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बेसहारा इमरान: सिर्फ 2 दिन का बचा समय, हुआ तरसे को तिनके का सहारा जैसा हाल

पाकिस्तान के इस्लामाबाद में प्रधानमंत्री इमरान खान के इस्तीफे के लिए विपक्षियों ने आजादी मार्च निकाला। इस आजादी मार्च की अगुवाई मौलाना फजलुर रहमान ने की, जोकि जमीयत-उलेमा-ए-इस्लाम के अध्यक्ष है।

Vidushi Mishra

Vidushi MishraBy Vidushi Mishra

Published on 2 Nov 2019 3:43 PM GMT

बेसहारा इमरान: सिर्फ 2 दिन का बचा समय, हुआ तरसे को तिनके का सहारा जैसा हाल
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नई दिल्ली : पाकिस्तान के इस्लामाबाद में प्रधानमंत्री इमरान खान के इस्तीफे के लिए विपक्षियों ने आजादी मार्च निकाला। इस आजादी मार्च की अगुवाई मौलाना फजलुर रहमान ने की, जोकि जमीयत-उलेमा-ए-इस्लाम के अध्यक्ष है। लेकिन अब आजादी मार्च को लेकर पाकिस्तान की सेना ने चेतावनी जारी की है। पाकिस्तानी सेना ने कहा कि किसी को भी देश में अस्थिरता और अराजकता पैदा करने की इजाजत नहीं दी जाएगी।

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मेजर जनरल आसिफ गफूर ने चेतावनी दी

मार्च का नेतृत्व कर रहे मौलाना फजलुर रहमान ने इमरान खान को 2 दिन के अंदर प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने की धमकी दी थी। इसपर पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ गफूर ने चेतावनी दी।

मेजर जनरल ने चेतावनी देते हुए कहा कि मौलाना फजलुर रहमान एक वरिष्ठ राजनीतिज्ञ हैं। उन्हें स्पष्ट करना चाहिए कि वह किस संस्था की बात कर रहे हैं। पाकिस्तान के सशस्त्र बल हमेशा लोकतांत्रिक रूप से चुनी हुई सरकारों का समर्थन करते हैं।

पाकिस्तान में आजादी मार्च की शुरुआत कराची के सोहराब गोथ से 27 अक्तूबर को हुई थी। शुक्रवार को यह अपने आखिरी गंतव्य स्थान इस्लामाबाद पहुंचा।

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बीती शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद मार्च निकालने पर मौलाना फजलुर रहमान ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि मैं इमरान खान की सरकार को चेतावनी देता हूं कि वह दो दिनों के भीतर पद प्रधानमंत्री पद से अपना इस्तीफा दें।

मौलाना फजलुर रहमान ने इमरान खान की तुलना सोवियत संघ के नेता 'मिखाइल गोर्बाचेव' से की। मौलाना ने कहा कि 'पाकिस्तान के गोर्बाचेव' को शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले लोगों के संयम की परीक्षा लिए बगैर ही पद से इस्तीफा देना चाहिए, वरना इसके नतीजे भयावह होंगे।

पाकिस्तान में इस रैली को संबोधित करते हुए कहा कि पाकिस्तान को चलाने का अधिकार यहां की जनता को है ना कि किसी सरकारी संस्थान को। साथ ही उन्होंने अपने आवास पर सरकार के खिलाफ आगे की कार्रवाई के लिए बहुदलीय सम्मेलन का आयोजन किया।

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