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तूफानों से कांपी दुनिया: रेत और बर्फ ने तबाह किया सब कुछ, लाखों की आबादी प्रभावित

अमेरिका में एक महीने में दूसरी बार बर्फीले तूफान ने दस्तक दी है। इस तूफान ने बीते 140 सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। यहां के कोलोराडो, व्योमिंग और नेब्रास्का सहित करीब 6 राज्यों में बीते 48 घंटों में 5 फीट तक बर्फबारी हो चुकी है। जिसकी वजह से 80 से ज्यादा हाईवे पूरी तरह से बंद हो गए हैं।

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Published on: 16 March 2021 8:54 AM GMT
तूफानों से कांपी दुनिया: रेत और बर्फ ने तबाह किया सब कुछ, लाखों की आबादी प्रभावित
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अमेरिका में एक महीने में दूसरी बार बर्फीले तूफान ने दस्तक दी है। इस तूफान ने बीते 140 सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है।
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नई दिल्ली। दुनियाभर में आ रहे तूफानों से तबाही मची हुई है। कहीं बर्फ का तूफान हाहाकार मचाए हुए है, तो कहीं रेतीला तूफान कहर ढाए हुए है। ऐसे में अमेरिका में एक महीने में दूसरी बार बर्फीले तूफान ने दस्तक दी है। इस तूफान ने बीते 140 सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। यहां के कोलोराडो, व्योमिंग और नेब्रास्का सहित करीब 6 राज्यों में बीते 48 घंटों में 5 फीट तक बर्फबारी हो चुकी है। जिसकी वजह से 80 से ज्यादा हाईवे पूरी तरह से बंद हो गए हैं। जबकि दो दिनों में 2400 से ज्यादा उड़ानें रद्द करनी पड़ीं है।

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सबसे बर्फीला तूफान

America's snow storm फोटो-सोशल मीडिया

अमेरिका में आए इस बर्फीले तूफान से करीब 35 लाख लोग प्रभावित हैं। इस बारे में मौसम विभाग के अनुसार, आमतौर पर अमेरिका में मार्च में बर्फबारी नहीं होती। इस बीच यहां का तामपान 10 से 15 डिग्री के बीच होता है। साइबेरिया की ओर से चली ठंडी हवाओं की वजह बर्फबारी हुई। इससे तापमान माइनस 11 डिग्री तक पहुंच गया। आज से पहले मार्च 1881 में 24 इंच बर्फबारी हुई थी।

बीते माह आर्कटिक ब्लास्ट की वजह से अमेरिका में 122 साल का सबसे बर्फीला तूफान आया था। जिससे टेक्सास सहित 12 राज्यों में भारी बर्फ गिरी थी। जबकि तूफान की चपेट में आकर 21 लोगों की मौत हो गई थी और कई घायल हुए थे।

दूसरी तरफ चीन में रेतीले तूफान ने हाहाकार मचाया हुआ है। सोमवार को बीजिंग में आए दशक के सबसे भयंकर रेतीले तूफान से पीले रंग की बालू से पूरी राजधानी ढंक गई थी।

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Dusty storm beijing फोटो-सोशल मीडिया

रेतीले तूफान से हाहाकार

चीन में आए इस भीषण तूफान का असर फ्लाइट्स पर भी पड़ा। जिसकी वजह से कई उड़ानें रद्द कर दी गईं हैं। इस बारे में राष्ट्रीय भूविज्ञान केन्द्र के अनुसार, बीजिंग में सुबह आंखें खोलते ही लोगों को हल्के पीले रंग का आसमान दिखा और तूफान के कारण दृश्यता घट कर महज कुछ सौ मीटर रह गई।

साथ ही केन्द्र ने ‘येलो अलर्ट’ जारी किया, क्योंकि हवा में प्रदूषक पीएम10 की मात्रा 2,000 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर हो गई। रिपोर्ट के अनुसार, चक्रवात और तेज हवाओं के कारण रेतीला तूफान उत्तरी चीन के ‘इंनर मंगोलिया ऑटोनॉमस रीजन’ से शुरू हुआ। वहीं अब ये तूफान रविवार की रात को हेबेई प्रांत पहुंचा और वहां से राजधानी की तरफ बढ़ा है।

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