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योगी की ये बहन: 27 साल से कर रही अपने भैया का इंतजार

शशि कहती है कि उन्होंने योगी को स्कूल से लाने और ले जाने का काम किया है। शशि अपने दुःख को व्यक्त करते हुए कहती है कि पिछले 27 सालों से वह भाई योगी और परिवार से नहीं मिल पाई हैं।

Shivakant Shukla

Shivakant ShuklaBy Shivakant Shukla

Published on 14 Jan 2020 10:54 AM GMT

योगी की ये बहन: 27 साल से कर रही अपने भैया का इंतजार
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कोलकाता: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बारे में तो सभी जानते होंगे, लेकिन क्या आप यह जानते है कि सीएम योगी की तीन बहनें भी है। आज हम आपको उनकी सबसे छोटी बहन के बारे में बताने जा रहे हैं

5 जून 1972 को उत्तराखण्ड को पौड़ी गढ़वाल जिले स्थित यमकेश्वर तहसील के पंचुर गाँव के एक गढ़वाली राजपूत परिवार में जन्मे योगी आदित्यनाथ का के पिता का नाम आनन्द सिंह बिष्ट है जो एक फॉरेस्ट रेंजर थे, तथा इनकी मां का नाम सावित्री देवी है। अपनी माता-पिता के सात बच्चों में तीन बड़ी बहनों व एक बड़े भाई के बाद ये पांचवें थे एवं इनसे और दो छोटे भाई हैं।

योगी की बहन मंदिर में फूलों की माला बनाकर बेचती है

दरअसल, योगी आदित्यनाथ की बहन शशि नीलकंठ मंदिर में प्रसाद और फूलों की माला बनाकर बेचने का काम करती है। हाँ यह सच जरूर है कि वे किसी को भी अपनी पहचान बताने से कतराती हैं और खुद को छुपाकर रखती हैं। शशि ने इस बारे में फिर पूछने पर बताया कि वह नहीं चाहती कि किसी को पता चले की वो योगी आदित्यनाथ की छोटी बहन है।

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बता दें कि शशि अपने पति पूरण के साथ नीलकंठ मंदिर के पास पार्वती धाम में फूल प्रसाद माला की दुकान चलाती है। यहाँ वह एक झोपड़ी में अपने परिवार के साथ रह रही है। शशि ने बताया कि वर्ष 1992 में उनकी शादी गढ़वाल के रहने वाले पूरन से हुई थी और उनकी शादी के बाद ही योगी आदित्यनाथ उर्फ अजय बिष्ट घर छोड़कर चले गए। उनका कहना है कि योगी के सांसद बनने से लेकर अब तक उनकी भाई योगी से कोई बात नहीं हो पाई है।

शशि कहती है कि उन्होंने योगी को स्कूल से लाने और ले जाने का काम किया है। शशि अपने दुःख को व्यक्त करते हुए कहती है कि पिछले 27 सालों से वह भाई योगी और परिवार से नहीं मिल पाई हैं।

क्या है बचपन की यादें

बचपन की कुछ बातों को याद करते हुए शशि बताती है कि बचपन में रक्षाबंधन के त्यौहार के दिन योगी आदित्यनाथ हमेशा उनसे यही कहा करते थे कि अभी तो फिलहाल में कुछ नहीं कमा रहा हूं, लेकिन जब बड़ा हो जाऊंगा तो तुम्हें खूब सारे उपहार दूंगा।

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