है। संविधान भारत के लोगों की निष्ठा है। सर्वोच्च न्यायालय के इस निर्णय में किसी पक्ष की हार जीत नही हुई है। संविधान ही सर्वोपरि सिद्ध हुआ है।

दीक्षित ने कहा है कि श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर करोड़ां भारतवासियों की अभिलाषा रहा है। इसके लिए लाखों श्रद्धालु जेल गए हैं। वे स्मरणीय हंै। उन्होंने बड़ा संघर्ष किया है। कोर्ट ने लगातार 40 दिन कार्यवाही चलाई। यह ऐतिहासिक परिश्रम है। हजारों पृष्ठ में फैली न्याययिक कार्यवाही इस श्रम का सबूत है। कोर्ट ने तमाम दस्तावेज खंगाले, तमाम साक्ष्य सुने और पारदर्शी निर्वचन विवेचन के बाद ऐतिहासिक निर्णय दिया है। वर्षों पुराने विवाद का निस्तारण हो गया है।

विधान सभा अध्यक्ष ने विश्वास व्यक्त किया है कि देश के सभी लोग, सभी दल व संगठन इस निर्णय का स्वागत करेंग। शान्ति और सद्भाव का वातावरण बनाए रहेंगे।

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