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अभी-अभी 58 की दर्दनाक मौत: चलते-चलते पलट गई नाव, बचाव कार्य जारी

ये नाव 27 नवंबर को सेनेगल से सटे पश्चिमी अफ्रीकी देश गाम्बिया से शरणार्थियों को लेकर यूरोप के लिए रवाना हुई थी। मॉरिटानियन अथॉरिटीज पूरी क्षमता से राहत व बचाव कार्य में जुटी हुई है। नौदहिबौ में अब भी राहत व बचाव कार्य जारी है।

Shivakant Shukla
Updated on: 5 Dec 2019 11:18 AM GMT
अभी-अभी 58 की दर्दनाक मौत: चलते-चलते पलट गई नाव, बचाव कार्य जारी
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नई दिल्ली: अटलांटिक महासागर में शरणार्थियों से भरी एक नाव के अचानक अनियंत्रित होकर पलट जाने से 58 लोगों की मौत हो गई है। ये शरणार्थी नाव में सवार होकर यूरोप में शरण लेने के लिए अटलांटिक की खतरनाक यात्रा पर निकले थे। जानकारी के अनुसार ये सभी पश्चिमी अफ्रीकी देश गाम्बिया के रहने वाले थे।

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मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक हादसे का शिकार होने वाली नाव में कई दर्जन शरणार्थी बैठे थे। अनुमान के अनुसार नाव में लगभग 150 शरणार्थी सवार थे, नाव में काफी संख्या में महिलाएं और बच्चे भी सवार थे। इनमें से 83 लोगों ने नाव डूबने के बाद तैरकर किसी तरह अपनी जान बचा ली, और 58 लोगों की डूबकर मौत हो गई। हालांकि हादसे की सूचना मिलते ही अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों द्वारा राहत व बचाव कार्य शुरू कर दिया गया था। बताया जा रहा है कि अब तक 58 शरणार्थियों के शव समुद्र से बरामद किए जा चुके हैं।

अब भी राहत व बचाव कार्य जारी

ये नाव 27 नवंबर को सेनेगल से सटे पश्चिमी अफ्रीकी देश गाम्बिया से शरणार्थियों को लेकर यूरोप के लिए रवाना हुई थी। मॉरिटानियन अथॉरिटीज पूरी क्षमता से राहत व बचाव कार्य में जुटी हुई है। नौदहिबौ में अब भी राहत व बचाव कार्य जारी है।

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गाम्बिया से इसलिए हो रहा पलायन

गौरतलब है कि पश्चिमी अफ्रीका का बेहद छोटा देश होने के बावजूद यहां से लगातार पलायन हो रहा है। यहां के राष्ट्रपति याह्या जममेह के 22 साल के दमनकारी शासन से परेशान होकर काफी संख्या में लोग यूरोप या किसी अन्य देश में शरण लेने के लिए अक्सर ऐसी खतरनाक यात्राओं पर निकलते रहते हैं। वर्ष 2016 में राष्ट्रपति जममेह सत्ता से बेदखल हो गए और फिर जनवरी 2017 में वह देश छोड़कर भाग गए। फिलहाल गाम्बिया की अर्थव्यवस्था अब भी बदहाल स्थिति में है।

Shivakant Shukla

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