Highway पर मौत से जूझ रहे इस अजनबी की कहानी पढ़कर आंखों में आ जायेंगे आंसू

यूं तो काशी हिन्दू विश्वविद्यालय की गिनती देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थाओं में होती है, लेकिन हाल के दिनों में पढ़ाई से ज्यादे मारपीट और विरोध-प्रदर्शन के किस्से सुर्खियां बनते हैं।

वाराणसी: यूं तो काशी हिन्दू विश्वविद्यालय की गिनती देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थाओं में होती है, लेकिन हाल के दिनों में पढ़ाई से ज्यादे मारपीट और विरोध-प्रदर्शन के किस्से सुर्खियां बनते हैं।

यूनिवर्सिटी की गिरते ग्राफ के बीच एक बेहतर तस्वीर सामने आई है। हाइवे पर मौत से जूझ रहे एक अजनबी के लिए बीएचयू के छात्रों की एक टोली फरिश्ता बनकर सामने आई।

ये भी पढ़ें…सिलाई मशीन से करोड़ों का सफर! महिला ने खड़े किए कई ब्रांड,स्टोरी कर देगी भावुक

घायल शख्स को पहुंचाया अस्पताल

गुरुवार की रात लगभग 11 बजे अलीनगर चेक पोस्ट के पास एक शख्स गंभीर अवस्था में घायल पड़ा हुआ था। इसकी सूचना जैसे ही बीएचयू के छात्र अजीत यादव, सुनील विश्वकर्मा और अभिनव को हुई, तीनों दोस्त घायल की मदद के लिए निकल पड़े। इन तीनों ने घने कोहरे और हांड कंपा देने वाली ठण्ड की परवाह नहीं की। और सीधे घटनास्थल पर पहुंच गए। इन तीनों ने पुलिस की मदद से घायल को ट्रामा सेंटर पहुंचाया।

घायल को डोनेट किया ब्लड

बीएचयू के इन तीन दोस्तों ने घायल को न सिर्फ अस्पताल पहुंचाया, बल्कि इलाज का पूरा जिम्मा उठाया। प्रारंभिक उपचार के बाद घायल को आईसीयू में भर्ती कराया गया है। तीनों छात्रों ने मानवता की एक और मिशाल पेश करते हुए घायल को 4 यूनिट ब्लड भी डोनेट दिया।

Newstrack.com से बात करते हुए अजीत बताते हैं कि किसी जरूरतमंद की मदद करना ही सबसे बड़ा मानव धर्म है। हम तीनों दोस्तों की कोशिश होती है कि अपने स्तर से लोगों की सेवा करते रहें।

ये भी पढ़ें…दोस्ती हो तो ऐसी: 22 लोगों का ग्रुप ऐसे करता है लोगों की मदद, कहानी है भावुक

न्यूजट्रैक के नए ऐप से खुद को रक्खें लेटेस्ट खबरों से अपडेटेड । हमारा ऐप एंड्राइड प्लेस्टोर से डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें - Newstrack App