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नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी में टूट रोकने में जुटा चीन, बढ़ते दखल से लोगों में भड़का गुस्सा

चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के वाइस मिनिस्टर गुओ येझोऊ की अगुवाई में चीन से कम्युनिस्ट नेताओं का एक दल नेपाल पहुंच गया है। हालांकि चीन के बढ़ते दखल से लोगों में काफी नाराजगी भी है

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NewstrackBy Newstrack

Published on 28 Dec 2020 6:39 AM GMT

नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी में टूट रोकने में जुटा चीन, बढ़ते दखल से लोगों में भड़का गुस्सा
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नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी में टूट रोकने में जुटा चीन, बढ़ते दखल से लोगों में भड़का गुस्सा (PC: social media)
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काठमांडू: नेपाल में सत्तारूढ़ नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एनसीपी) को टूट से बचाने के लिए चीन पूरी तरह जुट गया है। चीन को इस बात की चिंता सता रही है कि नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी में विघटन के कारण नेपाल में उसका दखल कमजोर पड़ सकता है। यही कारण है कि चीनी कम्युनिस्ट पार्टी ने इस दिशा में प्रयास शुरू कर दिया है।

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चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के वाइस मिनिस्टर गुओ येझोऊ की अगुवाई में चीन से कम्युनिस्ट नेताओं का एक दल नेपाल पहुंच गया है। हालांकि चीन के बढ़ते दखल से लोगों में काफी नाराजगी भी है और काठमांडू में लोगों ने चीन पर नेपाल के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने का आरोप लगाते हुए विरोध में प्रदर्शन भी किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने चीन वापस जाओ के नारे भी बुलंद किए।

सत्तारूढ़ पार्टी में जबर्दस्त खींचतान

नेपाल में प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की ओर से संसद भंग करने के कदम के बाद नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी में जबर्दस्त खींचतान चल रही है और पार्टी के वरिष्ठ नेता पुष्प कमल दहल प्रचंड के गुट ने ओली के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। प्रचंड गुट ने ओली को अध्यक्ष मानने से इनकार करते हुए प्रचंड को नए अध्यक्ष चुन लिया है।

दूसरी ओर प्रधानमंत्री ओली भी इस बार आरपार की लड़ाई के मूड में है और उन्होंने भी प्रचंड गुट से दो-दो हाथ करने की पूरी तैयारी कर ली है। ऐसे हालात में चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) की चिंता बढ़ गई है क्योंकि उसे लग रहा है कि इस नए घटनाक्रम के कारण नेपाल पर उसकी पकड़ कमजोर पड़ जाएगी।

ओली और प्रचंड से मिलेगा चीनी दल

चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के नेता गुओ नेपाल के कम्युनिस्ट नेताओं और यहां के सियासी हालात से पूरी तरह परिचित हैं और इसी कारण उनकी अगुवाई में चीनी दल को काठमांडू भेजा गया है। नेपाल पहुंचने के बाद चीनी कम्युनिस्ट नेताओं ने राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी से मुलाकात की और देश के मौजूदा हालात पर चर्चा की। चीनी कम्युनिस्ट नेताओं का प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली से भी मुलाकात कर कार्यक्रम है।

ओली के अलावा गुओ नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष प्रचंड से भी मुलाकात करेंगे। इन दोनों नेताओं के अलावा चीनी दल नेपाल के अन्य वरिष्ठ नेताओं से भी वार्ता कर मौजूदा संकट को सुलझाने का प्रयास करेगा। माना जा रहा है कि चीनी दल की कम्युनिस्ट पार्टी के वरिष्ठ नेता माधव कुमार नेपाल से भी बातचीत होगी। जानकार सूत्रों का कहना है कि प्रचंड ने गुओ से मुलाकात की हामी भर दी है मगर ओली की तरफ से अभी तक कोई जवाब नहीं दिया गया है।

चीनी राजदूत को नहीं मिली कामयाबी

नेपाल में चीन की राजदूत हाओ यांकी भी नेपाल के मौजूदा घटनाक्रम के बाद काफी सक्रिय हैं। उन्होंने नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी के शीर्ष नेताओं के साथ मुलाकात के अलावा राष्ट्रपति से भी मुलाकात की थी। हालांकि नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी के दोनों गुटों में तनाव कम करने में उन्हें कामयाब नहीं मिल सकी।

चीनी दखल के खिलाफ लोग सड़कों पर उतरे

दूसरी ओर नेपाल में चीन के बढ़ते दखल से लोगों में खासी नाराजगी है। चीन के खिलाफ लोगों को गुस्सा इस हद तक बढ़ गया है कि विरोध में प्रदर्शनकारी काठमांडू की सड़कों पर उतर आए। चीन की बढ़ती घुसपैठ के खिलाफ बैनर और पोस्टर भी लहराए।

इन पोस्टरों में नेपाल में चीनी हस्तक्षेप बंद करने के साथ ही चीन द्वारा कब्जा की गई जमीन को लौटाने की भी मांग की गई है। प्रदर्शनकारियों चीन वापस जाओ के नारे भी बुलंद किए।

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पहले भी हो चुके हैं चीन विरोधी प्रदर्शन

नेपाल में इससे पहले भी चीन के खिलाफ प्रदर्शन हो चुके हैं। नेपाल के हुमला इलाके में चीन के जमीन कब्जा करने की घटना के बाद भी काठमांडू की सड़कों पर लोगों ने प्रदर्शन करते चीन के खिलाफ नारे बुलंद किए थे। प्रदर्शनकारियों ने चीनी दूतावास के बाहर गो बैक चाइना के नारे लगाए थे। चीन ने नेपाल के हुमला इलाके में नेपाल की जमीन पर कब्जा करने के साथ ही नौ बिल्डिंग्स का भी निर्माण कर लिया है। इसे लेकर भी नेपाल के लोगों में काफी नाराजगी है।

रिपोर्ट- अंशुमान तिवारी

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