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गोली मारने का आदेश: लॉकडाउन में बाहर निकलने की सजा मौत, इस देश की करतूत

लॉक डाउन के दौरान हो रहे हत्याकांड काफी चिंताजनक है। इस देश का नाम है कोलंबिया (Colombia)। यहां पूरे देश में सरकार की तरफ से लॉकडाउन जारी है।लेकिन यहां के ड्रग माफिया ने अपना अलग लॉकडाउन घोषित कर रखा है।

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NewstrackBy Newstrack

Published on 16 July 2020 1:50 PM GMT

गोली मारने का आदेश: लॉकडाउन में बाहर निकलने की सजा मौत, इस देश की करतूत
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नई दिल्ली: दुनिया भर के देशों ने कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए लॉक डाउन का सहारा लिया। ये लॉक डाउन कई देशों के लाभदायक रहा और कई देशों में लॉक डाउन का सही असर नहीं दिखा। अब लॉक डाउन खोला जा चुका है तो कहीं दोबारा-तिबारा लगा दिया गया है। लेकिन एक देश ऐसा है जहां पर लॉकडाउन के नियम नहीं मानने वालों की हत्या कर दी जा रही है। इस देश की सरकार भी इन हत्याओं को रोकने में असफल साबित हो रही है।

लॉकडाउन नियम नहीं मानने वाले आठ लोगों को मार डाला गया

लॉक डाउन के दौरान हो रहे हत्याकांड काफी चिंताजनक है। इस देश का नाम है कोलंबिया (Colombia)। यहां पूरे देश में सरकार की तरफ से लॉकडाउन जारी है।लेकिन यहां के ड्रग माफिया ने अपना अलग लॉकडाउन घोषित कर रखा है। जो इस लॉकडाउन को नहीं मान रहा है। ड्रग माफिया उसकी हत्या कर दे रहे हैं। अब तक लॉकडाउन नियम नहीं मानने वाले आठ लोगों को मार डाला गया है।

इन सबके पीछे क्या ड्रग माफिया है ?

एक रिपोर्ट के अनुसार हथियारबंद ड्रग माफिया समूह लोगों को व्हाट्सएप और पर्चों के जरिए लॉकडाउन के नियम सख्ती से मानने के लिए कह रहे हैं। इनमें से कुछ ड्रग माफिया तो 50 साल से ज्यादा पुराने हैं। ये ड्रग माफिया ज्यादातर ग्रामीण इलाकों में लोगों के ऊपर अत्याचार कर रहे हैं। सबसे बुरी हालत है तुमाको शहर की। यह एक ऐसा बंदरगाह है, जहां पर आए दिन ड्रग माफियाओं के बीच और पुलिस के बीच हिंसा की खबरें आती रहती हैं।

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बिना पूछे गोली मारने का फरमान

तुमाको शहर में ड्रग माफियाओं ने आम नागरिकों को कहा है कि वो नदी में मछली पकड़ने नहीं जाएंगे। शाम को 5 बजे के बाद कोई दुकान या बाजार नहीं खुलेगा। न ही कोई रेहड़ी वाला बाहर अपना ठेला लगाएगा। अगर ऐसा हुआ तो बिना पूछे गोली मार दी जाएगी। ये ड्रग माफिया और इनके छोटे-छोटे हथियारबंद समूह पूरे देश में आम लोगों को धमका रहे हैं। कॉका और गुआवियरे प्रांत में तो हथियारबंद समूहों ने कई मोटर साइकिलों और गाड़ियों को भी जला दिया। ये गाड़ियां उन लोगों की थीं जो इनकी बात नहीं मान रहे थे।

पूरे कोलंबिया में लॉकडाउन घोषित है

ड्रग माफियाओं ने गांवों और शहरों के बीच हर तरह के यातायात को बंद करवा दिया है। अगर जरा सी भी शक होता है कि किसी को कोरोना वायरस है तो ये हथियारबंद समूह उसे तत्काल गोली मार देता है। कोलंबिया की सरकार ने पूरे देश में लॉकडाउन घोषित कर रखा है। देश में 1.60 लाख लोग कोरोना से संक्रमित हैं। जबकि, 5625 से ज्यादा लोगों की मौत कोरोना की वजह से हो चुकी है। हर दिन 5000 से ज्यादा कोरोना केस सामने आ रहे हैं।

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लॉकडाउन उतना सख्त नहीं जितना कि इन हथियारबंद समूहों

सरकार का लॉकडाउन उतना सख्त नहीं हैं, जितना कि इन हथियारबंद समूहों और ड्रग माफियाओं की ओर से लगाया गया लॉकडाउन है। इन माफियाओं का सीधा सा कानून है कि अगर कोई भी उनके द्वारा लगाए गए लॉकडाउन के नियम को तोड़ता है तो उसे तुरंत कब्रिस्तान पहुंचा दो।

गृहयुद्ध झेल चुका है कोलंबिया

कोलंबिया में साल 2016 में पांच दशकों से चला रहा गृहयुद्ध खत्म हुआ था। इस सिविल वॉर में 2.60 लाख से ज्यादा लोग मारे गए थे। जबकि, 70 लाख से ज्यादा लोगों को विस्थापित होना पड़ा था। 2016 में कोलंबिया की सरकार और रिवोल्यूशनरी आर्म्ड फोर्सेस ऑफ कोलंबिया (FARC) के बीच समझौता हुआ था।इसके बाद देश में शांति लौटी थी।

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