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चीन की बर्बादी शुरू: भारत-अमेरिका मिलकर करने जा रहे ये काम, होगा इसका सफाया

इसी सिलसिले में सीनेटर थोम टिलिस ने गुरूवार को अपना 18 सूत्री प्लान को विस्तारपूर्वक से पेश करते हुए कहा, “चीन सरकार ने खराब मंशा से बातों को छिपाया और ऐसी वैश्विक महामारी फैलायी जो हजारों अमेरिकियों के लिए विपत्ति लेकर आई।

Vidushi Mishra
Updated on: 15 May 2020 11:59 AM GMT
चीन की बर्बादी शुरू: भारत-अमेरिका मिलकर करने जा रहे ये काम, होगा इसका सफाया
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नई दिल्ली। कोरोना महामारी पर अमेरिका के एक शीर्ष सांसद ने चीन की सरकार को वैश्विक महामारी की वजह बनने वाले उसके “झूठ, छल और बातों को गुप्त रखने की कोशिशों” के लिए जिम्मेदार बताने पर 18 सूत्री प्लान सामने रखा है। भारत के साथ सैन्य संबंध बढ़ाना इस प्लान का एक सबसे महत्वपूर्ण प्लान है। इसके साथ अन्य प्रमुख सुझावों में चीन से उत्पादन श्रृंखलाओं को हटाना तथा भारत, वियतनाम और ताइवान के साथ सैन्य संबंध मजबूत करना है।

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चीन सरकार ने बातों को छिपाया

इसी सिलसिले में सीनेटर थोम टिलिस ने गुरूवार को अपना 18 सूत्री प्लान को विस्तारपूर्वक से पेश करते हुए कहा, “चीन सरकार ने खराब मंशा से बातों को छिपाया और ऐसी वैश्विक महामारी फैलायी जो हजारों अमेरिकियों के लिए विपत्ति लेकर आई।

आगे कहा- यह वही शासन है जो अपने ही नागरिकों को श्रम शिविरों में बंद करके रखता है, अमेरिकी की प्रौद्योगिकी एवं नौकरियां चुराता है और हमारे सहयोगियों की संप्रभुता के लिए खतरा उत्पन्न करता है।”

चीनी सरकार को प्रतिबंधित करेगी

चीन पर तलवार फेंकते हुए उन्होंने कहा, “यह अमेरिका और समूचे स्वतंत्र विश्व के लिए बड़ी चेतावनी है। मेरी कार्ययोजना चीनी सरकार को कोविड-19 के बारे में झूठ बोलने के लिए जिम्मेदार ठहराएगी, अमेरिका की अर्थव्यवस्था, जन स्वास्थ्य एवं राष्ट्रीय सुरक्षा को संरक्षित रखते हुए चीनी सरकार को प्रतिबंधित करेगी।”

साथ ही इस कार्य प्लान में प्रशांत प्रतिरोध पहल शुरू करने और वित्तपोषण के लिए 20 अरब डॉलर के सैन्य अनुरोध को तुरंत ही मंजूर किए जाने की मांग उठाई गई है।

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इसमें क्षेत्रीय सहयोगियों के साथ सैन्य संबंध मजबूत करने और भारत, ताइवान एवं वियतनाम को उपकरणों की बिक्री बढ़ाने की भी अपील की गई है। इसमें ये भी कहा गया कि जापान को अपनी सेना का फिर से निर्माण करने के लिए प्रोत्साहित किया जाए तथा जापान एवं दक्षिण कोरिया को आक्रामक सैन्य उपकरणों की पेशकश की जाए।

अमेरिकी कंपनियों को प्रोत्साहन

इस प्लान में कहा गया, “चीन से सारी उत्पादन इकाइयां वापस अमेरिका लाई जाएं और धीरे-धीरे आपूर्ति श्रृंखलाओं को लेकर चीन पर निर्भरता समाप्त की जाए।

चीन को हमारी प्रौद्योगिकी चुराने से रोका जाए तथा हमारे प्रौद्योगिकीय फायदे फिर से प्राप्त करने के लिए अमेरिकी कंपनियों को प्रोत्साहन दिया जाए। चीन की हैकिंग एवं गड़बड़ियों से बचने के लिए साइबर सुरक्षा मजबूत की जाए।”

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हमारे सहयोगियों के साथ समन्वय

आगे इसमें कहा गया,“अमेरिकी करदाताओं के पैसे का चीनी सरकार द्वारा अपना कर्ज चुकाने में प्रयोग किया जाना रोका जाए। हुआवै (चीनी प्रौद्योगिकी कंपनी) पर अमेरिकी प्रतिबंध को लागू किया जाए और इसी तरह के प्रतिबंध लागू करने के लिए हमारे सहयोगियों के साथ समन्वय करें।”

इस प्लान में चीन की सरकार से मुआवजा मांगने तथा वायरस के बारे में झूठ बोलने के लिए उस पर प्रतिबंध लगाए जाने का सुझाव दिया गया है। और साथ ही कहा गया है कि चीन को उसके अत्याचारी मानवाधिकार रिकॉर्ड के लिए भी प्रतिबंधित किया जाना चाहिए।

वहीं सांसद टिलिस के प्लान में ट्रंप प्रशासन से इंटरनेशनल ओलंपिक समिति से औपचारिक तौर पर विनती कर बीजिंग से 2020 शीतकालीन ओलंपिक वापस लेने की अपील भी दायर की गई है।

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Vidushi Mishra

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