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अमेरिका का सख्त कदम: परिवार का मुंह नहीं देख पाएंगे भारतीय, जारी की एडवाइजरी

भारत और अमेरिका की दोस्ती इस महामारी के दौर में भी कायम रही और दूसरे देशों को भी एकजुट होने का सबब देती रही। लेकिन अब अमेरिका ने भारत के खिलाफ कठोर कदम उठाया है। ट्रंप प्रशासन ने नागरिकों को भारत न जाने की सलाह दी है।

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Updated on: 26 Aug 2020 6:15 AM GMT
अमेरिका का सख्त कदम: परिवार का मुंह नहीं देख पाएंगे भारतीय, जारी की एडवाइजरी
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वाशिंगटन। भारत और अमेरिका की दोस्ती इस महामारी के दौर में भी कायम रही और दूसरे देशों को भी एकजुट होने का सबब देती रही। लेकिन अब अमेरिका ने भारत के खिलाफ कठोर कदम उठाया है। ट्रंप प्रशासन ने नागरिकों को भारत न जाने की सलाह दी है। हालांकि अमेरिका ने भारत के लिए जारी की गई इस एडवाइजरी की वजह नहीं बताई है। इस तरह की सलाह केवल आतंकवाद, गृहयुद्ध, संगठित अपराध और महामारी जैसे कारणों से ही दी जाती है।

भारत की यात्रा न करने की सलाह

इसके साथ ही अमेरिका ने भारत की यात्रा के लिए रेटिंग 4 निर्धारित की है, जोकि बेहद खराब मानी जाती है। इसी रेटिंग में अमेरिका ने युद्धग्रस्‍त सीरिया, आतंकवाद के केंद्र पाकिस्‍तान, ईरान, इराक और यमन जैसे देशों को रखा हुआ है।

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अमेरिका द्वारा भारत के लिए इस एडवाइजरी की वजह कोरोना के बढ़ते मामलों को बताया जा रहा है। ऐसा माना जा रहा है के इसी के मद्देनज़र ट्रंप प्रशासन ने नागरिकों को भारत की यात्रा न करने की सलाह दी है।

प्राथमिकता के आधार पर

ऐसे में अमेरिकी एजेंसियों का मानना है की कोरोना के आलावा भारत में अपराध और आतंकवाद में तेजी आई है। इस एडवाइजरी में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध और उग्रवाद को भी यात्रा न करने के कारणों में शामिल किया गया है। लेकिन इंडियन टूरिज्‍म एंड हॉस्पिटलटी संघ (FAITH) ने भारत सरकार से गुहार लगाई है कि वे अमेरिका सरकार से ट्रेवल एडवाइजरी को बदलने के लिए दबाव डाले।

इंडियन टूरिज्‍म एंड हॉस्पिटलटी संघ (FAITH) ने कहा है कि सरकार इसे प्राथमिकता के आधार पर उठाए, जिससे देश के बारे में बन रही नकारात्‍मक छवि को रोका जा सके। आगे इस संगठन ने कहा कि इस समय पर्यटन उद्योग कोरोना महामारी की वजह से गंभीर संकट से गुजर रहा है और जल्‍द ही भारत में यह उद्योग फिर से अपने आपको शुरू करने जा रहा है।

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एडवाइजरी में चेतावनी

इसके साथ ही 23 अगस्‍त को जारी इस ट्रेवेल एडवाइजरी में भारत के अलावा पाकिस्‍तान, सीरिया, यमन, ईरान और इराक जैसे हिंसा प्रभावित देशों को शामिल किया गया है। संगठन के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के रिश्ते इतने अच्छे होने के बावजूद इस तरह का कदम समझ से बाहर है।

इंडियन टूरिज्‍म एंड हॉस्पिटलटी संघ (FAITH) ने बताया की अमेरिकी नागरिक दक्षिण एशिया में सबसे ज्यादा भारत में ही समय बिताना पसंद करते हैं। अमेरिका से आने वाले पर्यटक अन्‍य देशों की तुलना में सबसे ज्‍यादा समय तक भारत में रहते हैं। अमेरिकी पर्यटक जहां 29 दिन तक रहता है, वहीं अन्‍य देशों के लोग 22 दिनों तक रहते हैं।

वहीं अमेरिका द्वारा जारी इस एडवाइजरी में चेतावनी दी गई है की भारत कोरोना के मामले बढ़ने पर एयरपोर्ट और देश की सीमा को बंद कर सकता है ऐसे में फिलहाल वहां जाने से परहेज करें। अमेरिका के विदेश विभाग ने विशेष रूप से जम्‍मू-कश्‍मीर और भारत-पाकिस्‍तान सीमा पर नहीं जाने के लिए चेतावनी जाहिर की है।

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