चीन के खिलाफ हांगकांग में भड़का गुस्सा, विरोध प्रदर्शन पर चीन ने उठाया ये बड़ा कदम

हांगकांग में नए राष्ट्रीय सुरक्षा कानून को लेकर एक बार फिर लोगों का गुस्सा भड़क गया है। चीन की सरकार नया राष्ट्रीय सुरक्षा कानून बनाकर हांगकांग में लोकतंत्र बहाली की मांग करने वाले लोगों की आवाज को कुचलने की कोशिश में लगी हुई है।

Published by Ashiki Patel Published: May 28, 2020 | 10:58 am
Modified: May 28, 2020 | 12:29 pm

 

अंशुमान तिवारी

हांगकांग: हांगकांग में नए राष्ट्रीय सुरक्षा कानून को लेकर एक बार फिर लोगों का गुस्सा भड़क गया है। चीन की सरकार नया राष्ट्रीय सुरक्षा कानून बनाकर हांगकांग में लोकतंत्र बहाली की मांग करने वाले लोगों की आवाज को कुचलने की कोशिश में लगी हुई है। इसे लेकर हांगकांग में तनाव बढ़ गया है। चीन सरकार के इस कदम के खिलाफ विरोध जताने के लिए लोग सड़कों पर उतर आए। इन लोगों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने मिर्ची लगी गोलियां दागीं। काफी संख्या में लोगों को गिरफ्तार किए जाने की भी खबर है।

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पुलिस ने दागीं मिर्ची गोलियां

चीन की संसद में इन दिनों हांगकांग में राष्ट्रीय सुरक्षा कानून को लागू करने पर चर्चा चल रही है। इस चर्चा को बाधित न होने देने के लिए चीन की ओर से दंगा पुलिस का इंतजाम किया गया है। चीन की इन कोशिशों के खिलाफ में लोगों की नाराजगी काफी बढ़ गई है। विधान भवन के बाहर जुटे प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए पुलिस ने उन पर मुकदमा चलाने की चेतावनी दी। जब प्रदर्शनकारी फिर भी नहीं माने तो उन्हें तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने काली मिर्च की गोलियां दागना शुरू कर दिया। हांगकांग में तैनात दंगा पुलिस ने पत्रकारों को वीडियोग्राफी करने से भी रोका। माना जा रहा है कि चीनी पुलिस की कोशिश है कि दमनकारी कार्रवाई के वीडियो यहां से बाहर न जा सकें।

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300 प्रदर्शनकारी गिरफ्तार

सूत्रों के मुताबिक पुलिस ने करीब 300 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार भी किया है। हालांकि आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं की गई है। पुलिसिया कार्रवाई के बावजूद लोगों ने काले कपड़े पहनकर और काला झंडा दिखाकर प्रस्तावित कानून का जबर्दस्त विरोध किया। प्रदर्शनकारियों ने अपनी आवाज बुलंद करते हुए कहा कि इस विधेयक के पास होने के बाद चीन हांगकांग में और दमनकारी नीतियां लागू करेगा और विरोध की आवाज दबा दी जाएगी।

आंदोलन को कुचलने में जुटा चीन

जानकारों का कहना है कि चीन हांगकांग में लोकतंत्र बहाली के आंदोलन को पूरी तरह कुचलने की कोशिश में जुटा हुआ है। इस विधेयक के पारित हो जाने के बाद मार्च ऑफ द वालंटियर का अपमान करना पूरी तरह गैरकानूनी हो जाएगा। इसके साथ ही दोषी पाए जाने पर तीन साल तक की जेल की सजा और करीब साढ़े छह हजार का जुर्माना भी लगाया जा सकता है। चीनी राष्ट्रगान के अपमान को भी विधेयक के दायरे में लाया जा रहा है और जानकारों का कहना है इससे हांगकांग में अभिव्यक्ति की आजादी को करारा झटका लगेगा।

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ट्रंप की कड़ी कार्रवाई की चेतावनी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हांगकांग मामले में चीन की कार्रवाई पर गहरी नाराजगी जताते हुए उसे लताड़ लगाई है। कोरोना संकट के कारण पहले ही अमेरिका और चीन के रिश्तो में काफी खटास आ चुकी है। अब इस मुद्दे को लेकर दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ सकता है।

अमेरिकी राष्ट्रपति का कहना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर चीन हांगकांग में जो कुछ भी कर रहा है, वह ठीक नहीं है। हम इस बाबत जल्द फैसला लेंगे। उन्होंने चीन को इस मामले में कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी है। हालांकि ट्रंप की चेतावनी से यह साफ नहीं हो सकता हो सका कि वे चीन के खिलाफ क्या कदम उठाने वाले हैं।

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