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नई शिक्षा नीति: PM की राज्यपालों संग बैठक, जानें किसने क्या कहा...

नई शिक्षा नीति पर राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं केन्द्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ द्वारा प्रदेश के राज्यपालों, उप राज्यपालों एवं विश्वविद्यालय के कुलपतियों के साथ की गयी वीडियो कांफ्रेंसिंग

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Published on: 7 Sep 2020 1:49 PM GMT
नई शिक्षा नीति: PM की राज्यपालों संग बैठक, जानें किसने क्या कहा...
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राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर वीडियो कांफ्रेंसिंग

श्रीधर अग्निहोत्री

लखनऊ: उत्तर प्रदेश एवं मध्य प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि दोनों राज्यों में नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन के लिए गम्भीरता से मंथन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दोनों प्रदेशों में गठित टास्क फोर्स निकट भविष्य में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन के लिए अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी, जिस पर सम्यक् विचार-विमर्श के उपरान्त इसे लागू किए जाने की प्रभावी कार्यवाही की जायेगी।

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राज्यपाल ने कही ये बात

उच्चतर शिक्षा के रूपांतरण में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की भूमिका पर आज राज्यपालों के सम्मेलन में राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं केन्द्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ द्वारा प्रदेश के राज्यपालों, उप राज्यपालों एवं विश्वविद्यालय के कुलपतियों के साथ की गयी वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान राज्यपाल ने कहा कि किसी भी समाज और राष्ट्र का विकास और भविष्य उसकी उत्कृष्ट शिक्षा व्यवस्था, शिक्षा प्रणाली एवं गुणवत्ता पर निर्भर करता है।

देश के उज्ज्वल भविष्य के संजोये गये सपनों को साकार करने के उद्देश्य से गहन विचार-विमर्श के बाद नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के रूप में शिक्षा के नवीन रूप का आविर्भाव हुआ है। उन्होंने कहा कि नयी शिक्षा नीति में बुनियादी शिक्षा से लेकर स्कूल-कालेजों तक सबकी पहुंच सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है।

आनंदीबेन पटेल ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि जहाँ इसमें बालिकाओं एवं दिव्यांगों की शिक्षा के मद्देनजर सकारात्मक निर्णय लिये गये हैं, वहीं सामाजिक समस्याओं के निराकरण एवं शिक्षा के व्यापारीकरण को रोकने के भी प्रयास किये गये हैं। इसके साथ ही देश की प्राचीनतम भाषा संस्कृत की महत्ता को विशेष रूप से रेखांकित किया गया है। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति में वैश्विक स्तर पर शैक्षणिक गुणवत्ता एवं शोध का भी विशेष ध्यान रखा गया है।

कुलपतियों व शिक्षाविदों से प्रधानमंत्री ने कहा कि श् 1986 के बाद पहली बार स्टूडेंट्स के सिर से विशेष संकाय चुनने का दबाव खत्म किया गया है। अब देश में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को पत्रों के साथ-साथ पूरे जोश से लागू करना इससे संबंधित सभी भागीदारों की जिम्मेदारी है। इससे जितने ज्यादा शिक्षक, अभिभावक, विद्यार्थी जुड़ेंगे, यह उतने ही बड़े स्तर पर लाभकारी होगी।

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नई नीति के बारे में क्या बोले प्रधानमंत्री मोदी ?

इस चर्चा के दौरान पीएम मोदी ने नई शिक्षा नीति की तारीफ की और इसे स्टूडेंट्स के लिए बेहद लाभदायक बताया। उन्होंने कहा कि श्नई शिक्षा नीति पढ़ने के बजाय सीखने पर जोर देती है। यह पाठ्यक्रम से आगे बढ़कर स्टूडेंट्स में विश्लेषणात्मक सोच विकसित करने की क्षमता विकसित करने पर जोर देती है। अब हमारे युवा अपनी रुचि के अनुसार कौशल सीख सकेंगे।

इस अवसर पर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री डा दिनेश शर्मा, अपर मुख्य सचिव राज्यपाल महेश कुमार गुप्ता, अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा मोनिका एसगर्ग तथा छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर की कुलपति प्रो नीलिमा गुप्ता भी आनलाइन जुड़ी हुईं थी।

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