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नीस हमला खुलासा: ट्यूनीशिया का रहना वाला 20 साल का हमलावर, ऐसे पहुंचा फ्रांस

नीस शहर में बीते दिन चर्च के पास चाकू से हमला करने वाले शख्स को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। गुरुवार को चर्च के पास तीन लोगों की हत्या करने वाली ये आतंकी मूल रूप से ट्यूनीशिया का मूल निवासी था। ये इटली से फ्रांस पहुंचा था।

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NewstrackBy Newstrack

Published on 30 Oct 2020 6:46 AM GMT

नीस हमला खुलासा: ट्यूनीशिया का रहना वाला 20 साल का हमलावर, ऐसे पहुंचा फ्रांस
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पेरिस। फ्रांस के नीस शहर में बीते दिन चर्च के पास चाकू से हमला करने वाले शख्स को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। गुरुवार को चर्च के पास तीन लोगों की हत्या करने वाली ये आतंकी मूल रूप से ट्यूनीशिया का मूल निवासी था। ये इटली से फ्रांस पहुंचा था। इस आरोपी की आयु लगभग 20 साल बताई जा रही है। इसके बारे में फ्रांस के एंटी टेरर डिपार्टमेंट ने ये जानकारी दी है। वहीं इस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि इस मुश्किल समय में अमेरिका फ्रांस के साथ है। और यूरोपीय यूनियन ने भी कहा है कि इस तरह के हमले बर्दाश्त नहीं किए जा सकते।

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हमलावर ट्यूनीशिया का नागरिक

ऐसे में एंटी टेरर डिपार्टमेंट के जीन फ्रेंकोइस रिकार्ड ने बताया कि हमलावर की पहचान ट्यूनीशिया के नागरिक के तौर पर की गई है। वह 20 सितंबर को इटली से फ्रांस आया था। इसके बाद 9 अक्टूबर को पेरिस पहुंचा। उसके पास एक धार्मिक ग्रंथ भी मिला।

इसके साथ ही पुलिस की जवाबी कार्रवाई में वो गंभीर रूप से घायल हुआ है और पेरिस में उसका इलाज चल रहा है। वहीं हमले में घायल हुए 44 साल के चौथे व्यक्ति की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई हैं। हमलावर के बारे में इससे पहले से कोई इंटेलिजेंस इनपुट नहीं मिला था।

नीस में हुए आतंकी हमले की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने निंदा की। ट्रंप ने कहा- इस तरह के हमले कतई बर्दाश्त नहीं किए जा सकते। हम इस मुश्किल वक्त में फ्रांस सरकार के साथ खड़े हैं। कट्टरपंथी इस्लामी आतंकियों के हमले हर हाल में बंद होने चाहिए। फिर चाहे ये फ्रांस में हों या किसी और देश में।

church attack फोटो-सोशल मीडिया

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क्ति की हत्या चर्च के भीतर

हमलावर को गुरुवार सुबह गिरफ्तार कर लिया गया। उसे हॉस्पिटल में भर्ती किया गया है, क्योंकि गिरफ्तारी के दौरान वह घायल हो गया था। हमले की जांच कर रही फ्रांस की एंटी-टेररिज्म एजेंसी का कहना है कि हमलावर अकेले ही काम कर रहा था। हम किसी और की तलाश नहीं कर रहे हैं।

नीस के मेयर क्रिस्टियन एट्रोसी ने कहा कि हमलावर पकड़े जाने के बाद अल्लाह-हू-अकबर का नारा लगा रहा था। इसके बाद कोई शक नहीं है कि उसका मकसद क्या था।एक व्यक्ति की हत्या चर्च के भीतर की गई है और बताया जा रहा है कि ये चर्च वॉर्डन था।

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘‘मैं फ्रांस में हाल ही में हुए आतंकी हमलों की कड़ी निंदा करता हूं। पीड़ितों और फ्रांस के लोगों के परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदना हैं। आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत फ्रांस के साथ खड़ा है।’

इस हमले में ब्रिटिश पीएम बोरिस जॉनसन ने कहा- नॉट्रे-डेम में गुरुवार को हुए बर्बर हमले की खबर सुनकर हैरान हूं। यूके आतंक और असहिष्णुता के खिलाफ फ्रांस के साथ मजबूती से खड़ा है।

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