अनुच्छेद 370 के बाद अमेरिका ने पाक को दिया एक और झटका, अब चला ये दांव

पाकिस्तानी समाचार पत्र एक्सप्रेस ट्रिब्यून में छपी रिपोर्ट के अनुसार इस्लामाबाद अमेरिका से यह आर्थिक मदद ‘पाकिस्तान एन्हैंस पार्टनरशिप एग्रीमेंट (पेपा) 2010’ के जरिए हासिल करता है।

Published by Aditya Mishra Published: August 16, 2019 | 2:43 pm
Modified: August 16, 2019 | 6:43 pm

इस्लामाबाद: अनुच्छेद 370 पर अमेरिका की ओर से मदद करने से इंकार किये जाने के बाद पाकिस्तान को एक बार फिर से बड़ा झटका लगा है।

बताया जा रहा है कि अमेरिका ने ‘केरी लूगर बर्मन एक्ट’ के तहत पाकिस्तान को दी जाने वाली प्रस्तावित आर्थिक मदद में 44 करोड़ डॉलर की कटौती कर दी है।

जिसके बाद से अब पाकिस्तान को 4.1 अरब डॉलर की धनराशि ही मदद के तौर पर मिल पायेगी।

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पेपा के तहत पाकिस्तान को मिलती है मदद

पाकिस्तानी समाचार पत्र एक्सप्रेस ट्रिब्यून में छपी रिपोर्ट के अनुसार इस्लामाबाद अमेरिका से यह आर्थिक मदद ‘पाकिस्तान एन्हैंस पार्टनरशिप एग्रीमेंट (पेपा) 2010’ के जरिए हासिल करता है।

मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, 90 करोड़ डॉलर की बची हुई अमेरिकी मदद पाने के लिए पाकिस्तान ने पिछले सप्ताह ही पेपा की समयसीमा बढ़ा दी थी।

अक्टूबर 2009 में अमेरिकी कांग्रेस ने ‘केरी लूगर बर्मन ऐक्ट’ पास किया था और इसे लागू करने के लिए सितंबर 2010 में पेपा पर हस्ताक्षर किए गए।

इसके तहत पाकिस्तान को पांच साल की अवधि में 7.5 अरब डॉलर की मदद दिए जाने की व्यवस्था की गई थी।

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ऊर्जा और जल संकट को किया जाना था दूर

इस अधिनियम को पाकिस्तान की आर्थिक संरचना में निवेश करने के मकसद से लाया गया था जिसके तहत देश के ऊर्जा और जल संकट को दूर किया जाना था।

हालांकि, पेपा समझौते के लागू होते ही पाकिस्तान और अमेरिका के रिश्ते बिगड़ने शुरू हो गए थे। इसका असर अमेरिका की पाकिस्तान के लिए उसकी प्रतिबद्धताओं और आर्थिक मदद पर भी पड़ा।

बताते चले की आर्थिक मदद में कटौती के फैसले के बारे में इस्लामाबाद को इमरान खान के अमेरिकी दौरे से तीन सप्ताह पहले ही आधिकारिक सूचना दे दी गई थी।

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