चीन के वुहान में फिर पहुंचा कोरोना वायरस, सतर्क हुई सरकार

चीन के हुबेई प्रांत के वुहान शहर में एक बार फिर कोरोना वायरस पहुंच गया है। इस बार ये वायरस वुहान में नहीं पैदा हुआ बल्कि विदेश से पहुंचा है।

चीन के हुबेई प्रांत के वुहान शहर में एक बार फिर कोरोना वायरस पहुंच गया है। इस बार कोरोना वायरस वुहान में ही नहीं पैदा हुआ। इस बार ये कोरोना वायरस विदेश से पहुंचा है। इसे लेकर पहुंचा है एक चीनी छात्र जो इंग्लैंड में पढ़ाई कर रहा था। टेस्ट में पता चला था कि उसे कोरोना नहीं है। इसलिए उसे चीन जाने की अनुमति मिली लेकिन वुहान पहुंचने तक वह पॉजिटिव हो चुका था।

पिछले 10 दिन में सिर्फ एक केस

16 वर्षीय छात्र जिसका नाम झोउ बताया जा रहा है। वह कोरोना संक्रमण से लगभग मुक्त हो चुके वुहान में फिर कोरोना को लेकर आ गया है। वुहान में पिछले 10 दिनों में सिर्फ एक ही कोरोना वायरस का मामला सामने आया था। लेकिन अब इस छात्र के जाने से चीन की सरकार सतर्क हो गई है।

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वुहान के स्थानीय चिकित्सा अधिकारियों ने कहा कि यह झोउ वुहान का पहला इंपोर्टेड केस है। यानी पहला केस जो विदेश से संक्रमित होकर वुहान आया हो। जबकि उसके अंदर कोई लक्षण नहीं दिख रहे थे।

यूके में 1800 से ज्यादा मौतें

हुबेई प्रांत में लॉकडाउन हटने की खबर पाकर झोउ इंग्लैंड के न्यूकैसल शहर से दुबई होते हुए बीजिंग पहुंचा। इसके बाद वह वुहान पहुंचा। डेली मेल की खबर के अनुसार इस छात्र के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद चीन की सरकार बेहद ज्यादा सतर्क हो गई है। क्योंकि अभी तक चीन में कुल इंपोर्टेड कोरोना मामलों की संख्या 691 ही थी।

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जबकि, चीन से हजारों की संख्या में संक्रमित लोग दुनिया भर के देशों में गए। आपको बता दें कि दुनिया में अगर सबसे ज्यादा कोई कोरोना वायरस से परेशान है तो वो हैं यूरोपीय देश। यूके में कोविड-19 कोरोना वायरस के चलते 1800 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है जबकि, 25 हजार से ज्यादा लोग संक्रमित हैं।

सरकार ने 982 संक्रमित लोगों को किया चिन्हित

चीन के हुबेई प्रांत में 982 ऐसे लोगों को सरकार ने चिन्हित किया है जो कोरोना वायरस से संक्रमित तो हैं लेकिन उनमें कोई लक्षण नहीं दिखाई दे रहे हैं। इन सभी लोगों को अस्पतालों में डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है। बताया जा रहा है कि झोऊ 21 मार्च को न्यूकैसल इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पहुंचा। वहां उसकी जांच हुई तो उसमें कोरोना के लक्षण नहीं दिखे. इसिलए उसे आगे जाने दिया गया। जब वह बीजिंग पहुंचा तब भी उसमें कोरोना के लक्षण नहीं दिख रहे थे।

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23 मार्च को बीजिंग से वुहान हाईस्पीड ट्रेन से निकला। वुहान पहुंचते ही उसे आइसोलेशन में रख दिया गया। इस दौरान उसमें कोरोना के लक्षण दिखाई नहीं दिए। उसका 28 मार्च को न्यूक्लिक एसिड टेस्ट कराया गया। तब पता चला कि वह कोरोना वायरस से संक्रमित है। झोउ को तत्काल वुहान पल्मोनरी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। यह वुहान शहर का पहला आयातित कोरोना केस है। इससे पहले सिर्फ वुहान से कोरोना के मामले पूरी दुनिया में फैले थे।