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महिलाएं बने आत्मनिर्भर: मिशन शक्ति की हुई शुरुआत, किया गया जागरूक

21वीं सदी में महिला अपनी अस्मिता की तलाश कर रही है उन्होंने आह्वान किया कि नारी आत्मनिर्भर बने, इसके लिए विश्वविद्यालय महिलाओं द्वारा बनाई गई हस्तकला, हस्तशिल्प की वस्तुओं के विक्रय के लिए दुकान के रूप में प्लेटफार्म देगा।

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NewstrackBy Newstrack

Published on 17 Oct 2020 2:54 PM GMT

महिलाएं बने आत्मनिर्भर: मिशन शक्ति की हुई शुरुआत, किया गया जागरूक
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जौनपुर: वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में मिशन शक्ति मेगा लांच कार्यक्रम का आयोजन शनिवार को ऑनलाइन किया गया। समारोह में बतौर मुख्य अतिथि कुलपति निर्मला एस. मौर्य ने कहा कि सरकार महिलाओं की सुरक्षा के प्रति काफी गंभीर है। देश में महिलाओं की आबादी लगभग 50 फ़ीसदी है, ऐसे में इस तरह की अभियान की आवश्यकता और बढ़ जाती है।

नारी की स्थितियों पर विस्तृत चर्चा

उन्होंने आदिकाल और उत्तर मध्यकाल में नारी की स्थितियों पर विस्तृत चर्चा की। कहा कि 21वीं सदी में महिला अपनी अस्मिता की तलाश कर रही है उन्होंने आह्वान किया कि नारी आत्मनिर्भर बने, इसके लिए विश्वविद्यालय महिलाओं द्वारा बनाई गई हस्तकला, हस्तशिल्प की वस्तुओं के विक्रय के लिए दुकान के रूप में प्लेटफार्म देगा।

कार्यक्रम में क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट उषा वर्मा श्रीवास्तव ने कहा कि महिलाएं आर्थिक रूप से ही आत्मनिर्भर न बने बल्कि अपनी सोच को भी आत्मनिर्भर बनाना होगा । उन्होंने लैंगिक भेदभाव और घरेलू हिंसा आदि विषयों पर विस्तृत रूप से प्रकाश डाला। विशिष्ट अतिथि के रूप में डिप्टी एसपी प्रेम प्रकाश ने कहा कि संविधान और कानून में कहीं भी लड़कों और लड़कियों में किसी प्रकार का भेदभाव नहीं है। इसके लिए लोगों को जागरूक करने की जरूरत है।

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महिलाओं को अन्याय के खिलाफ आवाज उठानी होगी

उन्होंने महिला सुरक्षा, साइबर सुरक्षा से संबंधित विभिन्न धाराओं के बारे में विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि महिलाओं को अन्याय के खिलाफ सतर्कता के साथ आवाज उठानी होगी। विशिष्ट अतिथि के रूप में एडवोकेट श्रीमती मंजू शास्त्री पास्को एक्ट, दहेज उत्पीड़न पर विस्तृत रूप से चर्चा करते हुए कहा कि महिलाएं जब तक आत्मनिर्भर नहीं बनेगी तब तक भारत विश्व गुरु नहीं बन सकता। कार्यक्रम का संचालन संयोजक डॉ जाह्नवी श्रीवास्तव ने किया। समारोह में कुलगीत डॉ. अनामिका ने प्रस्तुत किया।

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समारोह में कुलसचिव सुजीत कुमार जायसवाल, प्रो. मानस पांडेय, प्रो. अजय प्रताप सिंह, प्रो. देवराज सिंह, राष्टीय सेवा योजना समन्वयक राकेश कुमार यादव, डॉ. जगदेव, डॉ सुनील कुमार, डॉ. नितेश जायसवाल, डॉ. चंदन सिंह, डॉ झासी मिश्रा, डॉ प्रियंका सिंह, डॉ वनिता सिंह, सुश्री जया शुक्ला, जगदीश मौर्य आदि ने प्रतिभाग किया।

रिपोर्ट- कपिल देव मौर्य जौनपुर

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