अल्टिमा थुले पर पानी मिलने के सबूत: नासा

कुइपर बेल्ट ऑब्जेक्ट 2014 एमयू 69 (उपनाम अल्टिमा थुले) के न्यू होराइजन्स अंतरिक्ष यान के नए साल 2019 पर उड़ान के दौरान एकत्र किए गए आंकड़ों के सिर्फ पहले सेट का विश्लेषण किया गया है, जिसमें उस क्षेत्र के खगोलीय पिंड के विकास, भूविज्ञान और रचना के बारे में बहुत कुछ खुलासा किया गया है।

वाशिंगटन: अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा को अल्टिमा थूले की सतह पर मेथनॉल, पानी की जमी बर्फ, और कार्बनिक अणुओं के एक अद्वितीय मिश्रण का सबूत मिला है। यह मानव जाति द्वारा खोजी गई अब तक की सबसे दूरस्थ दुनिया है।

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अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी ने अल्टिमा थूले की पहली प्रोफाइल जारी की है। इसके जरिये अंतरिक्ष की जटिल दुनिया के बारे में और अधिक जानकारी मिली है।

कुइपर बेल्ट ऑब्जेक्ट 2014 एमयू 69 (उपनाम अल्टिमा थुले) के न्यू होराइजन्स अंतरिक्ष यान के नए साल 2019 पर उड़ान के दौरान एकत्र किए गए आंकड़ों के सिर्फ पहले सेट का विश्लेषण किया गया है, जिसमें उस क्षेत्र के खगोलीय पिंड के विकास, भूविज्ञान और रचना के बारे में बहुत कुछ खुलासा किया गया है।

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शोधकर्ता अल्टिमा थूले की सतह की विशेषताओं का भी अध्ययन कर रहे हैं।

साइंस जर्नल में प्रकाशित शोध के अनुसार, शोध कर रही टीम को अल्टीमा थूले की सतह पर मेथनॉल, पानी की बर्फ और कार्बनिक अणुओं के सबूत मिले हैं।

 (भाषा)