नमामि गंगे पर योगी की पांच दिनी गंगा यात्रा 27 से होगी शुरू

गंगा यात्रा के शुभारम्भ के अवसर प्रदेश की राज्यपाल आनन्दी बेन पटेल भी शामिल होंगी जबकि हर जिले में एक मंत्री इस यात्रा कार्यक्रम में शामिल होगा। इसके अलावा सांसदों और विधायकों को भी इस कार्यक्रम का हिस्सा बनाया जाएगा।

श्रीधर अग्निहोत्री

लखनऊ: नमामि गंगे परियोजना को सफल बनाने में जुटी प्रदेश की भाजपा सरकार अब गंगा यात्रा का आयोजन करेगी जिसका नेतृत्व खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे। पश्चिमी उत्तर प्रदेश से यह यात्रा शुरू होकर कानपुर में खत्म होगी। गंगा यात्रा के शुभारम्भ के अवसर प्रदेश की राज्यपाल आनन्दी बेन पटेल भी शामिल होंगी जबकि हर जिले में एक मंत्री इस यात्रा कार्यक्रम में शामिल होगा। इसके अलावा सांसदों और विधायकों को भी इस कार्यक्रम का हिस्सा बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री गंगा किनारे पडने वाले नगरों में रात्रि विश्राम भी करेंगे।

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पांच दिन की गंगा यात्रा 1025 किलोमीटर तय करेगी

भाजपा सूत्रों ने बताया कि यात्रा का आयोजन गणतंत्र दिवस के दूसरे दिन से यानी 27 जनवरी से शुरू किया जाएगा। यह यात्रा पांच दिन तक चलेगी और 31 जनवरी को कानपुर में खत्म होगी। कहा जा रहा है कि यात्रा बिजनौर जिले से शुरू होगी। पांच दिन की गंगा यात्रा 1025 किलोमीटर तय करेगी। । प्रदेश के 26 जनपदों के 21 नगर निगम, 1638 राजस्व ग्रामों और 1026 ग्राम पंचायतों से यह गंगा यात्रा निकलेगी। यात्रा के पीछे गंगा की सफाई के लिए इस बीच पडने वाले जिलों में किए गए कामों की समीक्षा तथा स्वच्छ भारत अभियान के तहत किए गए कामों के बारे में जानने का का भी है।

गंगा यात्रा का शुभारंभ प्रदेश में गंगा नदी के प्रवेश स्थल बिजनौर नजीबाबाद तहसील के सबलगढ़ गांव से किया जाएगा। गंगा नदी के उत्तर प्रदेश की सीमा छोड़कर बिहार में प्रवेश करने के स्थल बलिया जनपद की बैरिया तहसील के कोंडहरा नौबरार गांव से भी गंगा यात्रा का शुभारंभ किया जाएगा।

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यात्रा के हर दिन 205 किलोमीटर चलेगी। दो स्थानों से शुरू हुई गंगा यात्रा का समापन कानपुर में जाकर होगा। इस अवसर पर बड़ा कार्यक्रम आयोजित होगा। गंगा यात्रा में प्रत्येक दिन एक केंद्रीय मंत्री भी शामिल होंगे। गंगा किनारे पड़ने वाले ग्राम पंचायतों व नगर निकायों में रात्रि विश्राम किया जाएगा।

जल शक्ति विभाग नोडल विभाग होगा

नगर विकास विभाग, ग्राम्य विभाग एवं पंचायती राज विभाग इस योजना के कार्यान्वयन में मुख्य सहयोगी विभाग होंगे तथा जल शक्ति विभाग नोडल विभाग होगा। गंगा नदी के किनारे बसे सभी नगर निकायों व ग्राम पंचायतों कोे ओडीएफ प्लस किया जायेगा। इस यात्रा के बहाने सरकार संगठन और सरकार दोनों का ही काम देख सकेगी। नगर निकायों एवं ग्राम पंचायतों में पॉलीथीन के प्रयोग पर पूर्णतया प्रतिबंध किया जायेगा जिससे जनता में जागरूकता पैदा की जा सके।